प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाला को लेकर वंचित लोग सूरजपुर स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे

 


एडीएम को पत्र को सौंप कर मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन में हेरा फेरी करने वाले अफसरों पर कार्यवाही कर, योजना का लाभ दिलाया जावे

 


मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियां बनता चला जा रहा है। अब फिर प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ पाने वाले वंचित लोग सूरजपुर स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के इन आवेदकों ने एक बार फिर डीएम के नाम संबोधित शिकायती पत्र दिया है। शुक्रवार को सूरजपुर डीएम कार्यालय में एडीएम से मुलाकात कर इन आवेदकों ने पत्र दिया और मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ पाने वाले गरीब लोगों के सत्यापन में अफसरों ने हेरा फैरी की है। सत्यापन घोटाले में जुगाडबाज और सिफारिसी लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने में सफल हो गए हैं। जब कि ऐसे लोग जो वाकई प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के पात्र हो सकते थे, आज भी यहां अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। यह प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाला गौतमबुद्धनगर के दनकौर कसबा से प्रकाश में आया है। तहसील सदर के अफसरों पर आरोप लगा है कि सत्यापन कराने गए तहसील अफसरों ने उन्हीं लोगों का सत्यापन योजना का लाभ पाने के लिए किया जिन्होंने उनकी जेब गर्म की। इस मामले की आंच सदर तहसील की तत्कालीन नायब तहसीलदार तक पर भी आ पहुंची हैं। इस शिकायती पत्र में योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए लोगों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए इस सत्यापन घोटाले की जांच करवाते हुए दोषी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही कराते हुए प्रार्थीगणों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाने की कृपा करें। इससे पहले भी इन लोगांं ने गत दिनांक 30 अक्टूबर-2021 को प्रधानमंत्री, मुख्यमत्री उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मेरठ, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, मुख्य विकास अधिकारी गौतमबुद्धनगर, उपजिलाधिकारी तहसील सदर गौतमबुद्धनगर के नाम पत्र भेज कर प्रधानमंत्री आवास सत्यापन घोटाले की जांच कराए जाने की मांग की थी।


क्या है पूरा मामला पढिएः-
  दनकौर  में प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाला

