विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

श्री संत विनोबा इंटर कॉलेज वैदपुरा गौतमबुद्धनगर के प्रधानाचार्य ने छात्रों की फीस से संबंधित आरटीआई के जवाब में कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005  से आच्छादित नहीं है, इसलिए विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक को सूचना देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, अफसोस की बात यह है कि श्री संत विनोबा इंटर कॉलेज वैदपुरा के प्रधानाचार्य का यह बयान तथ्यहीन है जिसके लिए जन सूचना अधिकारी ने माननीय उच्च न्यायालय के दो अन्य मुकदमों में पारित अंतरिम आदेश का हवाला भी दिया है जो कि निराधार है। गौरतलब है कि भोला रावल सुनपुरा निवासी कर्म राज सिंह ने श्री संत विनोबा इंटर कॉलेज वैदपुरा में शैक्षिक सत्र 2018.19 के छात्रों की संख्या एवं छात्रों से प्राप्त फीस की सूचना जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत दिनांक 30  जनवरी 2021 को आवेदन कर चाही थी जिसका अभी तक भी आवेदक को संतोषजनक जवाब नहीं मिला है आवेदक का कहना है कि उन्हें छात्रों से प्राप्त फीस से संबंधित सूचना के पत्रजात की सत्यापित फोटो कॉपी के लिए शुल्क जमा कराने के लिए पत्र मिला जिस संबंध में उन्होंने 8 जुलाई 2021 को जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में नियमानुसार शुल्क जमा करा दिया है।  किंतु फोटोकॉपी के पैसे जमा करने के 3 महीने बाद भी उन्हें वांछित सूचनाएं प्राप्त नहीं कराई गई है बल्कि सूचना से बचने के लिए यह कह दिया गया है कि अशासकीय सहायता प्राप्त  माध्यमिक विद्यालय जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत नहीं आते हैं। इस संबंध मे  आरटीआई आवेदक कर्म राज सिंह का कहना है कि छात्रों से प्राप्त फीस को विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्र संख्या के अनुपात में बैंक खातों मे मदवार जमा नहीं कराया है तथा फीस को गबन कर लिया है इसलिए वे छात्रों से प्राप्त फीस की सूचना नहीं दे रहे हैं। कर्म राज सिंह ने फीस की सूचना के लिए राज्य सूचना आयोग में दूतीय अपील भी की हुई है जिसमें उन्हें सुनवाई का इंतजार है।

 

>