यूपी के सीएम के ज्यादा फेंकते हैं या भारत के पीएम। राम राज्य के इंतजार में अभी और कितना समय लगेगा?

 


एकता, भाईचारा, जागरूकता को गले लगाएं, सभी की तरक्की पक्की, झूठ गुमराह नफरत से सब की बर्बादी पक्की, जय जवान, जय किसान




चौधरी शौकत अली चेची


------------------- -------- जब से योगी जी बने सीएम, अपना  यूपी नंबर 1 यह स्लोगन जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएम की कुर्सी पर बैठने से पहले हवन कर, गंगा जल छिड़का, इतिहास के पन्नों में ऐसा पढ़ने को नहीं मिला।  सीएम बनने के 9 महीने बाद गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी होने पर लगभग 250 बच्चे काल के गाल में समा गए। आखिर आरोप पिछली सरकार पर मढ दिया गया और डा0 कफिल पहुंचे गए सलोखों के पीछे। सपा सरकार किसानों का गन्ने का बकाया लगभग 7 00 करोड रुपए छोड़कर गई। योगी सरकार ने दस रूपए गन्ने का मूल्य बढ़ाया और लगभग 15000 करोड रुपए गन्ने का किसानों का इस समय बकाया है। ट्यूबेल का रेंट सपा सरकार में  750 था, योगी सरकार में ट्यूबेल का रेट 1900 से 2500 है, जब कि घरेलू बिजली पिछली सरकार में एक यूनिट लगभग 4 था अब एक यूनिट करीब 7  से ऊपर है। पिछली  सरकार में किसानों के माल की सरकारी खरीद पर  150 कुंतल बोनस मिलता था, नहर का पानी फ्री, किसानों के माल की खरीद बगैर परेशानी के होती थीलेकिन योगी सरकार ने बोनस व नहर का फी्र पानी समाप्त कर दिया। सरकारी कांटों पर माल बेचने के लिए किसानों पर 11 शर्तें लागू कर दी। कोराना काल में ट्यूबवेल व घरेलू बिजली बिल बकाया पर एफआईआर और जुर्माना लगाकर वसूला गया। छुट्टे जानवर तो किसानों की फसलों को चट कर कर रहे हैं और किसान खून के आंसू रोने के लिए मजबूर है। फसल को बचाने के लिए किसानों की चौबीसों घंटे की ड्यूटी लगी है। मीट की दुकान खोलने पर 9 शर्तें लागू कर दी, परचून की दुकान खोलने पर 13 शर्तें लागू कर दी, नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने वाले तथा कोराना लॉकडाउन विपत्ति के समय हजारों लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए और जुर्माना वसूला गया। वाहनों का चालान काटने का जुर्माना 10 हजार तक कर दिया गया। हफ्ता वसूली गुंडे करते थे कानून का डर दिखाकर अब पुलिस भी कर रही है, रोमियो स्कॉयड बनाकर निर्दोष युवक.युवतियों को पुलिस द्वारा आज भी सताया जा रहा है। जाति धर्म की द्वेष भावना ने पड़ोसियों और अपने दोस्तों को एक दूसरे का दुश्मन बना दिया। सरकारी संस्थाओं व शहरों के नाम बदलकर अयोध्या में दीपक जलाकर और  कुंभ मेले के उपलक्ष में लाखों करोड़ रुपए जनता के पानी की तरह बहा दिए। किसानों की जमीनों को औने पौने दामों में खरीदकर बड़ा घोटाला किया गया। किसान 64.07 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा के लिए आज भी टकटकी लगाए हुए है। जांच के नाम पर बहुत सारे प्रोजेक्टों को बंद कर दिया गया। पिछली सरकार के काम का रिबन ही काट विकास की खूब वाहवाही लूटी गी गई। जाति धर्म विशेष सुर्खियों में रहे, धर्मांतरण, मदरसा, गोकशी, आतंकवादी, अलगाववादी, लव जिहाद, बूचड़खाना, शौचालय, मनरेगा, गौशाला और गौशालाओं में तड़पती मरती गाय आदि सुर्खियां बनी रहीं। दोषियों को सजा देना कोर्ट का काम है लेकिन पुलिस या गुंडे खुद ही सजा दे रहे हैं कानपुर विकास दुबे एनकाउंटर इस बात खुला उदाहरण है। बेरोजगारी, महंगाई, अत्याचार, भ्रष्टाचार, बलात्कार, आत्महत्या, हत्या, महिलाओं का अपमान, गरीब, बेसहारा और असहाय लोगों पर अत्याचार कई गुना हो गया। श्मशान घाट से घर जाती लाशें। पीटते पत्रकार, पीटते अधिकारी, बगैर इलाज कोराना काल में लोगों की मृत्यु, हॉस्पिटला,ें चिकित्सा, शिक्षा आदि में जमकर कालाबाजारी हुई। गांव गली मोहल्लों में आंसुओं के समंदर अपनों को निहारती हुई भीगी पलकें कभी नहीं भूलने वाले मंजर चीख चीख कर कह रहे है कि हमारा गुनाह क्या है? नदियों में बहती लाशें, जानवर, पंछी दुर्गति करते लाशों की पैसे के अभाव में विधि विधान द्वारा अंतिम संस्कार नहीं हुआ। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए योगी जी ने हेलीकॉप्टर को पूरे यूपी में घुमा दिया और कौराना को भगा दिया।  ठोको निति ने हजारों घर परिवारों को उजाड़ दिया। योगी शासन में लगातार धारा 144 लागू रही कोराना काल में गरीब मजदूर, हजारों किलोमीटर पैदल चलते हुए मौत के मुंह में चले गए। जनसंख्या निरंत्रण कानून चुनाव में लाभ लेने के लिए लाया जा रहा है। कोराना काल के समय आरटीआई के अनुसार 160 करोड रुपए मीडिया को विज्ञापन के तौर पर दिया। यूपी के सीएम के ज्यादा फेंकते हैं या भारत के पीएम। राम राज्य के इंतजार में अभी और कितना समय लगेगा? सवाल तो बनता है कि घोषणाएं, योजनाएं, भाषणों और कागजों तक ही सीमित रह गई। सच्चाई व हक की आवाज उठाना अपराध बन गया है। जनता के इन सवालों में कितना दम है, विचार तो सभी को करना चाहिए। यूपी नंबर वन था, नंबर वन है, नंबर वन ही रहेगा, सभी यूपी वाले एकता भाईचारा जागरूकता को गले लगाएं। सभी की तरक्की पक्की, झूठ गुमराह नफरत से सब की बर्बादी पक्की, जय जवान जय किसान, यूपी की पवित्र धरती सभी के लिए महान।

लेखकः. चौधरी शौकत अली चेची भारतीय किसान यूनियन  (बलराज) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष  हैं।