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गौतमबुद्धनगर में बाल शिक्षा अधिकार कानून की धज्जियां उडी

  


गौतमबुद्धनगर में एक छात्र को स्कूल की कक्षा में नही बैठने दिए जाने का आरोप

 


नोएडा सेक्टर-05 के हरौला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय से संबंधित मामला सीएम दरबार में पहुंचा

 


शिकायत पत्र में आरोपः-कक्षा अध्यापिका बडी पहुंच रखती हैं और इसी हनक के चलते हुए उनके बेटे को कक्षा में नही बैठने दिया जा रहा है

 




यदि प्रार्थनी के पुत्र को स्कूल में कक्षा में नहीं पढ़ाया जाता है, तब प्रार्थनी जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आत्मदाह कर लेगीः पीडिता श्रीमती किरन पाल पत्नी श्री जनक सिंह

 


गौतमबुद्धनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धमेंद्र कुमार सक्सेना से संपर्क स्थापित किया गया मगर वे प्रकरण से संबंधित जानकारी के लिए उपलब्ध नही हो पाए

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर में एक छात्र को स्कूल की कक्षा में नही बैठने दिया जा रहा है। यह मामला नोएडा सेक्टर-05 के हरौला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय से प्रकाश में आया है। पीडित परिवार ने इस मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है। साथ ही शिकायत पत्र की प्रतियां गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर और बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतमबुद्धनगर को भी प्रेषित की गई हैं। पीडित परिवार ने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि कक्षा अध्यापिका बडी पहुंच रखती है और इसी हनक के चलते हुए उनके बेटे को कक्षा में नही बैठने दिया जा रहा है। इस बारे में गौतमबुद्धनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धमेंद्र कुमार सक्सेना से संपर्क स्थापित किया गया मगर वे जानकारी के लिए उपलब्ध नही हो पाए।

श्रीमती किरन पाल पत्नी श्री जनक सिंह, निवासी ग्राम हरौला, सै0.05 नोएडा, जिला गौतमबुद्धनगर ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायत पत्र में अगवत कराया है कि वह एक गरीब महिला है, प्रार्थनी के दो बच्चे कमशः कु0 राधापाल कक्षा.5 और शोभित पाल कक्षा.4 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरौला सै0-05 में पढ़ते हैं। शिकायत पत्र में कक्षा अध्यापिका पर आरोप लगाया गया है कि प्रार्थनी के बेटे शोभित पाल की कक्षा अध्यापिका दीया कक्षा में नहीं बैठने दे रही है। प्रार्थनी ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की है, किंतु दीपा की बडी पहुंच के कारण जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी आदि संबंधित अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे हैं। जिस कारण से प्रार्थनी के पुत्र का भविष्य खत्म हो रहा है। प्रार्थनी जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय के कार्यालय के पिछले 2 माह से चक्कर काट रही है। अब प्रार्थनी के पास अपने पुत्र के साथ आत्मदाह करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। यदि प्रार्थनी के पुत्र को स्कूल में कक्षा में नहीं पढ़ाया जाता है, तब प्रार्थनी जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आत्मदाह कर लेगी, जिसकी सारी जिम्मेवारी, अध्यापिका दीपा, बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिलाधिकारी महोदय की होगी। पीडिता श्रीमती किरन पाल पत्नी श्री जनक सिंह ने शिकायत पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री के साथ साथ गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर और बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतमबुद्धनगर को भी प्रेषित की हैं। इस पूरे प्रकरण की जानकारी और गौतमबुद्धनगर शिक्षा प्रशासन का पक्ष जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतमबुद्धनगर धमेंद्र कुमार सक्सेना से उनके मोबाइल संख्या-9821553762 पर संपर्क स्थापित किया गया तो उनसे बातें नही सकीं। अब यदि भविष्य में जब भी बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतमबुद्धनगर से प्रकरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी तो संबंधित पक्ष को प्रस्तुत कर प्रसारित किया जा सकेगां।