अगर इन सभी बातों पर सरकारों ने संज्ञान नहीं लिया तो 2022 चुनाव सत्ता पक्ष के लिए नुकसानदेह साबित  होगा

 


चौधरी शौकत अली चेची


सभी देशवासियों को विचार तो करना चाहिए बड़े-बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ हो जाते हैं तथा पावर फुल और लोकप्रिय पहचान रखने वाले लोगों कानूनी दांवपेच से  नुकसान की भरपाई का धनराशि मुआवजा देकर सरकारों द्वारा खुश कर दिए जाते हैं  बेमौसम बरसात ने देश में भारी तबाही मचाई है, किसान देश की रीड है सबसे ज्यादा अन्नदाता बर्बाद हुआ है जबकि किसान तो पहले से ही महंगाई तथा मंदी का दंश झेलते आ रहा है बेमौसम बरसात से जिन देशवासियों का नुकसान हुआ है। सभी सरकारों को संभव धनराशि देकर राहत देनी चाहिए तथा सभी सरकारों द्वारा किसानों के जानमाल की क्षति की भरपाई के लिए तहसीलदार और लेखपाल द्वारा सर्वे कराकर धनराशि सुनिश्चित की जाए।

 नंबर 1 सभी फसलों में नुकसान का आकलन कर मुआवजा धनराशि दिया जाए तथा जो फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं फसल की पैदावारी तथा कीमत लगा कर  धनराशि दी जाए।

 नंबर 2 बरसात के कारण पशुओं तथा मकानों मैं जो किसानों की क्षति हुई है  उनका आकलन कर मुआवजा धनराशि दिया जाए।

 नंबर 3 जिन किसानों के परिवार में  बेमौसम बरसात के कारण किसी भी परिस्थिति में मृत्यु हो गई है उनके परिवार को 50 लाख रु का हर परिवार को मुआवजा धनराशि दिया जाए घायल व्यक्ति को 2 -2 लाख की आर्थिक मदद की जाए।

 नंबर 4 पिछले कई सालों से  बढ़ती महंगाई मैं किसान त्राहिमाम है खेती में  लागत बढ़ गई इनकम घट गई डीजल पेट्रोल रसोई गैस बिजली बिल आदि में उचित सब्सिडी दी जाए।

 नंबर 5 बेमौसम बरसात तथा बुवाई की तैयारी  को मध्य नजर रखते हुए अगली फसल की बुवाई मैं खाद और बीज को निश्चित समय पर उपलब्ध किया जाए तथा भारी छूट  सब्सिडी दी जाए।

 अगर इन सभी बातों पर सरकारों ने संज्ञान नहीं लिया तो 2022 चुनाव सत्ता पक्ष के लिए नुकसानदेह साबित  होगा।  

लेखकः. चौधरी शौकत अली चेची भारतीय किसान यूनियन ( बलराज) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष  हैं।