तुलसी पूजन और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर 25 दिसंबर 2021 की पूर्व संध्या पर निशुल्क शिक्षा अभियान मे झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे गरीब बच्चों के लिए ड्राइंग कंपटीशन करवाया गया
विजन लाइव /ग्रेटर नोएडा
पिछले काफी समय से लगातार निशुल्क शिक्षा और निशुल्क खेल प्रशिक्षण माता गुर्जरी पन्नाधाय ट्रस्ट के द्वारा जारी  है।  ट्रस्ट की टीम  रेखा गुर्जर, अंजलि चौहान ,शशि लोहोमोर्ड मावी, काव्या खटाना और बास्केटबॉल कोच राजकुमार गुर्जर के द्वारा सामाजिक सेवा द्वारा तुलसी पूजन और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर 25 दिसंबर 2021 की पूर्व संध्या पर निशुल्क शिक्षा अभियान मे झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे गरीब बच्चों के लिए ड्राइंग कंपटीशन करवाया गया, जिसमें बच्चों के लिए प्रथम ,द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर के सम्मानित किया गया, जिसमें लक्ष्मी प्रथम, द्वितीय आरती और तृतीय मुकेश, स्थान पर रहे
 इसके अलावा बच्चों को स्टेशनरी का भी वितरण किया गया और कोयंश मावी भी ने इन बच्चों को टॉफी इत्यादि देकर के बच्चों की खुशियों में शामिल हुई। अंजली चौहान, शशि लोहमोड मावी और काव्य खटाना इतना व्यस्त होने के साथ-साथ अपना पूर्ण सहयोग देने की कोशिश कर रहे हैं। माता गुजरी पन्नाधाय ट्रस्ट और विशाल युवा हिंदू वाहिनी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष रेखा गुर्जर ने बताया कि ट्रस्ट के द्वारा लगातार इन बच्चों के शिक्षा निरंतर जारी है और इनको  समाज में आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। ट्रस्ट के द्वारा बास्केटबॉल और फुटबॉल की कोचिंग भी निशुल्क दी जा रही है। ऑक्सफोर्ड ग्रीन पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में निशुल्क कोचिंग दे रहे कोच राजकुमार गुर्जर ने बताया कि गांव देहात के बच्चों को खेल के क्षेत्र मे छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए कोचिंग दी जा रही है और ज्यादा से ज्यादा बच्चों को जागरुक किया जा रहा है। कोचिंग के द्वारा बालक और बालिकाओं ने स्टेट लेवल पर भी नाम रोशन किया है। निरंतर निशुल्क शिक्षा और खेल प्रशिक्षण जारी है । ट्रस्ट के द्वारा यही संदेश है कि जो भी गांव देहात का बच्चा खेल के क्षेत्र मे आगे बढ़ रहा है,  निशुल्क कोचिंग के द्वारा मार्गदर्शन  कर पूरा सहयोग दिया जाएगा । अंजलि चौहान और शशि ने बताया कि हमें अपनी संस्कृति और त्यौहारों पर इन बच्चों के बीच मैं आकर मनाने को लेकर के जो खुशियां देने की कोशिश है , सब को एक समान होने का एहसास रहे ऐसी एक कोशिश की जा रही है।