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चौधरी प्रियंका अत्रि एडवोकेट

----------------------------------------समाज की पुरुष-प्रधान मान्यताओं को बीते कई दशकों से महिलाओं ने चुनौती देते हुए हर क्षेत्र में स्वयं को स्थापित किया है। जब जब महिलाओं पर अत्याचार हुए हैं, महिलाओं को अनदेखा करके उन्हें कमजोर समझने की भूल की है, तब तब रानी लक्ष्मीबाई तो कभी इंदिरा कभी माया तो कभी प्रतिभा जैसी महिलाओं ने समाज में जन्म लेकर प्रतिभाशाली और शक्तिशाली महिला का रूप धारण करके इस देश पूरी शक्ति और कुशलता से नेतृत्व किया है।  ..ऐसी मिसाल  हमारे सामने बहुत है जिन्होंने महिला का एक शक्तिशाली रूप इस देश के सामने पेश किया है।. आज भी समाज में बहुत सी महिलाएं हैं जो सशक्त रूप से सक्षम और कामयाब है, मैं उन लोगों को बड़ा बेचारा और मुर्ख समझती हूं जो महिला को कमजोर निर्बल और बेसहारा समझने की भूल करते हैं।  महिला मां है ,बहन है, बेटी है ,बहू है ,पत्नी है ,एक अच्छी दोस्त भी महिला ही हो सकती है, कई उदाहरण ऐसे भी देखने को मिलते हैं जहाँ पुरुषों ने भी महिला विरोधी रूढ़ियों का विरोध किया और उनके समान अधिकारों की बात की ऐसे पुरुषों को भी मैं नमन करती हूं समाज में सभी का सम्मान हो चाहे महिला हो पुरुष हो विशेषकर महिला घर हो या बाहर हो सम्मान की हकदार होती है क्योंकि एक महिला ही घर को संभालती है और जरूरत पड़ने पर बिजनेस ऑफिस संभाल ने में अपनी अच्छी भूमिका निभाती है चाहे राजनीतिक क्षेत्र हो, जब महिला राजनीति करने पर उतरती है, तो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, गृह मंत्री ;वित्त मंत्री विदेश मंत्री सब कुछ बन जाती है।  ऐसे बहुत उदाहरण हमारे देश में जिन्होंने बड़ी कुशलता पूर्वक नेतृत्व करके सशक्त महिला का उदाहरण पेश किया है।  महिलाओं के अदम्य साहस, सम्मान, समानता, सुरक्षा, सहभागिता और सशक्तीकरण के लिये समर्पित "अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस" के अवसर पर समस्त नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं  एवं बधाई।