विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

राकेश कुमार शर्मा (कार्यकारी अध्यक्ष- आईईएमएल) ने सोमवार को घोषणा की कि 11वीं असाधारण आम बैठक में कंपनी ने 28 दिसंबर 2021 से अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आईईएमएल ने राजेश कुमार जैनको स्वतंत्र निदेशकों के रूप में नियुक्त किया है इसके साथ हीश्री शर्मा ने नए स्वतंत्र निदेशकों के बारे में जानकारी भी दी है श्री जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट हैं और कोलकाता के सेंटजेवियर्स यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक हैं वे एक्समार्ट इंटरनैशनलनई दिल्लीहस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषदभारतटीपीएफ ऑर्गेनाइजेशन और जेआईटीओनई दिल्ली जैसी कई संस्थानों से भी जुड़े हैं  इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड का गठन 12 अप्रैल, 2001 को नई दिल्ली में 'इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेडएक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के तौर पर किया गया, 26 मार्च 2003 को तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने इसकी आधारशिला रखी और वेन्यू का उद्घाटन 6 जनवरी 2006 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था हस्तशिल्पआतिथ्य और निर्यात सेक्टर को बुलंद करने के ईरादे से चिरस्थायी कार्यात्मक आजादी पाने के लिए दृढ़ संकल्प, राकेश कुमार शर्मा ने ग्रेटर  नोएडा के तत्कालीन नए समेकित औद्योगिक टाउनशिप में एक व्यापाकअत्याधुनिकबहुउद्देशीय प्रदर्शनी स्थल और एक्सपोर्ट सेंटर की परिकल्पना की जो मार्ट और प्रदर्शनी और सम्मेलन क्षेत्रों से निर्बाध जुड़े रहें और ध्वनि एवं नवीन सुविधाओं से सुसज्जित होंमुख्य रूप से उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रदर्शनियों के भारत में आयोजन की मूलभूत जरूरतों के अंतर को पूरा करना और निर्यात बिरादरी की जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ भारत में आरंभ हुए बैठकपहलसम्‍मेलन और प्रदर्शनी (एमआईसीई) ट्रेड को बढ़ावा देना था स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के रूप में परिकल्पितआईईएमएल का वित्तपोषण शुरू में निर्यातकों ने कियाध्यानपूर्वक योजनाएं बनाई गईंऔर भारतीय हस्तशिल्प निर्यातक बिरादरी और अन्य सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों/निकायों ने सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजना पीपीई) के रूप में इसका सामूहिक रूप से प्रोत्साहन और तीव्र समर्थन किया गया इसके औचित्य पर विस्तृत अध्ययन के बाद और भारत सरकारग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और निर्यात समुदाय के पहल से एक 700 करोड़ रुपये की इंडिया एक्सपो सेंटर ऐंड मार्ट परियोजना शुरू की गई पीपीई को चरणबद्ध तरीके से तय समय से पहले पूरा करने के साथ 'राउंड ओक्लॉक इंटरनैशनल मार्केटिंगके जरिए भारतीय हस्तशिल्प निर्यात की विशाल क्षमता को और मजबूत बनाने वाली आईईएमएल देश की पहली अत्याधुनिक परियोजना बन गई आज यह देखना बहुत संतोषजनक है कि आईईएमएल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण उल्लेख होता है जो अब ग्रेटर नोएडा को एक सुविधाजनक व्यवसाय और ट्रैवल जंक्शन के रूप में भी पहचानते हैं अब विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकोंसुविधाओं और टेक्नोलॉजी के दुर्लभ संयोजन के साथ 1,000 मिलियन से अधिक टर्नओवर वाले इस भव्य आयोजन स्थल का शायद ही कोई विकल्प हो जो अंतरराष्ट्रीय बी-बी इवेंट के लिए उपयुक्त हो और बिजनेस के लिए विदेशी खरीदारों के साथ साथ कुटीर उत्पादों के निर्यातकों के लिए अहम कॉन्टैक्ट पॉइंट के रूप में भी काम करता हो इतनी भव्य और बड़ी सुविधा की स्थापना के लिए प्रशंसा की जाती है और उम्मीद जताई जाती है कि इसकी सुविधाओं और विशाल क्षमता का उपयोग किया जाएगा