जेवर विधानसभा के फजालपुर और घरबरा में हुई समाजवादी किसान पंचायत से जमीन तलाशने की कोशिश

 


किसान पंचायत के संयोजक जतन प्रधान ने कहा कि बड़ी संख्या में पंचायत में शामिल होने के लिए सभी किसानों का बहुत बहुत आभार और हम सब मिलकर जरूर परिवर्तन लाएंगे

 

मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर में एक बार फिर समाजवादी पार्टी जमीन तलाशने की कोशिशें कर रही हैं। गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट और जिले की तीनों विधानसभा सीटों में से अभी तक कहीं भी समाजवादी पार्टी से कोई चुनाव हुआ प्रतिनिधि नही है। पूर्व में यहां दादरी विधानसभा सीट से स्व0 महेंद्र सिंह भाटी समाजवादी पार्टी से विधायक हुआ करते थे। मुलायम सिंह यादव के साथ ही स्व0 महेंद्र सिंह भाटी भी जनता दल बिखरने पर समाजवादी पार्टी का उदय होने पर आए थे। हालांकि स्व0 महेंद्र सिंह भाटी के करीबी और बाद में समाजवादी पार्टी के कद्दावार नेता बने नरेंद्र सिंह भाटी ने बतौर लोकसभा प्रत्याशी गौतमबुद्धनगर सीट से किस्मत आजमाई मगर, चुनावों में समाजवादी पार्टी का खाता तक नही खुल पाया। किंतु बाद में नरेंद्र सिंह भाटी ने गौतमबुद्धनगर बुलंदशहर विधान परिषद सीट से समाजवादी पार्टी का परचम लहराया दिया। यदि बात सुरेंद्र सिंह नागर की करें तो समाजवादी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में ही भेजा। सुरेंद्र सिंह नागर आम चुनावों में कभी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुन कर किसी सदन में नही पहुंचे। यदि बात समाजवादी पार्टी के खैवनहारों की करें तो नरेंद्र सिंह भाटी और फिर सुरेंद्र सिंह नागर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बडे चहरे रहे। किंतु इन सबके बावजूद समाजवादी पार्टी यंहा कमजोर होती ही चली गई। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में तो कई नेता समाजवादी पार्टी से टूट कर दूसरे दलों में चले गए। गौतमबुद्धनगर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह भाटी तक ने चुनावों में पाला बदला और भाजपा का झंडा थाम लिया। यदि गौतमबुद्धनगर बुलंदशहर विधान परिषद सदस्य नरेंद्र सिंह भाटी की बात को छोड भी दें, तो इस दौर में समाजवादी पार्टी में चौधरी फकीर चंद नागर, चौधरी सुनील चौधरी, राजकुमार भाटी, बीर सिंह यादव जैसे ही कुछ चुनिंदा चेहरे बचे हैं। जब सूबे में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी तो उस दौर में कई जिलों और मंडलों के साथ गौतमबुद्धनगर जिला भी भंग कर दिया था। हालांकि बाद में यह गौतमबुद्धनगर जिला लंबी जद्दोजहद और कानूनी लडाई के बाद और हाईकोर्ट के आदेश से पुनः बहाल हुआ था। तब से यहां समाजवादी पार्टी को एक तरह से अछूता जैसा समझा जा रहा है और उसके बदले यहां चुनावों में भाजपा अथवा बसपा की तूती बोलती ही चली आ रही है। मेरठ क्षेत्र से आने वाले अतुल प्रधान की यहां सक्रियता यह बता रही है कि समाजवादी पार्टी जरूर एक नया प्रयोग करने जा रही हैं। इस बात से इंकार नही किया जा सकता है कि अतुल प्रधान समाजवादी पार्टी के नए खैवहनहार के रूप में सामने आ रहे हैं। साथ ही ऐसा भी संभव है कि अतुल प्रधान अपने खुद के लिए गौतमबुद्धनगर में जमीन तलाश रहे हैं। समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव-2022 और लोकसभा चुनाव-2024 के लिए कहीं अतुल प्रधान को नए चेहरे के रूप में तो सामने नही ला रही है?अभी सवाल ही बना हुआ है। दादरी क्षेत्र के डेरी स्किनर गांव की बेटी सुदीक्षा भाटी की मौत के बाद और वहीं ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के कुलेसरा गांव निवासी व कोविड-19 काल में दिल्ली पुलिस की सिपाही कु0 शैली बंसल की मौत के बाद अतुल प्रधान राहत राशि के साथ आए थे। कल दिनांक 8 फरवरी को जेवर विधानसभा के फजालपुर और घरबरा गांव में समाजवादी किसान पंचायत हुई, जिसमें मुख्य अतिथिके तौर पर अतुल प्रधान और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी रहे। जतन प्रधान के गांव घरबरा में उनके निवास पर पंचायत में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। इस मौके पर अतुल प्रधान ने कहा कि सत्ताधारी लोग तानाशाही के दम पर किसानों का गला घोटना चाहते हैं हम किसी भी कीमत पर किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे।  किसानो के समर्थन में गांव गांव जाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर पचायत को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करना ही भारतीय जनता पार्टी का काम है, कुछ चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए इन कानूनों को लाया गया है और किसानों को गुलाम बनाने की इनकी बड़ी साजिश है। करीब 195 किसानों की शहादत इस आंदोलन में हो चुकी हैं, लेकिन किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। आने वाले समय में किसान इस सरकार को उखाड फैंकेंगे। किसान पंचायत के संयोजक जतन प्रधान ने कहा कि बड़ी संख्या में पंचायत में शामिल होने के लिए सभी किसानों का बहुत बहुत आभार और हम सब मिलकर जरूर परिवर्तन लाएंगे। इस मौके पर अतुल प्रधान, राजकुमार भाटी,आलोक नागर,जगबीर नंबरदार, चौधरी निर्भय सिंह, भोला, सुखबीर प्रधान,गजब प्रधान, नेमवीर सरपंच, राजेंद्र नागर, प्रताप नागर, सुधीर भाटी, दीपक नागर, निक्की भाटी, अक्षय चौधरी, बालकिशन, लोकेश भाटी, हैप्पी पंडित, धीरज सिंह, कृष्ण नागर, सलमू, प्रदीप भाटी, विकास गुर्जर, बिजजन सरपंच, शुभम चेची, प्रवीण आदि कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।