अपनी रग रग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस लिखूंगा ।
इन्हे भुलाया क्यूं, पहले ये अफ़सोस लिखूंगा ।।
भारत माता के वीर सपूत  को,मै तो सबका बोस लिखूंगा ।।
आज़ादी के इस मतवाले ने,जीवन वतन के नाम किया।।
गद्दारों ने तो दी इनको गुमनामी ।पर नेताजी ने क्रान्ति वीर का काम  किया।
इनका पराक्रम अतुलनीय है, शत्रु को किया खामोश लिखूंगा ।1
अपनी रग रग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस लिखूंगा ।
इनकी तस्वीर देख,सीना गर्व से फूले है ।
शत्रु था इनसे भयभीत, शत्रु  स्वयं  कबूले  है ।।
इनकी गाथा पढ पढ कर, हरदम मिलता हमको जोश लिखूंगा ।2
अपनी रग रग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस लिखूंगा ।
प्रखर  बुद्धि  ,था देश प्रेम अनूठा।
सच्चा सपूत  भारत माता का,तनिक न झूंठा ।
ऐसे  क्रान्ति वीर का,हरदम हो जय घोष लिखूंगा ।3
अपनी रग रग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस लिखूंगा ।
इन्हे भुलाया क्यूं  ,पहले ये अफसोस लिखूंगा ।
भारत माता के इस वीर सपूत को मै  तो भारत का बोस लिखूंगा ।।

नरेन्द्र कुमार शर्मा एडवोकेट  
कलेक्टोरेट कम्पाउंड  चै 0 न025
गौतम बुद्ध नगर ।।
मो 0न0 9810904109