सूरजपुर में प्राचीनकालीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2022 का छठवां दिन---कालू इंदौर, सरिता कश्यप, निशा जांगडा,रूबी चौधरी, और योगेश डागर आदि कलाकारांं की रही रागनियांं की धूम




दिखे क्षत्रिय का लाल, वन हो वे वीरान। दिल मेंं बस गई तेरी चंदा सी शान, ले हाथ कुलहाडा मारी तेरी किस्मत।। रागनी प्रस्तुत करते हुए खूब तालियां बटोरीं


 


मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/सूरजपुर

------------------------------------------------ सूरजपुर में चल रहे प्राचीन ऐतिहासिक बाराही मेला-2022 के  छठवें दिन मंगलवार को प्रति दिन की भांति बाराही मेले के सर्वोत्तम मंच संस्कृति मंच से रात्रिकालीन कार्यक्रमों की शुरूआत सरस्वती वंदना और आरती के साथ हुई। रागनियों के रंगारंग कार्यक्रमों में कालू इंदौर, सरिता कश्यप, निशा जांगडा,रूबी चौधरी और योगेश डागर आदि कलाकारांं ने खास प्रस्तुतियां दीं। सरिता कश्यप ने मूर्ख और ज्ञानी के बीच प्रसंग से बिना अकल, बिन बुद्धि मानव----- रागनी प्रस्तुत की। निशा जांगडा और योगेश डागर ने सत्यवान सावित्री के किस्से से-- दिखे क्षत्रिय का लाल, वन हो वे वीरान। दिल मेंं बस गई तेरी चंदा सी शान, ले हाथ कुलहाडा मारी तेरी किस्मत।। रागनी प्रस्तुत करते हुए खूब तालियां बटोरीं। सरिता कश्यप और कालू इंदौर ने राजा भृतहरि- रानी पिंगला के प्रसंग से रागनी प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। जब कि सरिता कश्यप ने कासना नर सुल्तान और कंवर निहाल दे की अमर प्रेम गाथा प्रसंग से रागनी प्रस्तुत की। शिव मंदिर मेला समिति के महासचिव ओमवीर बैंसला द्वारा रचित --- भारी कष्ट उठा कर दिया जन्म और प्यार। माता पिता की सेवा करना विनती बारमबार।। रागनी कालू इंदौर ने प्रस्तुत करते हुए श्रोताआेंं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव मंदिर मेला समिति के महासचिव ओमवीर बैंसला, सहसचिव विनोद सिकं्रदाबादी और महाराज सिंह उर्फ पप्पू, राजपाल भडाना, दीपक नागर आदि पदाधिकारियों ने कालू इंदौर एंड पार्टी के कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि दिनांक 21 अप्रैल-2022, गुरूवार की सांय हरियाणा और राजस्थान के कलाकारों तथा विभिन्न स्कूलांं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। जब कि रात्रिकालीन रागनियों के रंगारंग कार्यक्रमों में  ज्ञानेंद्र सरदाना,पूजा शर्मा और जगमोहन आदि कलाकार खास प्रस्तुतियां देंगे। इस मौके पर कार्यक्रम मे चौधरी धर्मपाल भाटी प्रधान, ओमवीर बैंसला, लक्ष्मण सिंघल, मूलचंद शर्मा और बिजेंद्र ठेकेदार, विनोद सिकंद्राबादी, भोपाल ठेकेदार, रवि भाटी, लीलू भगतजी, ज्ञानेंद्र देवधर, 0 शिवदत्त आर्य,अनिल कपासिया, राजकुमार नागर, पवन जिंदल, राजवीर शर्मा, लीलू भगतजी, विनोद पंडित तेल वाले, 0 राजेश ठेकेदार, महाराज सिंह उर्फ पप्पू, ब्रहम सिंह नागर आदि मेला समिति के पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

 विशेष आर्कषणः----बाराही मेले मेंं लगा मीना बाजार बन कर रहा है, आकषर्ण का केंद्र






औरतें करती हुई दिखाई देती है जरूत के सामनों की खरीद्दारी----------सूरजपुर  में चल रहे प्राचीनकालीन बाराही-2022 मेले में लगा हुआ मीना बाजार खासा आकषर्ण का केंद्र बना हुआ है। मीना बाजार में औरतें जरूत के सामानों की खरीद्दारी करती हुई दिखाई देती है। शाम को जैसे ही मेला शुरू होता है, मीना बाजार भी गुलोगुलजार होने लगता है, यहां दुकानदरांं से लेकर खरीद्दारी करने वाले लोगांं की चहल पहल बढने लगती है। मीना बाजार में प्लास्टिक के सामन से लेकर सभी जरूरत का सामान मिल जाता है। इनमें घडी, चश्मे, खेल खिलौने, बैलून, हुक्का, मिट्टी के प्राचीनकालीन बर्तन, चाबी के छल्ले, ज्वैलरी, आर्ट फिशियल ज्वैलरी, बिंदी नाखूनी,क्रीम यानी कॉस्मैटिक्स का सामान सभी चीजे मिल जाती है। मीना बाजार की ज्यादतर दुकानों पर हर माल 10 रूपया, 20 रूपया, 50 रूपया, 80 रूपया और 100 रूपये तक बोर्ड लगे हुए हैं। इसके अलावा कुछ चीजें मोलभाव के जरिए जायज रेट पर भी मिल जाती हैं। शिव मंदिर मेला समिति के अध्यक्ष चौधरी धर्मपाल भाटी प्रधान, महासचिव ओमवीर बैंसला, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंघल और मीडिया प्रभारी मूलचंद शर्मा ने बताया कि प्राचीनकालीन बाराही मेले की शुरूआत से यहां पर जरूरत की चीजों के लिए दुकान लगाई जाती थी किंतु जैसे जैसे बाराही मेला भव्य रूप लेता गया यह मीना बाजार भी बढता चल गया है, फिलहाल इस बार मीना बाजार में दर्जनों दुकानेंं जरूरत के सामनों की लगी हुई हैं। मीना बाजार में घडी, चश्मे, खेल खिलौने, बैलून, हुक्का, मिट्टी के प्राचीनकालीन बर्तन, चाबी के छल्ले, ज्वैलरी, आर्ट फिशियल ज्वैलरी, बिंदी नाखूनी,क्रीम यानी कॉस्मैटिक्स आदि सभी जायज रेट पर मिल जाती है। औरतें इस मीना बाजार में सबसे ज्यादा खरीद्दारी करती हुई दिखाई देती है क्यांंकि उन्हें जरूरत का सारा सामान यहां मिल जाता है। उन्होंने बताया कि सूरजपुर में बर्फखाना की ओर से बाराही मेले में जाने वाले रास्ते के प्रवेश द्वार से ही मीना बाजार शुरू हो जाता है और वहीं दूसरी ओर प्राचीनकलीन बाराही मंदिर तथा संस्कृति मंच अतिथि मंच मल्ल स्थल की ओर से भी मीना बाजार मेंं प्रवेश किया जा सकता है।