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जिला ईंट भट्ठा निर्माता समिति गौतमबुद्धनगर ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ऐलान किया


 

जिला ईंट भट्ठा निर्माता समिति गौतमबुद्धनगर ने ऐलान किया है कि प्रदूषण का बहाना लेकर गौतमबुद्धनगर के ईंट भट्टों को जून-2021 से बंद किया हुआ है और साथ ही जीएसटी व कोयले के बढते हुए मूल्य आदि कई तरह की अडचने लगा कर ईंट भट्टा जैसे कुटीर उद्योग को एक तरह से तबाह किया जा रहा है। इन तमाम समस्याओं को लेकर गौतमबुद्धनगर के ईंट भट्टा निर्माता आगामी 8 मार्च-2022 को जंतर मंतर दिल्ली के लिए कूच करेंगे और वहंा पर प्रधानमत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा- ओमवीर सिंह भाटी एडवोकेट अध्यक्ष जिला ईंट निर्माता समिति गौतमबुद्धनगर

 

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

जिला ईंट भट्ठा निर्माता समिति गौतमबुद्धनगर ने ऐलान किया है कि प्रदूषण का बहाना लेकर गौतमबुद्धनगर के ईंट भट्टों को जून-2021 से बंद किया हुआ है और साथ ही जीएसटी व कोयले के बढते हुए मूल्य आदि कई तरह की अडचने लगा कर ईंट भट्टा जैसे कुटीर उद्योग को एक तरह से तबाह किया जा रहा है। इन तमाम समस्याओं को लेकर गौतमबुद्धनगर के ईंट भट्टा निर्माता आगामी 8 मार्च-2022 को जंतर मंतर दिल्ली के लिए कूच करेंगे और वहंा पर प्रधानमत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा। यह बात ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिला ईंट निर्माता समिति गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह भाटी एडवोकेट और जिला महामंत्री रजनीकांत अग्रवाल और उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के उप सचिव/उपमंत्री मनीष कुमार सिंघल ने कही। उन्होंने कहा कि ााआज तारीख में ईंट भट्टा उद्योग एन०सी०आर० के क्षेत्र में पूर्णतया सकट में हैए देश के औद्योगिक विकास में लाल ईंट का महत्त्वपूर्ण योगदान है। सरकार द्वारा पूर्व में जिंक जैग तकनीक पर ईंट भट्टो को परिवर्तित करने का आदेश दिया जिसके तहत जिले के प्रत्येक भट्टा मालिक ने लगभग 50 लाख रुपये की लागत लगाकर भट्टो को जिंग जैक पद्धति में परिवर्तित करके पर्यावरण संतुलन में सहयोग कियाए भट्टा उद्योग एक कुटीर उद्योग है। यह एक सीजनल उद्योग भी हैए यह उद्योग लाखों अनस्किल्ड मजदूरों को रोजगार देने का कार्य करता है। अब जबकि भट्टा मालिक पर्यावरण संतुलन में भी और देश के आर्थिक विकास में भी सहयोग करने के लिये तत्पर है। ऐसे में एन०जी०टी० कोर्ट द्वारा एन०सी०आर० में भट्टो पर रोक लगाई हैए भारत सरकार द्वारा अभी एक अध्यादेश पारित कर पूरे भारत वर्ष में जिक जैग मट्टे चलाने की अनुमति दी है। कोयला भी पिछले वर्ष 8000ध् प्रतिटन था अब 20000ध् रुपये प्रतिटन है और सरकार द्वारा जी०एस०टी० में भी बेहद वृद्धि की गई है। 01 प्रतिशत वाला स्लैब 6 प्रतिशत व 5 प्रतिशत वाला स्लैब 12 प्रतिशत 01 अप्रैल 2022 से करने की घोषणा की गई है। भट्टा मालिक जी०एस०टी० की कोई भी धनराशि आम ग्राहक से नहीं लेता है। ऐसे में कोयला के रेट की वृद्धि व जी०एस०टी० की वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ता पर पड़ेगाए जिससे आम नागरिक को अपना मकान बनाना मुश्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन ने एनसीआर और खासकर गौतमबुद्धनगर के  ईंट भट्टो को तुरन्त  नही चलवाया और जी०एस०टी० पुराने ही स्लैव नही ली एवं सरकारी कोयला का कोटा भी भट्टा मालिकों को उपलब्ध नही  करवाया तो, इन तमाम समस्याओं को लेकर गौतमबुद्धनगर के ईंट भट्टा निर्माता आगामी 8 मार्च-2022 को जंतर मंतर दिल्ली के लिए कूच करेंगे और वहंा पर प्रधानमत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा।