बसपा के जेवर विधानसभा प्रत्याशी एडवोकेट नरेंद्र डाढा का नाता रहा है, छात्र संघ की राजनीति से भी

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/ग्रेटर नोएडा

बसपा के जेवर विधानसभा प्रत्याशी एडवोकेट नरेंद्र डाढा का नाता छात्र संघ की राजनीति से भी रहा है। वैसे बसपा प्रत्याशी का पहले कांग्रेसी रहे रहे हैं। उनके ज्येष्ठ भ्राता वीरेंद्र डाढा गौतमबुद्धनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक उस समस पहुंचे थे जब बसपा से चुन कर आए गए जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। वीरेंद्र डाढा कांग्रेस के टिकट पर उस समय विधानसभा का चुनाव लड चुके हैं जब जेवर विधानसभा सीट इस क्षेत्र में नही लगती थी और यहां ग्रेटर नोएडा और दनकौर क्षेत्र सिकंद्राबाद विधानसभा क्षेत्र की आंशिक क्षेत्र में लगते थे। ग्रेटर नोएडा के ग्राम डाढा के निवासी बसपा प्रत्याशी एडवोकेट नरेंद्र डाढा की पारिवारिक और शैक्षिक पृष्ठ भूमि पर गौर करें तो पता चलता है कि 10 अगस्त-1982 को जन्में नरेन्द्र भाटी डाढा युवा हैं। शिक्षा बीए और एलएलबी तक पूर्ण की। दादा महाशय लायक राम एक समाजसेवी व पिताजी साधारण किसान व शिक्षक रहे। एडवोकेट नरेंद्र डाढा के बडे भाई वीरेंद्र डाढा वर्ष 2003 से 2005 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। वीरेंद्र डाढा  ने 2007 में कांग्रेस पार्टी से सिकंदराबाद विधानसभा का चुनाव लड़ा। साथ ही बहुजन समाज पार्टी से वर्ष 2019 में गौतमबुद्धनगर लोकसभा के प्रभारी घोषित किए गए। एडवोकेट नरेंद्र डाढा वर्ष 2001 में दिल्ली विश्वविध्यालय के रामजस कॉलेज से छात्र संघ के महासचिव रहे। वर्ष 2002 में दिल्ली विश्वविध्यालय से डूसू प्रेसीडेंट का चुनाव लड़ें और 2009 में यूथ कांग्रेस के गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष बनाए गए। वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस पार्टी के महासचिव रहे। वर्ष 2017 से 2019 तक बहुजन ससमाज पार्टी में दादरी विधानसभा के प्रभारी रहे। अतः बिलासपुर में 18 अक्टूबर-2021 को संपन्न हुए बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश समसुद्दीन राईन ने जेवर विधानसभा का प्रत्याशी घोषित कर ही दिया।