यूपी ने खूब सुने थे ताने, अब लोग भरेंगे इंटरनेशनल उड़ानें, जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास पर बोले मोदी

 




डबल इंजन वाली सरकार के प्रयासों से जेवर में धरातल पर आया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट


 



यूपी में भाजपा की राजनाथ सिंह सरकार ने करीब 25 वर्ष पहले जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की परियोजना शुरू की थी, गैर भाजपा सरकारों के समय यह एयरपोर्ट की फाइलें इधर उधर झूलती ही रही





मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/जेवर एयरपोर्ट

-------------------------------------------------------गौतमबुद्धनगर के जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट की आधार शिला रखते हुए एक नई सौगात दे दी। जेवर में इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को धरातल पर लाए जाने के लिए करीब 25 वर्ष बीत गए। यूपी में भाजपा की राजनाथ सिंह सरकार ने करीब 25 वर्ष पहले जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने की परियोजना शुरू की थी। किंतु गैर भाजपा सरकारों के समय यह एयरपोर्ट की फाइलें इधर उधर झूलती ही रहीं। हां यूपी मेंं मायावती सरकार ने वर्ष 2012 से पहले एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को जरूर जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने के लिए भेजा था और जिसे केंद्र की मनमोहन सिंह तत्कालीन सरकार ने ठंडे बस्ते में ही डाल दिया। आज 25 नवंबर-2021 को जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधार शिला रख उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई उडान दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करते हुए कहा कि दाऊ जी के मेले के लिए मशहूर जेवर अब इंटरनेशनल मैप में जगह पा गया है। इससे दिल्ली एनसीआर समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों के लोगों को फायदा होगा। 21वीं सदी का भारत एक से एक आधुनिक सुविधाओं का निर्माण कर रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अच्छे रेलवे स्टेशन सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स नहीं होते हैं बल्कि ये सबके जीवन को बदल देते हैं। मजदूरों से लेकर कारोबारियों और किसानों तक हर किसी को इसका लाभ मिलता है। ऐसे प्रोजेक्ट्स को और ताकत मिलती है, जब उनके साथ सीमलेस कनेक्टिविटी हो। यह कनेक्टिविटी के लिहाज से भी एक बेहतरीन मॉडल बनेगा।  इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कर्मयोगी बताते हुए राज्य में हुए विकास के कार्यों को गिनाया तो वहीं विपक्षी दलों पर भी जमकर तीर चलाए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस एयरपोर्ट के बनने से आगरा का पेठा हो या फिर सहारनपुर का फर्नीचर या मुरादाबाद का बर्तन कारोबार सभी को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि दशकों तक यूपी को ताने सुनने के लिए मजबूर कर दिया गया था। कभी गरीबी तो कभी भ्रष्टाचार के ताने सुनने को मिलते थे। यूपी के सामर्थ्यवान लोगों का यही सवाल था कि क्या राज्य की छवि बेहतर हो पाएगी या नही? पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश को अंधकार में बनाए रखा, वही राज्य आज दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहा है। आज यूपी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान बन रहे हैं। इंटरनेशनल लेवल की रेल कनेक्टिविटी और दुनिया की कंपनियों के निवेश का सेंटर है। यह सब कुछ आज हमारे यूपी में हो रहा है। इसीलिए देश और दुनिया के निवेशक कहते हैं कि उत्तर प्रदेश यानी उत्तम सुविधा और निरंतर निवेश। उन्होंने कहा कि यहां आने जाने के लिए टैक्सी, मेट्रो से लेकर रेल तक की सुविधा होगी। एयरपोर्ट से निकलते ही आप सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर सकते हैं। इसके अलावा नोएडा.ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जा सकते हैं। इसके अलावा यूपी, दिल्ली और हरियाणा के किसी भी इलाके में जाने के लिए पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकते हैं। यही नहीं दिल्ली.मुंबई एक्सप्रेसवे भी तैयार होने वाला है। इसकी उससे भी सीधी कनेक्टिविटी होगी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैसे हर साल बचेंगे 15,000 करोड़ रुपये?


 

भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यहां विमानों की रिपेयरिंग भी हो सकेगी। फिलहाल हर साल 15,000 करोड़ रुपये की लागत रिपेयरिंग में आती है और इस एयरपोर्ट की कुल लागत ही 30 हजार करोड़ रुपये होगी। इस तरह यह हवाई अड्डा विकास के साथ ही बचत भी कराएगा। यूपी की इसी अंतरराष्ट्रीय पहचान को इंटरनेशनल कनेक्टिविटी नए आयाम दे रही है। दो से तीन सालों में यह एयरपोर्ट जब काम करना शुरू करेगा तो यूपी 5 इंटरनेशनल हवाई अड्डों वाला राज्य बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि इससे पहले यूपी और केंद्र की जो सरकारें रहीं, उन्होंने कैसे पश्चिम यूपी को नजरअंदाज किया? उसका उदाहरण यह जेवर एयरपोर्ट भी है। दो दशक पहले भाजपा की सरकार ने इसका सपना देखा था, लेकिन फिर यह यूपी और केंद्र की सरकारों की खींचतान में उलझा रहा। उन्होंने अखिलेश यादव सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि यूपी की पहले की सरकार ने तो चिट्ठी लिखकर कह दिया था कि इसे बंद कर दिया जाए। आज डबल इंजन वाली सरकार के प्रयासों से हम उसी एयरपोर्ट के साक्षी बन रहे हैं।

 

पश्चिम यूपी और ब्रज के 30 जिले जुड़ेंगे


जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगरा, मेरठ, मथुरा, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस समेत पश्चिम यूपी और ब्रज क्षेत्र के करीब 30 जिलों को जोड़ेगा। इस एयरपोर्ट पर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा समेत कई जिलों से पहुंचना बेहद आसान होगा। इसके अलावा हरियाणा के भी नजदीकी शहरों के लोगों को इस एयरपोर्ट से सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के विकास पर कितना असर पड़ेगा, इसे इससे ही समझा जा सकता है कि आसपास के गांवों में प्रॉपर्टी के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास भी तेजी से हुआ है।

 

4 एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी


यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी के बड़े हिस्से के लिए फायदेमंद साबित होगा। कनेक्टिंग फ्लाइट्स से बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में इसका इस्तेमाल करेंगे। इसकी वजह यह भी है कि एयरपोर्ट की 4 एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्टिविटी होगी, जिससे लोगों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इससे सीधे तौर पर जुड़ेंगे। इस एयरपोर्ट से 2024 में पहली उड़ान भरी जाएगी। पहले चरण का काम तब तक पूरा जाएगा। यह हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से 72 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

30 हजार की लागत से बन रहा, टर्मिनल और 5 रनवे


उत्तर प्रदेश का यह 5 वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, जो 6200 हेक्टेयर में बन रहा है। इस पर कुल 30 हजार करोड़ रुपये की लागत आने वाली है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह राज्य का तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसके अलावा अयोध्या में काम चल रहा है और जेवर इस कड़ी में 5 वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा और एशिया का सबसे बड़ा होगा। इस हवाई अड्डे में दो टर्मिनल और 5 रनवे होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस हवाई अड्डे के निर्माण से एक लाख के करीब लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और साथ ही उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई उडान मिलने जा रही है।

 

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