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अच्छे और सच्चे लोगों की कोई कदर नहीं, बुरे और गंदे लोगों को कोई सबर नहीं

 



हर गली मोहल्ले में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता खडा करना पड़ेगा, क्योंकि केवल कांग्रेस पार्टी ही भाजपा को हराने में सक्षम हैं

 



चौधरी शौकत अली चेची


-----------------------------राजनीति का गिरता हुआ स्तर न जाने किस मोड़ पर जाकर रूकेगा? सत्ता में बैठी सरकारें चुनाव प्रचार में ही व्यस्त रहती हैं। विपक्षी पार्टिंया अपने आप को उभरने में सक्षम नहीं दिखाई दे रही हैं। भाजपा और आरएसएस े की अगर बात की जाए तो दोनों का तालमेल़ सब पर भारी पड़ रहा है।  भाजपा को सबसे ज्यादा कांग्रेस से ही खतरा है, इसीलिए हर एंगल पर भाजपा के साथ सभी पार्टियां कांग्रेस को घेरती रहती हैं। सबसे ज्यादा शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त नहीं है, पर सभी चुनावों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है। कांग्रेस के पदाधिकारी कहीं नजर नहीं आते, कांग्रेस के बड़े नेता हर एंगल पर दिखाई देते हैं, लेकिन भाजपा  के पदाधिकारी हर गली मोहल्ले में नजर आते हैं शायद यही कारण है कांग्रेस, भाजपा को हराने में सक्षम नहीं हो पा रही है। क्षेत्रीय पार्टियों का वजूद केवल एक समुदाय विशेष पर ही टिक कर रह जाता है। जागरुकता के आधार पर कांग्रेस पार्टी, भाजपा को बैक फुट पर धकेल रही है लेकिन कांग्रेस की कार्यकारिणी कंपलीट नहीं है, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की कमी से कांग्रेस पार्टी अपने खोए हुए वजूद को वापस लाने में पिछड़  रही है। मीडिया, इलेक्शन कमीशन और ईवीएम पर सवाल शक के दायरे में जरूर दिखाई देता है लेकिन देश का लगभग 80 प्रतिशत वोटर बुद्धिहीनता की तरफ दौड़ रहा है, जाति धर्म की द्वेष भावना भाजपा को लाभ की तरफ लगातार ले जा रही है। सच्चाई को दबाने के लिए लगभग 100 बार झूठ बोला जाता है, अनजान लोग फिर विश्वास करने ही लगते हैं। देश आजाद होने के बाद तरक्की की तरफ बढ़ा था। हर चुनावों के समय जहरीले बयानों का इस्तेमाल भरपूर मात्रा में होता है तथा अरबों रुपए पानी की तरह बहा दिए जाते है, उसके बाद महंगाई का


जिन्न बुद्धिहीन जनता के ऊपर सवार हो जाता है फिर प्रॉपगंडा तैयार किया जाता है कि महंगाई से देश मजबूत हो रहा है। देखते ही देखते सत्ता में बैठे लोग अरबों में खेलते हैं, बुद्धिहीन लोगों को चंद् रुपए और चंद् रुपए की कुछ फ्री रेवड़ी बांटकर खुश कर दिया जाता है। कुछ पार्टी के लोग दो राज्यों में सरकार बना कर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने लगते हैं। टैक्स के पैसों से मौज मस्ती करने वाले लोग देश की अनजान जनता को मूर्ख लगातार बनाते चले आ रहे हैं। कानून का दुरुपयोग जमकर होता है। सवाल आता है कि कानून ही समस्या का समाधान है तो बड़े.बड़े लोगों पर लागू क्यों नहीं होता है? अगर किसी वजह से संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया तो कार्रवाई नहीं होती या मुकदमा वापस हो जाता है, विरोधियों को जरूर कानून के चंगुल में फसाकर बर्बाद कर दिया जाता है तथा आम जनता को 24 घंटे में संगीन धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल में डाल दिया जाता है।  जनता के पैसे तथा जनता के वोट से जिंदगी का हर सुख भोग ने वाले हमारे ही देश के तो नागरिक हैं, इनकी मानसिकता पावर में आने के बाद क्यों बदल जाती है? हर हफ्ते एक नया कानून बना कर तैयार कर दिया जाता है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत दुरुपयोग मजबूती से होता है, अच्छे और सच्चे लोगों की कोई कदर नहीं, बुरे और गंदे लोगों को कोई सबर नहीं, कांग्रेस की अगर बात की जाए तो भाजपा में कांग्रेसी नेताओं की भरमार है, जाहिर सी बात है लोहा ही लोहे को काटता है। सत्ता में आने के बाद हर नेता सत्यवादी हरिश्चंद्र बन जाता है,दूध का धुला हो जाता है। इंटरनेट सेवा और ईवीएम मशीन कांग्रेस की ही देन है, जो कांग्रेस पार्टी के लिए नासूर बन कर खड़ी हैं। अब समझना यह भी होगा

कांग्रेस पार्टी अपने आप को क्या खड़ा कर पाएगी या केवल विपक्षी पार्टियों पर ही आरोप लगाती रहेगी।  अगर कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापसी होना है तो हर गली मोहल्ले में कांग्रेसी पदाधिकारी ओर कार्यकर्ता खडा करना पड़ेगा
, क्योंकि केवल कांग्रेस पार्टी ही भाजपा को हराने में सक्षम है। क्षेत्रीय पार्टियां केवल एक प्रदेश तक ही सिमट कर रह जाती हैं। कांग्रेस पार्टी को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि जो वोटर भटक गया था वह कांग्रेस की तरफ आने की सोच रहा है,लेकिन जमीनी स्तर पर कांग्रेस पार्टी को खड़ा होना जरूरी है। आगे आने वाला समय कांग्रेस के लिए ऊर्जावान हो सकता है, लेकिन उसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति और पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं की जनसंख्या बड़े स्तर पर बढ़ानी पड़ेगी। टीवी डिबेट से केवल भाजपा को ही लाभ हो रहा है। सभी विपक्षी पार्टियों को टीवी पर बहस करने के बजाए चर्चा या कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए। काल करे सो आज कर आज करे सो अब पल में प्रलय होएगी फिर करेगा कब? हम करें आपस में प्यार तरक्की हो जाएगी झूठ गुमराह नफरत तो वह चीज है इंसान तो क्या पत्थर को भी खा जाएगी। चोट लगने के बाद चिल्लाता है दर्द में आराम मिलने के बाद सब कुछ भूल जाता है। सर्प निकल जाए तो लकीर पीटने से क्या फायदा। पछेती खेती पछेती औलाद नुकसान देह होती है। घर की चारदीवारी नहीं होना,फसल और खेत की देखभाल नहीं करना नुकसान देह होता है। समझने वाले समझ जाते हैं नहीं समझने वाले अनाड़ी ही कहलाते हैं। एकता जागरूकता भाईचारा तरक्की का रास्ता झूठ गुमराह नफरत बर्बादी का रास्ता। जय जवान जय किसानए हमारे देश की मजबूत पहचान। जय हिंद-जय भारत।

लेखकः. चौधरी शौकत अली चेची भारतीय किसान यूनियन( बलराज) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष  हैं।