पर्यावरण संरक्षण समिति की पहल पर शुक्रवार को उप स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण किया तो कई चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए

 


कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती कर दी गई है, जल्द ही इस हैल्थ सेंटर की कायाकल्प की जाएगीः डा0 नरेंद्र तिवारी




चलो गांव की ओर, जो बोलते नहीं उनकी सुने।


पहलः-ग्रामीण जागरुकता की







मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं। हाईटेक सिटी ग्रेटर नोएडा के ही दादूपुर गांव को ले लीजिए यहां पर उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन हैं जो एक प्रकार से भैंसों का तबैला साबित हो रहा है। यदि ग्रामीणों की मानें तो यहां ए.एन.एम आती हैं और उप स्वास्थ्य केंद्र से दूर एक मंदिर पर बैठ कर सिर्फ खाना पूर्ति करके चली जाती हैं। वहीं कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर भी यहां आने की जहमत नही उठाते हैं। इन स्वास्थ्य कर्मचारियों के रवैये के चलते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन के सभी द्वारों की किवाड या तो टूट कर गिर चुकी है या फिर किवाड गायब हो चुकी हैं। इस स्थिति के चलते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र  के अंदर असमाजिक तत्वों का बेसरा हो चला है और कई तरह की अनैतिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं। दूसरी ओर यदि कहा जाए तो यहां जुआरियों और शराबियों का अड्डा बना हुआ है। दादूपर गांव के कुछ जागरूक ग्रामीणों और पर्यावरण पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय नवादा की पहल पर शुक्रवार को पत्रकारों की एक टोली ने उप स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण किया तो कई चौकाने वाले तथ्य प्रकाश में आए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ए.एन.एम के रूप में साधना राय तैनात है जो कभी भी उप स्वास्थ्य केंद्र पर बैठने की जहमत नही उठाती है और पास बने मंदिर पर बैठ खाना पूर्ति करके चली जाती है। वहीं दूसरी ओर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर के रूप में ओमप्रकाश की तैनाती है जो शायद ही यहां पर आते हैं और यही कारण है कि यहां पर सी.एच. ओ¬ के भवन पर ताला लटका रहता है। शुक्रवार को भी मौके पर न तो ए.एन.एम साधना राय ही थी और न ही कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर ओमप्रकाश ही उपस्थित थे। पत्रकारों ने जब इन दोनों से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो बताया कि ए.एन.एम को कुछ जरूरी घरेलू काम है घर पर हैं। जब कि कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर ओमप्रकाश पी.एच.सी. दनकौर पर किसी जरूरी काम से आए हैं। पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय नवादा ने बताया कि दादूपुर गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र दशकों पहले लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया था। सरकार की मंशा थी कि गांव की गर्भवती महिलाएं, माताएं, नवजात शिशुओं का टीकाकरण बुजुर्गों व ग्रामीणों को सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य सुविधाएं गांव में ही उपकेंद्र पर मुहैया कराई जाए। लेकिन ग्रामीणों की अनभिज्ञता व जागरुकता के अभाव में उपकेंद्र असामाजिक तत्वों का बसेरा बन गया है। जिस कारण उपकेंद्र से सभी उपकरण चोरी हो गए हैं और सालों से उपकेंद्र बंद पड़ा है। उन्होंने बताया कि चलो गांव की ओर, जो बोलते नहीं उनकी सुने, पहलः-ग्रामीण जागरुकता की पर्यावरण संरक्षण समिति ने अभियान शुरू किया है। यदि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से नही जागता है तो फिर सीएमओ और डीएम तक सभी संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा और जिम्मेदारी अधिकारियों पर कार्यवाई कराई जाएगी। उधर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनकौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा0 नरेंद्र तिवारी ने ’’विजन लाइव’’ डिजिटल मीडिया को बताया कि दादूपुर में उपस्वास्थ्य केंद्र पहले से ही है, जहां ए.एन.एम पहले से ही कार्यरत है। दनकौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले कुल 29 उपस्वास्थ्य केंद्रों में से 8 को अब शासन द्वारा अपग्रेड किए जाने जाने  का निर्णय लिया है। इन 8 उपस्वास्थ्य केंद्रों में दादूपुर का भी उपस्वास्थ्य केंद्र शामिल है। नेशनल हेल्थ मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा यहां पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती कर दी गई है। जल्द ही इस हैल्थ सेंटर की कायाकल्प की जाएगी और फिर हर वक्त कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर द्वारा सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मुहैया कराई जानी शुरू हो जाएंगी अभी कोविड-19 की वजह से कुछ स्टॉफ व्यस्त है, जल्द ही व्यवस्था दुरूस्त कर ली जाएगी।