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वैश्य बिरादरी ने दादरी में भाजपा टिकट के लिए ताल ठोंकी

 

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राजनीतिक परिदृश्य दादरी नगर पालिका चुनाव-2022 उठा पटक का दौर शुरू

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

नगर निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो चली है। इस वर्ष 2022 के दिसंबर माह तक नगर निकाय चुनाव-2022 होने तय माने जाने जा रहे हैं। सत्तारूढ भाजपा ने नगर निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई है। विधानसभा चुनाव और फिर ि़त्रस्तरीय पंचायत चुनावों में मिली विजय श्री से भाजपा खूब उत्साहित है और कोई कोर कसर बाकी नही छोडना चाहती है। गौतमबुद्धनगर की बात करें तो बनिया बिरादरी भाजपा में राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए पूरे मूड में दिखाई दे रही है। वैसे भी बनिया बिरादरी का वोट बैंक भाजपा का आधार और परापंरागत वोट बैंक माना जाता है। नोएडा क्षेत्र के अलावा गौतमबुद्धनगर में बनिया बिरादरी को महत्ता न के बराबर मिली हुई है। राज्यसभा सासंद से लेकर सासंद,तीनो विधायक, लोकसभा क्षेत्र की दूसरी विधानसभा सिंकद्राबाद और खुर्जा तथा दो एमएलसी और यहां तक की जिले की एक नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों तक में बनिया बिरादरी पूरी तरह से हाशिए पर पडी हुई हैं। राज्यसभा सासंद सुरेंद्र नागर, सासंद डा0 महेश शर्मा, नोएडा विधायक पंकज सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, एमएलसी शिक्षक श्रीचंद शर्मा, एमएलसी नरेंद्र भाटी, जिला  पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, लोकसभा की दूसरी विधानसभा खुर्जा मीनाक्षी सिंह, सिकंद्राबाद विधायक ठाकुर लक्ष्मीराज सिंह , ये सभी गैर बनिया बिरादरी से आते हैं। इन जनप्रतिनिधियों के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायतों की बात करें तो जिले की एक मात्र नगर पालिका दादरी की फिलहाल गीता पंडित चेयरमैन है।

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गीता पंडित का यह दूसरा कार्यकाल है। भाजपा ने लगातार गीता पंडित को दूसरी बार मौका दिया। बिलासपुर में साबिर कुरैशी, दनकौर में अजय कुमार भाटी, रबूपुरा में ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह, जेवर में बीरवती और जहांगीरपुर में ओमप्रकाश शर्मा आसान है, यह भी गैर बनिया बिरादरी से आते हैं। भाजपा की रणनीति है कि इस बार जिले की एक नगर पालिका और 5 नगर पंचायतो में पूरा परचम लहाया जाए और इसके लिए अभी से ही मजबूत, जमीनी और जिताउ लोगों की खोजबीन शुरू कर दी गई है। वहीं टिकट के दावेदारों ने भी अभी से अपने राजनीतिक आकाओं के यहां जी हुजूरी करनी शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा इस बार बिलासपुर, दनकौर, रबूपुरा,जेवर और जहांगीरपुर में भी बनिया बिरादरी को जरूर तरजीह देगी। किंतु इस बार दादरी में पेच फंसता हुआ साफ नजर आ रहा है। जिले की नगर पालिका और नगर पंचायातों में से सिर्फ दादरी और रबूपुरा में ही भाजपा का कब्जा है। दादरी नगर के राजनीतिक परिदृश्य को उठा कर देखे तों बनिया बिरादरी का वोट करीब 20,000, मुस्लिम करीब 40,000, ब्राहमण करीब 12,000, ठाकुर करीब 10,000, गुर्जर करीब 10,000, दलित करीब 12,000 और 15,000 अन्य बिरादरियों का वोट बैंक हैं। यही कारण है कि यहां पर लंबे अरसे तक सुरेंद्र चंद्र बंसल चेयरमैन रह चुके हैं।
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कुसुमलता गुर्जर बिरादरी से और केके सूफी मुस्लिम बिरादरी से चेयरमैन बन चुके हैं। दादरी में इस बार बनिया बिरादरी से टिकट मांगने की वालों की लंबी फेहरिस्त बन चुकी है। इनमें जगभूषण गर्ग जो 4 बार दादरी मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, पवन बंसल जो फिलहाल भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष हैं, मनोज गोयल उर्फ मूली जो पिछली बार सपा के टिकट पर चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं, इस बार भाजपा में रहते हुए मजबुती से दावदेरी पेश कर रहे हैं। इनके अलावा गैर बनिया राव नीरज भाटी जो नमित भाजपा के सभासद है। साथ ही रामनिवास विधूडी जो निर्वाचित सभासद हैं। वहीं वर्तमान चेयरमैन श्रीमती गीता पंडित भी तीसरी बार अपनी दावेदारी पेश करती हुई दिखाई दे रही हैं। टिकट किस को मिलेगा, किस को नही? यह तो बाद में ही तय होगा मगर जिस प्रकार बनिया बिरादरी ने भाजपा में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी की बात रखी है, उच्च स्तर पर भी इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। यहां गौर करने वाली  बात है कि गौतमबुद्धनगर भाजपा में इस समय 2 सुपर पावर हैं। बात यदि गीता पंडित के टिकट पर आती है तो सासंद डा0 महेश शर्मा और वहीं दूसरी ओर राज्यसभा सासंद सुरेंद्र नागर बिल्कुल आमने सामने हो सकते हैं। ऐसे में दादरी का टिकट बनिया बिरादरी के किसी मजबूत चेहरे को भी जा सकता है।