गौतमबुद्धनगर में भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी के सहारे जाट वोट बैंक को साधने की कोशिश

 


मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर


---------------------------------------------गौतमबुद्धनगर में अमित चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा कर भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी के सहारे गौतमबुद्धनगर भाजपा ने जाट वोट बैंक को साधने की भी कोशिश की है। दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन में एक तरह से जाट बिरादरी धुरी बनी हुई है। वैसे यह किसान आंदोलन पंजाब के किसानों ने मुख्य तौर से शुरू किया था मगर लाला किले पर दूसरा झंडा पहराने की घटना से मूल किसान आंदोलन से दूर होते ही चले गए। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भावुक होकर रोय तो किसान बिरादरी भावुक हो उठी। दिल्ली से लेकर मेरठ और सहरानपुर तक जाटलैंड भाजपा सरकार से खासा खफा दिखाई दे रहा है। इसका नुकसान भाजपा को आने वाले विधानसभा चुनावों में उठाना पड सकता है। भाजपा ने गौतमबुद्धनगर में इस काट का फार्मूला अमित चौधरी को आगे कर खोज निकाला है। गौतमबुद्धनगर के चिपियाना  गांव के निवासी अमित चौधरी जाट बिरादरी से आते हैं। हालांकि गौतमबुद्धनगर में जाट वोट बैंक बहुतयात में नही हैं यहां पर ठाकुर और गुर्जर बाहुलता की सवार्धिक हैं। किंतु इन सबके बावजूद यूपी के शो विडों गौतमबुद्धनगर की जिला पंचायत में यदि कोई जाट अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचता है, तो अपने आप में चौकाने वाली बात तो जरूर लगती है। अमित चौधरी भाजपा में जिला महांत्री रहे हैं, मगर भाजपा ने पहले अमित चौधरी पर दांव लगाया और उन्हें ऐसे क्षेत्र से चुनाव मैदान मेंं उतारा जहां जाट बिरादरी के कुछ गांव जरूर हैं। गौतमबुद्धनगर जिला पंचायत वार्ड संख्या-5 में जेवर क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं जहां जाट बिरादरी के कई गांव हैं जब कि कुछ अन्य बिरादरियों के गांव हैं। आखिर भाजपा प्रत्याशी अमित चौधरी ने रालोद प्रत्याशी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रविंद्र भाटी लडपुरा को चित्त कर दिया। जब बारी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की आई तो फिर भाजपा ने जाट अमित चौधरी पर ही दाव लगाया। यूपी का शो विंडो माने जाने वाले गौतमबुद्धनगर की यह जिला ंपंचायत, राज्य की सबसे छोटी जिला पंचायत बन रह गई है। पहले यहां पर 15 जिला पंचायत वार्ड हुआ करते थे मगर अब यह जिला पंचांयत मात्र 5 सदस्यों की ही रह गई है। इस बार 5 सदस्यी जिला पंचायत में 3 भाजपा के सदस्य चुन कर आए और 1 बसपा तथा 1 निर्दलीय। भाजपा सदस्यों में वार्ड संख्या-1 से मोहिनी जाटव, वार्ड संख्या-3 से देवा भाटी और वार्ड संख्या-5 से अमित चौधरी चुनाव में विजयी हुए। गौतमबुद्धनगर में बेशक जाट वोटों की तादाद कम हो मगर अमित चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचा कर गौतमबुद्धनगर भाजपा ने यही संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा एक अनुशासित और लोकतांत्रिक पार्टी है, और यहां कोई भी कार्यकर्ता किसी भी नई बुंलदी को छू सकता है। गौतमबुद्धनगर जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी के बहाने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने यही संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा जाट विरोधी बिल्कुल नही है। इधर