ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के निचले स्तर के अधिकारियों की शह पर दिया जा रहा है निमार्ण कार्य में घोटाले को अंजाम

 


 


घटिया साम्रमी लगाए जाने की शिकायत पर ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने नाले की बनाई गई दीवार को भी गिरवा दिया था

 



बसपा सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री का एक बेटा भी निचले स्तर के अधिकारियों में शामिल बताया जा रहा है। उक्त मंत्री पुत्र की संबंधित ठेकेदार से गहरी सांठगांठ बताई जा रही है। इन दोनों की जुगलबंदी से नाले के निमार्ण कार्य में घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। 

 





मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा सडक के दोनो ओर नाले की दीवारों को करीब 3-3 फीट उंचा बनाया जा रहा है। पहले यह नाले पटे हुए थे मगर कई जगह पर नालों का लैंटर टूट कर नीचे गिर गया। सडकों के दोनों ओर बने नालों के खुले होने के चलते हुए गाय और कई दूसरे जानवर नाले में गिरते रहते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस समस्या को देखते हुए इन नालों की दीवारों को सडक से करीब 3 फीट तक उंचा बनाए जाने का निर्णय लिया था। एपीजे इंटरनेशनल स्कूल से लेकर परी चौक तक नाले की दीवारों को बनाए जाने का निमार्ण कार्य चल रहा है। साथ ही ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-फाई, चाई-3,4, फाई-3,4, एटीएस सोसायटी, आदर्श विहार सोसायटी, डा0 अंबेडकर अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास से कासना, चूहडपुर अंडर पास से लेकर होंडा सिएल चौक के इलाके तक सडकों के दोनों ओर नाले की दीवारों को उंचा किए जाने का निमार्ण कार्य चल रहा हैं। यहां नाला निमार्ण कार्य में घटिया सामग्री लगाए जाने की खबरें पहले भी मिलती रही हैं। एटीएस सोसायटी, बीपी चाई फाई पेट्रोल पंप से लेकर डा0 अंबेडकर अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास के सामने से कासना नहर तक निमार्ण कार्य में जमकर घोटाला किया गया। मौके पर ही दोयम, सोयम और पीली ईंटे तक देखी गईं थीं। ठेकेदार के कर्मचारियों ने रातों रात इन घटिया किस्म की ईंटों को नाले की चिनाई में लगा दिया। इस बात की शिकायत जब एक संगठन की ओर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यापालक अधिकारी से की गई तो उस दीवार को गिरवा दिया गया। सूत्रों की मानें तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के निचले स्तर के अधिकारियों ने ठेकेदार और खुद की गर्दन बचाने के लिए फिर रातों रात पीली, दोयम, सोयम इंर्ंटे साईट से उठवा दीं और अव्वल यानी अच्छी क्वालिटी की ईंटों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। आखिर कागजों में सब कुछ फिर पाक साफ और ओके हो गया। किंतु फिर आंख बची और वहीं खेल शुरू, पीली और घटिया ईंटे और घटिया सामग्री लगाए जाने का गोरखधंधा चलता रहा हैं। इन दिनों होंडा सिएल चौक गंदे नाले पुल से लेकर एटीएस गोल चक्कर तक चाई-4 और फाई-4 के मैन रोड के दोनों ओर नालों की दीवारों का निमार्ण कार्य चल रहा है। इसी मैन रोड पर वृदा सिटी और मीडिया विलेज जैसी सोसायटी, चाई-4 और फाई-4 आते हैं। यहां नाले के निमार्ण कार्य में जमकर घटिया सामग्री लगाए जाने की खबरें मिल रही हैं। मौके पर दो प्रकार की ईंटे डलवाई गईं इनमें एक ओर अव्वल यानी अच्छी क्वालिटी और वहीं दूसरी ओर पीली, दोयम, सोयम घटिया क्वालिटि की ईंटें हैं। जब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बडे अधिकारियों का दौरा होता है तो अव्वल दिखाई जाती है और जैसे ही आंख बचती है, पीली, दोयम, सोयम ईंटों को लगा कर झट से प्लास्टर लेप में ढक दिया जाता है। ’’विजन लाइव’’ डिजिटल मीडिया ने खबर की पडताल के लिए जैसे ही घटिया सामग्री जिनमें पीली, सोयम और दोयम ईंटों की तस्वीरों को कैमरे में कैद करना शुरू किया, अचानक हलचल सी देखी गई और निमार्ण कार्य में लगे कर्मचारियों ने ट्रेक्टर ट्रोली में भर कर मौके से घटिया ईंटों को उठवाना शुरू कर दिया गया। सूत्रों की माने तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में निचले स्तर के कई अधिकारियों का संबंधित ठेकेदार को खुला संरक्षण प्राप्त है। इनमें बसपा सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री का एक बेटा भी निचले स्तर के अधिकारियों में शामिल बताया जा रहा है। उक्त मंत्री पुत्र की संबंधित ठेकेदार से गहरी सांठगांठ बताई जा रही है। इन दोनों की जुगलबंदी से नाले के निमार्ण कार्य में घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। बडे अधिकारियों के पास पहुंचने से पहले ही उक्त मंत्री पुत्र मामले को कई तरह के हथकंडों के द्वारा साध लेता है। मसलन जब बात घटिया सामग्री की आती है तो रातों रात निमार्ण कार्य स्थल से घटिया सामग्री उठवा ली जाती है। जब जांच टीम का दौरा खत्म हो जाता है यानी नमूने लेकर भेज दिए जाते हैं तो फिर मामला वहीं पुराने ढर्रे घटिया सामग्री पर आ टिक जाता है। लोगों का यहां तक कहना हैं कि नाले के इस निमार्ण कार्य में खूब धांधली की जा रही है। आंख बचते ही दोयम, सोयम और यहां तक पीली ईंटे तक इस निमार्ण कार्य में लगाई गई हैं। यही हाल सीमेंट, रोडी बदरपुर और बालू रेत का भी है।

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