राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया

 


दिल्ली पॉल्यूशन से निपटने के क्रम में धूल रोधी अभियान का दूसरा चरण 12 दिसंबर तक चलेगा

 




मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/नई दिल्ली

दीपावली के बाद हर बार की तरह इस बार पॉल्यूशन अटैक हो चुका है। सांस लेना भारी और आंखों में जलन जैसी तमाम तरह की दिक्कतें देखनें को मिल रही हैं। वैसे इस बार अबो हवा को देखने से ऐसा ही लगा रहा था कि पॉल्यूशन इतना नही सताएगा मगर दीपावली के आते आतें सब कुछ पहले जैसा हो गया अब पॉल्यूशन लगातार रूला रहा है। दशहरा  और नवरात्रों से पहले हुई दो बार भारी बारिश से मौसम पूरी से साफ हो गया था ऐसा आभास हो रहा था कि मौसम साफ और चमकीला हो गया जाएगा। धान के खेतों में पानी भर जाने और यहां तक फसल खराब हो जाने से पराली के जलाए जाने की संभावना भी खत्म हुई देखी जा रही थी मगर दीपावली के बाद अब फिर सब कुछ पहले जैसा है और दम घोटू पॉल्यशन सता रहा है। पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में एक परियोजना में धूल नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने के मामले में राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उधर दिल्ली सरकार ने पॉल्यूशन से निपटने के क्रम में आज 12 नवंबर-2021 से धूल रोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की जो 12 दिसंबर तक चलेगा। दिल्न्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सभी सरकारी विभागों को धूल रोधी प्रकोष्ठ बनाने और धूल रोधी संयुक्त कार्ययोजना को अमल में लाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के साथ समन्वय में काम करने को कहा गया है। उधर दिल्ली.एनसीआर में शुक्रवार को स्मॉग और घनी हो गई तथा कई जगहों पर विजिबिलिटी 200 मीटर रही। राजधानी में नवंबर की शुरुआत से ही प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है। दिल्ली में दीपावली के बाद पिछले सात दिन से वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी में है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एक विश्लेषण के अनुसार हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में लोगों को बेहद दूषित हवा में सांस लेनी पड़ती है। शहर में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 454 दर्ज किया गया। गुरुवार को एक्यूआई का 24 घंटे का औसत 411 था। सुबह नौ बजे फरीदाबाद में एक्यूआई 490 रहा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में 476, गुरुग्राम में 418 और नोएडा में यह 434 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार सुबह नौ बजे दिल्ली.एनसीआर में प्रदूषण कारक कण पीएम 2.5 की मात्रा 346 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी जो कि 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से लगभग छह गुना अधिक थी। पीएम 10 का स्तर 544 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लानश यानी ग्रेप के अनुसार 48 घंटे या ज्यादा अवधि के दौरान पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम से ज्यादा और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया था और ठंड थी। दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा अधिक रही। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सफदरजंग हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण दृश्यता 300.500 मीटर रही। आर्द्रता अधिक होने की वजह से शुक्रवार को कोहरा और घना हो गया। गौरतलब है कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच में संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 के बीच में बेहद खराब् तथा 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।

 

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