भाजपा पर बिरादरीवाद का तमगा भी लगता रहा है। सांसद डा0 महेंश शर्मा के 2019 के चुनाव में गुर्जर बिरोधी होने का मुद्दा खूब छाया रहा था। एक समय ऐसा भी आया कि भाजपा को गुर्जर विरोधी कहा जाने लगा था। आखिर भाजपा ने गुर्जर बिरोधी तमगे से पार पाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता सुरेंद्र सिंह नागर को पुनः राज्य सभा दी। वहीं नोएडा दादरी से विधायक रहे व पूर्व सिचाई राज्य मंत्री नवाब सिंह नागर को लाल बहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान का अध्यक्ष बनायां। इसके साथ ही अशोक कटारिया को विधान परिषद सदस्य के साथ मंत्री मंडल में शामिल किया। वहीं सांसद डा0 महेश शर्मा की पहल पर पूर्व कैबिनेट मंत्री वेदराम भाटी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बिजेंद्र भाटी अपने अपने दलों को छोडकर भाजपा में शामिल हुए। यहां बात गौतमबुद्धनगर भाजपा की करें तो फिलहाल जिलाध्यक्ष विजय भाटी, विजय पताका लगातार फहराते ही चले आ रहे हैं। सरल और मृदु स्वभाव के जिलाध्यक्ष विजय भाटी अपने नाम की तरह विजय श्री की घंटी बजा रहे हैं। गौतमबुद्धनगर भाजपा इतिहास में जिलाध्यक्ष विजय भाटी वर्ष 2019 से अपनी दूसरी पारी खेल रहे हैं। ऐसा इसलिए माना जाता है कि वे बेहद सादगी पंसद हैं, बगैर किसी सत्ता हनक की वे छोटें से छोटे कार्यकर्ता के साथ चल निकल पडते हैं। शायद यही कारण रहा होगा कि आलाकमान ने उन्हें दूसरी पारी खेलने के लिए फिर मैदान में उतारा है और कई पुराने चेहरों को किनारे कर दिया। जब से विजय भाटी गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष बने हैं चुनाव में जीत मिलने का सिलसिला जारी है। वर्ष 2016 में विजय भाटी की गौतमबुद्धनगर में भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर ताजपोशी की गई। इससे पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष हरीश ठाकुर हुआ करते थे।  विजय भाटी के कार्यकाल में ही विधानसभा चुनाव-2017 हुए और मोदी लहर में जिले की तीनो विधानसभा में कमल खिल उठा। इसके बाद नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा का परचम लहराया गया। दादरी नगर पालिका में पुनः भाजपा की चेयरमैन गीता पंडित को पुनः जीत मिली और वहीं रबूपुरा में भी नगर पंचायत अध्यक्ष भाजपा के ही जीते। इसके बाद वर्ष-2019 के लोकसभा चुनावों में पुनः पूर्व केंंद्रीय मंत्री सासंद डा0 महेश शर्मा को जीत मिली। इसी दौरान भाजपा के लिए एक और उपलब्धि जुडी गौतमबुद्धनगर लोकसभा के पहले सांसद रहे सुरेंद्र नागर जो कि सपा से राज्य सभा सदस्य थे पाला बदल कर भाजपा में शामिल हो गए। सुरेंद्र सिंह नागर ने सपा की राज्य सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया तब भाजपा ने उन्हें पुनः राज्य सभा सदस्य बनाया। इसके बाद मेरठ खंड स्नातक और शिक्षक विधान परिषद सदस्य चुनावों में भाजपा ने चौकाने वाले परिणाम दिए। गौतमबुद्धनगर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीचंद शर्मा ने मेरठ सहरानपुर शिक्षक विधानसभा परिषद सदस्य चुनाव में ओपी शर्मा के किले को ध्वस्त कर जीत का परचम लहराया। वही ंमेरठ स्नातक खण्ड निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल ने हेम सिंह पुण्डीर को हरा दिया। आखिर में विधानसभा चुनाव-2022 से ऐन पहले भी विजय भाटी ने अमित चौधरी को गौतमबुद्धनगर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहुंचा कर विजय श्री की बाजी फिर अपने कार्यकाल के नाम कर ली है।