विजन लाइव/सूरजपुर

दीपावली पर्व के मौके पर गुरूवार को प्रातः 8 बजे सूरजपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ किया गया और आहूति देते हुए सुख शांति और समृद्धि की कामनाएं की गईं। इस मौक पर सूरजपुर आर्य समाज मंदिर के पूर्व प्रधान प0 महेंद्र कुमार आर्य ने दीपावली पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीपावली का यह त्यौहार अनादिकाल से चला आ रहा है। भारत कृषि प्रधान देश होने के नाते ज्यादातर त्यौहार फसलों के पंक आने का संकेत देते हैं। इनमें होली को गेंहू आदि की पफसल और वहीं दशहरा को गन्ना तथा दीपावली का चावल के पक कर तैयार होने की सूचक माना जाता है। इसके अलावा यह त्यौहार और पर्व ़ऋतु परिर्वतन का द्योतक माने जाने जाते हैं। सूरजपुर आर्य समाज मंदिर के प्रधान पं0 मूलचंद आर्य ने कहा कि दीपावली का त्यौहार भारतीय संस्कृति का एक बडा पर्व माना जाता है। ़ऋतु बदलती है और फिर बारिश यानी उमस भरी गर्मी से निजात मिलती है इससे एक उत्साह और स्फूर्ति का संचार होता हैं। गेंहू की बुआई शुरू होने का संकेत तथा चावल की फसल कटाई का संकते भी इस दीपावली पर्व से मिलता है। आर्य समाज मंदिर के महामंत्री प0 धर्मवीर आर्य ने कहा कि दीपावली पर्व का महत्व इसी बात से बढ जाता है कि आर्य विचारधारा का सूत्रपात करने वाले महर्षि दयानंद सरस्वती भी इस दिन निर्वाण को प्राप्त हुए थे। यही कारण है कि आर्य समाज में दीपावली का पर्व विशेष तरह से मनाया जाता है, यज्ञ हवन किए जाते हैं और आहूतियां देते हुए सुख शांति और समृद्धि की कामना की जाती हैं। इस मौके पर शिवदत्त आर्य, रामजस आर्य, आदित्य आर्य, राजेश आर्य, वेदप्रकाश आर्य, अजित मुद्दगल, अनिल आर्य, भूदेव शर्मा, ब्रहमपाल चौधरी आर्य, रमेश आर्य, सतपाल आर्य आदि पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

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