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सुशील भाटी एडवोकेट और रेशराम चौधरी तथा प्रमोद सुनपुरा एडवोकेट ने बार अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोकी

 

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सचिव पद हेतु पंडित राकेश शर्मा, सुनील नागर समेत कई प्रत्याशियों ने ताल ठोंक दी है और जीत के लिए कर दिए हैं, गुणा भाग तेज 

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

----------------------------------------- गौतमबुद्धनगर जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर अभी से चहलकदमी शुरू हो गई हैं। हालांकि चुनाव-2021-22 इस बार हर बार की तरह तय समय दिसंबर-2021 माह में ही संपन्न होगें। बार एसोसिएशन के सभी पदों के प्रत्याशियों ने अभी से चुनाव की तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी हैं। इसमें सचिव पद हेतु पंडित राकेश शर्मा, सुनील नागर समेत कई प्रत्याशियों ने ताल ठोंक दी है और जीत के लिए गुणा भाग तेज कर दिए हैं। सुनील नागर एडवोकेट पिछली बार मामूली अंतर से सचिव पद का चुनाव हार गए थे, इस कारण वह दूसरी बार अब चुनाव मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर सुशील भाटी एडवोकेट और रेशराम चौधरी तथा प्रमोद सुनपुरा एडवोकेट ने बार अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोंक दी है। बार अध्यक्ष पद, सचिव पद के अलावा कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, सांस्कृतिक संचिव आदि पदो ंके लिए भी नाम सामने आने लगे हैं। इस बार चुनाव में मुख्य मुद्दा चैंबर विहीन अधिवक्ताओं को चैंबर न मिलना खासा सुर्खियों में रहने के आसार हैं। वर्तमान में मनोज भाटी (बोडाकी )  एडवोकेट की कार्यकारणी प्रभावी है और 23 दिसंबर-2021 तक उनका कार्यकाल है। दिसंबर-2021 के अंत तक बार एसोसिएशन के चुनाव-2021-22 तक करा लिए जाएंगे। जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी (बोडाकी ) एडवोकेट ने बताया कि चैंबर विहीन अधिवक्ताओं को चैंबर दिलाने के लिए चैंबर निमार्ण करने के लिए भूमि का प्रस्ताव भेजा चुका है, अब जैसे ही हाईकोर्ट से मुहर लग सकेगी आगे कुछ किया जा सकेगा। सुशील भाटी भी फिर इस चुनाव में कूदे हैं। इससे पहले सुशील भाटी वर्ष 2002-2003 मेंं बतौर सचिव रह चुके हैं। वर्ष 2013-2014 के चुनाव में सुशील भाटी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैंदान मेंं कूद थे मगर उन्हें कालूराम चौधरी के सामने हार का मुंहू देखना पडा था। पिछली दफा वर्ष 2020-21 के चुनाव में सुशील भाटी ने एडी चोटी का जोर लगाया था। वहीं रेशराम चौधरी दूसरी बार चुनाव मैदान में है। पिछली बार रेशराम चौधरी मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे। इन प्रत्याशियों ने बार हित, अधिवक्ता कल्याण, चैंबर निमार्ण,विकास और सुरक्षा आदि को मुद्दा बनाया है।