आर्य समाज आर्ष गुरुकुल नोएडा में अखिल भारतीय राजार्य सभा की  कोरोना काल मे लम्बे समय के बाद बैठक संपन्न 
विजन लाइव/ गौतमबुद्धनगर 
आर्य समाज आर्ष गुरुकुल नोएडा में अखिल भारतीय राजार्य सभा की बैठक कोरोना काल मे लम्बे समय के बाद संपन्न हुई। इस बैठक में एनसीआर के अतिरिक्त  शाहजहांपुर, बुलंदशहर,हाथरस, पंजाब  आदि स्थानों से पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आर्य समाज और आर्ष गुरुकुल नोएडा के अधिकारियों ने पूर्ण सहयोग किया। अखिल भारतीय राजार्य सभा के अध्यक्ष आचार्य चंद्र देव  की अध्यक्षता में यह आवश्यक बैठक चली। इस मौके पर पधारे हुए विद्वानों  ने अपने अपने विचार महंगाई,जनसंख्या आरक्षण बिल, अल्पसंख्यक आयोग और स्त्री सुरक्षा आदि मुद्दों पर अपना चिंतन दिया। चिंतन देने वालों में अखिल भारतीय राजार्य सभा के उपाध्यक्ष  आजाद सिंह ने संगठन को मजबूत करने पर बल दिया।  आर्य समाज आर्ष गुरूकुल  नोएडा के प्रधान शैलेंद्र जागिया ने अखिल भारतीय राजार्य सभा के राजनीतिक काम करने के लिए बहुत खुशी जताई और पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। उपाध्यक्ष कैप्टन गुलाटी  ने भी राजार्य सभा के सदस्य बढ़ाने पर बल दिया।आर्ष गुरुकुल नोएडा के प्राचार्य डॉ जयेन्द्र  ने मीडिया एवं प्रभावी व्यक्तियों को जोड़ने और गलत मुद्दों का विरोध प्रदर्शन करने पर बल दिया। आर्य समाज आर्ष गुरुकुल नोएडा की मंत्री श्रीमती गायत्री मीणा ने बूथ लेवल पर काम करने की सलाह दी। उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष  वीरेश भाटी  ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चुनाव के मद्देनजर रखते हुए किसी दूसरी पार्टी से तालमेल करना चाहिए और सदस्यों को बढ़ाकर चुनाव  मे अपनी भागीदारी अवश्य करनी चाहिए। एडवोकेट सत्येंद्र सिंह कसाना ने जनसंख्या के बिल की खामियों को बताया और उससे होने वाली हानियों से अवगत कराया। राजार्यसभा के परम हितेषी संरक्षक स्वामी उद्गीथानन्द  ने कहा कि आर्यों के सत्ता में आए बिना आर्य समाज का कार्य अधूरा है। अखिल भारतीय राजार्य सभा के  प्रवक्ता आचार्य करण सिंह  ने कहा कि हमें अन्य पार्टियों से अलग ही घोषणा पत्र बनाना चाहिए ताकि जनता हमेशा प्रभावित हो और हम जनता के लिए कुछ सहयोग कर सकें। इससे अखिल भारतीय राजार्य सभा को संगठित रूप से खड़ा कर  सकेंगे।राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य चंद्र देव ने अपने उद्बोधन में कहा कि  यदि आर्य लोग संगठित होकर सभा के लिए काम करें तो निश्चित ही भारत की राजनीति में राजार्यसभा का अस्तित्व बढ़ेगा और हम एक दिन अवश्य ही सफल होंगे।आर्य आशावादी होते है। अध्यक्ष आचार्य चंद्र देव के उद्बोधन के पश्चात आचार्य महावीर के द्वारा  शांति पाठ के साथ बैठक की कार्यवाही संपन्न की गई।  आर्य समाज आर्ष गुरुकुल नोएडा के समस्त पदाधिकारियों की इसमें मुख्य भूमिका रही।