दनकौर कसबा निवासी सुनीता देवी पत्नी राधेश्याम,मंजूरानी पत्नी कुलदीप, संजय पुत्र इकराम, सीताराम पुत्र इंद्रजीत सिंह, शशि पत्नी देशराज, ओमपाल पुत्र भगवानदास, कृष्ण पुत्र जयप्रकाश ने संयुक्त रूप से दिनांक 30-10-2021 को शिकायती पत्र भेज कर अवगत कराया था कि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जनपद के दनकौर कसबा निवासीगण प्रार्थीगणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। गौतमबुद्धनगर प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाला शुरू कर दिया गया। जब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पात्र लोगों को नही मिल पाया तो दिनांक 21-06-2019 को अपर जिलाधिकारी ( प्रशासन ) गौतमबुद्धनगर को शिकायती पत्र लिखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई। इससे तहसील प्रशासन हरकत में आया और प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन कर चुके लोगों के सत्यापन का कार्य किया जाना लगा। इस क्रम में गौतमबुद्धनगर तहसील से आकर संबंधित अधिकारियों ने प्रार्थीगणों/ अवासविहीन गरीब लोगों से सत्यापन किए जाने के नाम पर रकम एेंठनी शुरू कर दी। आखिर सांठगांठ में जो लोग गौतमबुद्धनगर तहसील के संबंधित अधिकारियों को संतुष्ट कर पाए उन सभी को पात्रता की सूची में डाल दिया गया। जब कि ऐसे लोग जो गौतमबुद्धनगर तहसील के संबंधित अधिकारियों को संतुष्ट नही कर पाए उन्हें अपात्र सूची में डाल दिया गया। इस प्रकार दनकौर कसबा निवासी कुल 85 आवेदकों में से पहले सिर्फ 67 को ही सत्यापन में सही दर्शाया गया, जब कि अन्य पात्र लोगों के खिलाफ संस्तुति भेजी गई। इस बात की जब शिकायत की गई तो पुनः सत्यापन किया गया और 67 लोगों में से सिर्फ 51 लोगों को ही पात्रता की सूची में दर्शाया गया। शिकायती पत्र में गौतमबुद्धनगर सदर तहसील की तत्कालीन नायब तहसीलदार पर भी आरोप लगाते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन घोटाले में गौतमबुद्धनगर सदर तहसील की तत्कालीन नायब तहसीलदार आरती यादव और उनके अधीनस्थ लेखपालों व कानूनगों की खास भूमिका रही थी। सदर तहसील के संबंधित अधिकारियों ने गरीब और आवासविहीन जो किराए के मकानों में किसी तरह गुजर बसर कर रहे थे, किराए के मकान को ही उनका अपना मकान तक सूची में दर्शाया दिया। वहीं कई ऐसे लोगों को देहात की सीमा का दर्शा कर पात्रता सूची से बाहर कर दिया। जब कि इस तरह के सभी लोग नगर पंचायत को बराबर टैक्स देते चले आ रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के इन आवेदकों ने शिकायत पत्र में यह भी कहा कि 1ः-मंजूरानी पत्नी कुलदीप निवासी मुहल्ला प्र्रेमपुरी, दनकौर का जांच में मकान बना हुआ दर्शाया गया है, मगर मौके पर प्रार्थिया का सिर्फ एक खाली प्लाट है और प्रार्थिया कसबे में ही एक किराए के मकान में किसी तरह से गुजर बसर करने के लिए मजबूर है। 2ः- संजय पुत्र इकराम निवासी झाझर रोड दनकौर की जांच में दुकान बनी दर्शाई गई है, मगर मौके पर प्रार्थी का घर जर्जर अवस्था में है। 3ः- सुनीता देवी पत्नी राधेश्याम निवासी तुलसीनगर दनकौर को देहात की सीमा से बाहर दर्शा दिया गया है। मगर हकीकत में नगर पंचायत खुद टैक्स वसूलती है। प्रार्थिया का मकान नगर पंचायत के तहत जर्जर अवस्था में हैं। 4ः- सीताराम पुत्र इंद्रजीत सिंह निवासी मुहल्ला तुलसीनगर, दनकौर देहात को भी सीमा से बाहर दर्शा दिया गया है। मगर हकीकत में नगर पंचायत खुद टैक्स वसूलती है। लेकिन प्रार्थीं का कोई मकान नही है बल्कि मौके पर सिर्फ एक खाली प्लाट ही है।  5ः- शशि पत्नी देशराज निवासी मुहल्ला प्रेमपुरी दनकौर जांच में दो मकान बने दर्शाए गए हैं, लेकिन प्रार्थियां का कोई मकान नही है बल्कि मौके पर सिर्फ एक खाली प्लाट ही है। 6ः- ओमपाल पुत्र भगवानदास निवासी झाझर रोड दनकौर, जांच में मकान बना हुआ दर्शाया गया है, मगर मौके पर प्रार्थी का सिर्फ एक खाली प्लाट है और प्रार्थी एक किराए के मकान में किसी तरह से गुजर बसर करने के लिए मजबूर है। 7ः-कृष्ण पुत्र जयप्रकाश निवासी मुहल्ला प्रेमपुरी दनकौर, का जांच में अपना मकान दर्शाया गया है, जब कि प्रार्थी किसी तरह से एक किराए के मकान में गुजर बसर करने के लिए मजबूर है। शिकायती पत्र मे प्रधानमंत्री आवास योजना के इन आवेदकों ने मांग की है कि चूंकि प्रार्थीगण आवासविहीन/जर्जर अवस्था/ किराए के मकानों में किसी तरह से गुजर बसर करने के लिए मजबूर हैं। इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए इस सत्यापन घोटाले की जांच करवाते हुए दोषी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही कराते हुए प्रार्थीगणों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाने की कृपा करें। इन शिकायती पत्रों की प्रतियां प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली, केंद्रीय मंत्री शहरी आवास योजना भारत सरकार नई दिल्ली, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश,मंडलायुक्त मेरठ, उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर, मुख्य विकास अधिकारी गौतबुद्धनगर, उपजिलाधिकारी सदर तहसील गौतमबुद्धनगर को पंजीकृत डाक से प्रेषित की गई थीं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल और मुख्यमंत्री जनसनुवाई शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत की प्रतियां भेजी गई। उधर इस मामले मेंं गौतमबुद्धनगर सदर तहसील के उपजिलाधिकारी अंकित कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच तहसीलदार सदर को सौंपे जाने की बात कही थी।

 

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