गौतमबुद्धनगर सीजेएम कोर्ट ने अमेरिकन कंपनी सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के साथ अमानत में ख्यानत के मामले में परिवाद दर्ज किए जाने के आदेश दिए

 


मौहम्मद इल्यास/गौतमबुद्धनगर

-----------------------------------गौतमबुद्धनगर  में अमेरिकन कंपनी सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के साथ अमानत में ख्यानत का मामला प्रकाश में आया है। गौतमबुद्धनगर सीजेएम कोर्ट ने इस मामले में परिवाद दर्ज किए जाने के आदेश दिए हैं। गौतमबुद्धनगर सीजेएम कोर्ट के समक्ष अंतर्गत धारा 156(3) 0प्र0सं0 उल्लिखित तथ्यों के आधार पर इस आशय से प्रस्तुत किया गया है कि प्रार्थी का पूर्ण स्वामित्व एक अमेरिकन कंपनी का है, जिसका कारू हाईड्रो प्रोजेक्ट एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाना है। वर्तमान में विश्व में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन न्यूयार्क से वाशिंगटन तक कांस्ट्क्ट कर रही है जिसकी, गति लगभग 650 किलोमीटर प्रतिघंट होगी, जिसका सिविल डिजाईन भारत के अंदर कार्यालय 125 नोएडा, जिला गौतमबुद्धनगर में ही संपन्न किया जाना था, जो कि अब विपक्षीगण/फैथ ट्रेडिंग प्रा०लि० द्वारा अवैध रूप से कार्यालय का ताला तोड़कर कब्जा कर लेने के कारण अधर में लटक गया है। दिनांक 20-11- 2016 रविवार को विपक्षीगण/ फैथ ट्रेडिंग प्रा०लि० द्वारा प्रार्थी/ सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के कर्मचारियों की अनुपस्थिति में अनुबंध दिनांकित.30-06-2012 की शर्तों का पूर्ण उल्लंघन करते हुए ऑफिस का ताला तोड़कर अनाधिकृत कब्जा कर लिया गया और मात्र चार लैपटॉप जो कि आपत्तिकर्ता के अधिकारियों के पास कार्य हेतु हमेशा साथ रहते थे, को छोड़कर ऑफिस में रखे हुए सभी सामान एसेट्स, जिसका अंकन लगभग रूपये 1 करोड़ 10 लाख रूपये था, पर अनाधिकृत कब्जा कर लिया। विपक्षीगण/फैथ ट्रेडिंग प्रा०लि० द्वारा किए गए इस कृत्य से सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 को ढाई वर्षों के अंतराल में करीब 5 करोड़ रूपये की हानि का सामना करना पड़ा है। यही नहीं फिट आउट अनुबंध की शर्तों का निरंतर उल्लंघन करने के कारण प्रार्थी/ सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के विरुद्ध झूठा मुकदमा संख्या 1160/ 2017 लगभग दस माह बाद सैक्टर.39, नोएडा के थाने में दिनांक 27-10-2017 को दर्ज करा दिया। पुलिस द्वारा उक्त मुकदमें में जांच कर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट


दाखिल भी की जा चुकी है। सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के अधिवक्ता अफरोज खान ने दलील दी कि प्रस्तुत प्रकरण संविदा उल्लंघन से संबंधित है तथा वर्ष 2016 में उक्त संविदा का उल्लंघन हुआ है। स्वयं प्रार्थी के विरूद्ध मामला पंजीकृत हुआ, जिसमें कि प्रार्थी के कथनानुसार अंतिम आख्या प्रेषित की गई है। अतः संबंधित थाने को आदेशित किया जाए कि प्राथना पत्र के प्रकाश में मुकदमा पंजीकृत कर विधि अनुसार विवेचना करें। उधर गौतमबुद्धनगर सीजेएम कोर्ट ने संबंधित पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं की दलीलों का सुना और अमेरिकन कंपनी सिनर्जिक्स हाईड्रो ( इंडिया) प्रा0 लि0 के पक्ष में परिवाद दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। गौतमबुद्धनगर सीजेएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित विधि व्यवस्था किमिनल अपील नं० 781/2012 प्रियंका श्रीवास्तव व अन्य बनाम स्टेट ऑफ यू.पी. व  अन्य के प्रकाश में तथा इसके अतिरिक्त सुखवासी बनाम स्टेट ऑफ यू0पी0 2007 (59) ए. सी.सी. 739 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह विधि व्यवस्था प्रतिपादित की गई है कि धारा 156(3) 0प्र0सं0 के अंतर्गत न्यायालय को आदेश उसी स्थिति में पारित करना चाहिए जबकि न्याय की हत्या जैसा प्रतीत हो रहा हो। प्रार्थना. पत्र धारा 156(3) 0प्र0सं0 केवल इसी आधार पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सुविधापूर्ण है। इसलिए इस मामले में न्यायालय प्रार्थना.पत्र परिवाद के रूप में स्वीकार करते हुए कार्यवाही कर सकता है। अतः माननीय उच्च न्यायालय की विधि व्यवस्था के प्रकाश में प्रार्थना.पत्र परिवाद के रूप में स्वीकार किए जाने योग्य है। प्रार्थना.पत्र परिवाद के रूप में स्वीकार किया जाता है परिवाद दर्ज रजिस्टर हो। पत्रावली वास्ते बथान धारा 200 दण्ड प्रक्रिया संहिता संबंधित दिनांक. को पेश हो।