शमशान से घर जाती और गंगा में बहती लाशें, दफन होती लाशें पंछी जानवरों द्वारा लाशों की दुर्गति!

 



जय जवान, जय किसान, वर्ल्ड में हम सबके भारत की पहचान सभी देशवासी कर लो ध्यान





 


चौधरी शौकत अली चेची

-------------------------------- सभी को विचार करने के लिए सवाल तो बनता है, लगातार डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस, बिजली बिल, दूध, खाने का तेल आदि सभी वस्तुओं के बढ़ते हुए दाम जनता को दर्द दे रहे हैं। अब तो फोर व्हीलर, टू व्हीलर ने भी रेट बढ़ा दिए। लगभग देश की 90 प्रतिशत जनता बर्बादी के द्वार पर खड़ी है। नोटबंदी, जीएसटी, लॉक डाउन ने देश की आर्थिक स्थिति को गर्त में पहुंचा दिया। केंद्र सरकार के हाथों में जिन वस्तुओं की कीमत होती है अगर उनके दाम लगातार बढ़ रहे तो समझो किस महाबर्बादी की तरफ जा रहा है? देश के अंदर लगातार बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से जनता उभर ही नहीं रही है। इनकम आधी रह गई है। सरकार के पूंजीपति मित्र लगातार मालामाल होते जा रहे हैं और 95 प्रतिशत देशवासी महाबर्बादी की तरफ जा रहे हैं।  अन्नदाता देश की लगभग 70 प्रतिशत व्यवस्था को अपने कंधों पर संभाले हुए है। लगभग 60 प्रतिशत किसान के बेटे देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। जय जवान, जय किसान का नारा धूमिल हो गया और सबसे ज्यादा किसान इस सरकार में ही बर्बाद व अपमानित हो रहा है। सरकार में सच्चाई व जायज हक की आवाज उठाना अपराध हो गया है, असल मुद्दों को भटकाने के लिए झूठ, गुमराह, नफरत, जाति धर्म की द्वेष भावना को सामने लाया जाता है। चुनाव से पहले प्रोपेगेंडा रचाकर जाति धर्म विशेष में नफरत फैलाने का काम किया जाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए जनता के जीते हुए प्रतिनिधियों को अपने कब्जे में लेने के लिए कानून का दुरुपयोग तानाशाही रवैया अपनाकर यूपी में सभी पार्टियों को बैकफुट पर फेंक दिया गया और  67 सीटों पर विजय हासिल कर ली, जबकि भाजपा का यूपी में वोट शेयर 25 प्रतिशत के करीब पंचायत चुनाव में मिला और यह चौथे नंबर की पार्टी रही। गोदी मीडिया व अंधभक्त अब भी आंदोलकारी किसानों ही देशद्रोही, अलगाववादी, पाकिस्तानी, खालिस्तानी तक बता रहे हैं। लोकप्रियता चमकाने के लिए बड़े.बड़े नेता, प्रवक्ता टीवी डिबेट में प्रवचन देकर बीजेपी को ही लाभ पहुंचा रहे हैं। विपक्षी पार्टियों को टीवी पर बहस कराने से लाभ नहीं, बल्कि हानि हो रही है। अंध भक्तों को समझने की जरूरत है। जयंत चौधरी, राकेश टिकैत, संजय सिंह, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी आदि हिंदू भारतवासी नेता नहीं है क्या? मगर ऐसा हो रहा है कि  जो भारतवासी बीजेपी की गुलामी करें वह दूध का धुला, सत्यवादी हरिश्चंद्र और उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। बीजेपी की कार्यशैली को समझने के लिए दूर दृष्टि की जरूरत है। बीजेपी की चापलूसी करने वाले लोग अपने ही गोत्र जाति धर्म के देशवासियों को बुरा भला कहते हैं। समझना चाहिए शमशान से घर जाती और गंगा में बहती लाशें, दफन होती लाशें पंछी जानवरों द्वारा लाशों की दुर्गति क्या  भारतवासी या प्रदेश वासी नहीं थे क्या? इन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया या जीएसटी टैक्स देने में इनकी भूमिका नहीं है? इन्होंने विपत्ति में अपनी जान गवा दी, लाखों निर्दोष दुनिया छोड़कर चले गए। क्या वे देश भक्त भारतवासी नहीं थे? कुछ मूर्ख लोग कहते हैं कि महंगाई से देश की तरक्की होती है, देश महाशक्ति बन रहा है। डीजल 500 लीटर हो जाए वोट बीजेपी को ही देंगे। समझना होगा चारों तरफ से बर्बादी के अंबार खड़े हैं। शिक्ष,ा चिकित्सा चरमरा गई हैं,सरकारी संपत्तियों को लगातार बेचा जा रहा है, सरकारी खजाना खाली होता जा रहा है। जीडीपी रसातल में चली गई, कई पड़ोसी मुल्क नाराज हैं। मुस्लिम देशों से डीजल पेट्रोल 32 में खरीद कर देशवासियों को 100 से ऊपर बेचा जा रहा है और अनजान लोगों को यह लगता है कि मुस्लिम भाजपा में परेशान हैं। मुसलमान हर पार्टी में परेशान ही रहता है, लेकिन  अब सरकार सबसे ज्यादा बर्बाद गैर मुस्लिम भारतवासी ही हो रहा है। हजारों कानून बीजेपी सरकार ने बर्बादी के जनता के ऊपर थोप दिए। उद्योग धंधे, रोजगार, बैंकिंग सेक्टर, रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन, घरेलू उद्योग आज क्या हाल है सब देख रहे हैं। एकता जागरूकता भाईचारा सबसे बड़ी अमन चैन तरक्की की उपलब्धि होती है। दर्द उसे होता है जिसे चोट लगती है? जिसके होता है घर परिवार वही जानता है अत्याचार। सभी का खून शामिल है भारत की पवित्र धरती में ऊपर वाले तक आवाज पहुंच रही है आवाज नहीं होती ऊपर वाले की लाठी में। जय जवान, जय किसान, वर्ल्ड में हम सबके भारत की पहचान सभी देशवासी कर लो ध्यान।

लेखकः. चौधरी शौकत अली चेची भारतीय किसान यूनियन ( बलराज) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष  हैं।