जेवर विधानसभा क्षेत्र में समीकरण पूरी तरह से बदले
 


दादरी में गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा विवाद का
 मुद्दा भी चुनावों में पूरी तरह से छाया रहा 

मौहम्मद  इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
गौतमबुद्धनगर की तीनों विधानसभा सीटों पर चुनाव बेहद रोचक हो गया है। नोएडा में एक बार फिर विधायक पंकज सिंह चुनाव मैदान में है वहीं दूसरी ओर सपा से सुनील चौधरी, कांग्रेस से पंखुड़ी पाठक समेत तमाम प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। यहां भाजपा अपनी सीट बरकरार रखती है या नहीं यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा मगर इस बार चुनाव बेहद रोचक है। दादरी विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो विधायक मास्टर तेजपाल नागर एक बार फिर चुनाव मैदान में है वहीं दूसरी ओर सपा से राजकुमार भाटी और बसपा से मनवीर भाटी, कांग्रेस से दीपक भाटी चोटीवाला ,आम आदमी पार्टी से संजय भैया समेत तमाम प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। यहां गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा विवाद का मुद्दा भी चुनावों में पूरी तरह से छाया रहा है। 
सपा की ओर से गुर्जर सम्राट मिहिर भोज प्रकरण को बनाने की पुरजोर कोशिश की गई है किंतु वही सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव चुनाव प्रचार के लिए आए तो सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माला न चढाने का मुद्दा भी खासा सुर्खियों में रहा है। आम आदमी पार्टी के दादरी विधानसभा प्रत्याशी संजय भैया ने बाकायदा मीडिया के सामने आकर यह मुद्दा उठाया और समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा था। दाधरी में भाजपा अपनी सीट बरकरार रख पाती है यह नहीं यह भी चुनावी गर्भ में छिपा है किंतु यहां चुनाव कांटे का होता हुआ दिखाई दे रहा है। अब बात गौतमबुद्धनगर जिले की हॉट सीट बन चुकी जेवर विधानसभा की करें तो यहां चुनाव समीकरण पूरी तरह से बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखी जा चुकी है। भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह एक बार फिर चुनाव मैदान में है। भाजपा यहां विकास के मुद्दे को लेकर चुनावी वैतरणी पार लगाने  की जुगत में लगी हुई है। वही मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से  भाजपा के विधायक रहे अवतार सिंह भडाना  के चुनाव  लड़ने से खासा चर्चित हो गया है। भाजपा के बागी अवतार सिंह भडाना सपा  रालोद गठबंधन प्रत्याशी  के रूप में चुनाव मैदान में है। सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी अवतार भड़ाना नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही कोविड-19 की बात कहते हुए एक बार तो भाग खड़े हुए थे ,किंतु ऐन वक्त पर फिर पलटी मारी और चुनाव मैदान में आ डटे। दूसरे सभी दलों के प्रत्याशी अवतार भड़ाना को पैराशूट और बाहरी बताते हुए निशाना साधते रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बसपा के प्रत्याशी एडवोकेट नरेंद्र भाटी डाढा बसपा सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों के सहारे अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।  जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चौधरी भी किसी तरह पीछे नहीं है। मनोज चौधरी पूर्व में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष को मुद्दा बनाकर  वे अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसी तरह आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी पूनम सिंह और पथिक जनशक्ति पार्टी के प्रत्याशी प्रधान धनीराम नागर समेत के सभी दलों के प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार समाप्त हो जाने के बाद रूठो को मनाने में लगे हुए हैं। कुल मिलाकर  जेवर विधानसभा क्षेत्र में समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं और इस बार  चुनाव  पूरी तरह से गुर्जर और मुस्लिम मतदाताओं पर टिका है, चुनाव परिणाम बेहद चौंकने वाले साबित होंगे।