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वित्तीय वर्ष 2021-22  के दौरान अमरीका में हस्तशिल्प का निर्यात 14117.64 करोड़ रुपए ( 1893.40 मिलियन अमेरिकी डालर) का हुआ- राकेश कुमार

 


विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

डलास टोटल होम एंड गिफ्ट मार्केट, 2022 डलासटेक्सस, यूएसए में ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन 22.6.22 को महामहिम श्री असीम आर. महाजन, महावाणिज्य दूतावास, ह्यूस्टन, यूएसए की भव्य उपस्थिति में श्री शांतमनु विकास आयुक्त [हस्तशिल्प], कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकारऔर ईपीसीएच के आधिकारिक और भारतीय हस्तशिल्प के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताके साथ हुआ। यह भारत के लिए डलास टोटल होम एंड गिफ्ट मार्केट जैसे बड़े मंच पर अपनी अतुलनीय विविधता, समृद्ध संस्कृति, कला और शिल्प की परंपरा को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर है।

अद्वितीय, विशिष्ट और सर्वाधिक लोकप्रिय उपहारों और होम डेकोर की वस्तुओं की सोर्सिंग (खरीद) के लिए टोटल होम एंड गिफ्ट मार्केट सबसे बेहतरीन आयोजन माना जाता है। यहां बने स्थायी शोरूम में उत्पादों और संसाधनों के बेजोड़ चयन के साथ ही , द डलास टेम्प शो सभी श्रेणियों में सर्वोत्कृष्ट ब्रांडों को चुनता है, जिसमें कई उत्पाद तो ऐसे भी शामिल हैं जो केवल डलास में ही प्रदर्शित होते हैं।डलास मार्केट सेंटर को दुनिया भर में पूरी तरह से पूर्ण थोक व्यापारिक आयोजन और संसाधन के तौर पर माना जाता है। यह आयोजन 50 से अधिक वर्षों से खरीदारों और प्रदर्शकों को एक साथ लाने का बड़ा मंच रहा है। डलास मार्केट सेंटर एक वैश्विक बिजनेस टू बिजनेस केंद्र है और अमरीका के सबसे सशक्त और समृद्ध आर्थिक क्षेत्र में स्थित है। 

डलास मार्केट सेंटर में 50 लाख वर्ग फुट का परिसर है, जो चार इमारतों में स्थित है। ये इमारतें हैं - वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, ट्रेड मार्ट, इंटीरियर होम + डिज़ाइन सेंटर और मार्केट हॉल।यहां पर कल्पना की जा सकने वाली हर श्रेणी के सबसे नवीन उत्पादों को प्रदर्शित किया जाता है।

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 भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए,12, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, डलास मार्केट, टेक्सास, अमरीका में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) 22 से 25 जून, 2022 तक 5 मास्टर शिल्पियों / कारीगरों द्वारा भारतीय पारंपरिक शिल्प के लाइव प्रदर्शन के साथ इंडिया पवेलियन की स्थापना कर रहा है।

 इस मौके पर ईपीसीएच के महानिदेशक  राकेश कुमार ने सूचित किया कि हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय ने राजस्थान से ब्लूपॉटरी के शिल्प कौशल, गुजरात से कलात्मक बुनाई (ऊनी शॉल) और कच्छ शॉल बुनाई, बिहार से मधुबनीपेंटिंग, और हैदराबाद से सिल्वरफिलिग्री के शिल्प कौशल का लाइव प्रदर्शन करने के लिए पांच मास्टर शिल्पकारों को चयनित किया है।

 भारत की भागीदारी मेले की जीवंतता और विविधता को बढ़ाएगी और वैश्विक निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और ब्रांडों को भारतीय वस्त्र और घरेलू उपभोक्ता उत्पाद उद्योग की सशक्त उद्यमशीलता से परिचित कराएगी। इसके साथ ही यह भागीदारी भारत से सोर्सिंग के अवसर खोलेगी।

 

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विषय को विस्तार देते हुए ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक  आर.के.वर्मा ने बताया कि अमेरिका भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों का प्रमुख बाजार है। यही वजह है कि दुनिया भर में भारतीय कंपनियों के लिए डलास टोटल होम एंड गिफ्ट मार्केट एक महत्वपूर्ण मार्केटिंग माध्यम साबित हो सकता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका को भारत के हस्तशिल्प का निर्यात 14117.64 करोड़ रुपये (डालर में 1893.40 मिलियन)रहा है । इस मेले में भारत पर फोकस होने से निर्यात को और प्रोत्साहन मिल सकेगा।.

ईपीसीएच दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में  विदेशों में भारत की छवि बनाने के लिए जिम्मेदार एक नोडल संस्थान है।वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान हस्तशिल्प निर्यात 33253.00 करोड़ रुपये (4459.76 मिलियन डॉलर) रहा, जिसमें बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रुपये के संदर्भ में  29.49% की  वृद्धि दर्ज की गई है वहीं डालर के संदर्भ में  29.90% का बदलाव देखा गया। इस अवसर पर ईपीसीएच के महानिदेशक  राकेश कुमार ने सूचित किया कि  वित्तीय वर्ष 2021-22  के दौरान अमरीका में हस्तशिल्प का निर्यात 14117.64 करोड़ रुपए ( 1893.40 मिलियन अमेरिकी डालर) का हुआ है जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के संदर्भ में 43.25% और डॉलर के संदर्भ 42.60 % की वृद्धि दर्ज की गयी है।