’’विजन लाइव’’ की खबर का असर

श्री सिद्ध फाउंडेशन ट्रस्ट .द्वारा बेरोजगार युवकों को नौकरी के नाम पर ठगने के मामले में जांच शुरू

 


ठगी का शिकार हुए युवकों द्वारा की शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लिया

 


एडीएम प्रशासन ने श्री सिद्ध फाउंडेशन ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं को आगामी 30 जनवरी-2021 को किया तलब



इस मामलें में शिकायतकर्ता युवकों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता देवेंद्र सिंह रावल एडवोकेट ने बताया कि श्री सिद्ध फाउंडेशन के इस मामले को एडीएम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। 30 जनवरी-2021 को श्री सिंद्ध फाउंडेशन के कर्ताधर्ता एडीएम प्रशासन के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।


मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

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बेरोजगार युवकों को नौकरी के नाम पर ठगने के मामले में गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने अब नकेल कसनी शुरू कर दी है। नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगने का एक गिरोह सक्रिय है। यह गोरखधंधा एक एन.जी.ओ.द्वारा बेरोजगार युवकों के साथ किया जा रहा है। ठगी का शिकार हुए युवकों ने इस मामले की शिकायत डीएम को पत्र लिख कर की थी। ’’विजन लाइव’’ डिजिटल मीडिया ने इस ठगी के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए ’’ठगी का खुलासाः- एन.जी.ओ.द्वारा बेरोजगार युवकों को नौकरी के नाम पर ठगने का गिरोह सक्रिय’’ नामक शीर्षक से खबर प्रसारित की थी। इस खबर का असर इतना हुआ कि गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने डीएम के निर्देश पर इस ठगी के मामले की जांच शुरू कर दी है। एडीएम प्रशासन गौतमबुद्धनगर ने आरोपी एन.जी.ओ. के कर्ताधर्ताओं को तलब किया है। गौतमबुद्धनगर एडीएम प्रशासन ने श्री सिद्ध फाउंडेशन ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामलें में शिकायतकर्ता युवकों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता देवेंद्र सिंह रावल एडवोकेट ने बताया कि श्री सिद्ध फाउंडेशन के इस मामले को एडीएम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। 30 जनवरी-2021 को श्री सिंद्ध फाउंडेशन के कर्ताधर्ता एडीएम प्रशासन के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि घोडी बछेडा गांव निवासी सुंदर सिंह रावल पुत्र धीरज सिंह और सुनील कुमार पुत्र ज्ञानेंद्र ने डीएम को लिखे पत्र में अवगत कराया था कि श्री सिद्ध संस्थान नामक एन.जी.ओ है और जिसका कार्यालय सेक्टर स्वर्ण नगरी ग्रेटर नोएडा में है। उक्त एन.जी.ओ बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देते है। इसके लिए बकायदा विज्ञापन आदि भी दिए जाते हैं। पत्र में शिकायतकर्ताओं द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि उक्त एन.जी.ओ. द्वारा 5000 रूपये आईकार्ड और ड्रेस आदि के नाम पर ले लिए गए हैं। साथ ही 11000 रूपये प्रतिमाह और 20000 रूपये कनवैंस के लिए देने का वादा किया गया। बकायदा एक ज्वॉनिंग लैटर भी दिया गया। पत्र में डीएम को अवगत कराया गया है कि दिनांक 24 नवंबर-2020 से लेकर 16 जनवरी-2021 तक नौकरी की है। इस नौकरी के दौरान खुद उनकी जेब से 8000-8000 रूपये खर्च हो चुके हैं और कोई वेतन नही मिला है। जब वेतन मांगा गया तो एन.जी.ओ के कर्ताधर्ताओं की ओर से कहा गया कि पहले 20,000 रूपये कलेक्शन करके लाओ। इसके लिए चाहे भिख भी मांगनी पडे, तो मांगे मगर 20,000 रूपये लाने ही होंगे। पत्र में शिकायतकर्ताओं ने डीएम को यह भी अवगत कराया कि जब 20,000 रूपये कलेक्शन में असमर्थता जाहिर की तो एन.जी.ओ के कर्ताधर्ताआेंं द्वारा धमकी दी गई तुम्हारे खिलाफ पुलिस में झूठा केस दर्ज करा कर पुलिस से पिटावा देंगे।