विजन लाइव/दनकौर

सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार सज्जादानशीन सैयद भूरेशाह बाबा दनकौर शरीफ इंतिकाल फरमा गए। दनकौर शहर के सिलारपुर रोड स्थित कब्रिस्तान में सज्जादानशीन सैयद भूरेशाह बाबा दनकौर शरीफ सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार को सुपुर्द-- खाक किया गया। सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार फरजंद मरहूम अब्दुल सत्तार करीब 8 महीने से कैंसर जैसी बीमारी से लड रहे थे। 3 दिसंबर की रात को अचानक उनकी तबियत बिगड गई और इंतिकाल फरमा गए, दूसरे दिन नमाज--जुमा बाद सुपुर्द-- खाक किया गया। सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार सज्जादानशीन सैयद भूरेशाह बाबा दनकौरी शहर के शाही इमाम भी रह चुके थे। सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार सज्जादानशीन सैयद भूरेशाह बाबा दनकौरी के फरजंद अब्दुल कलाम ने बताया कि वालिद सूफी हाजी अब्दुल गफ्फार सज्जादानशीन सैयद भूरेशाह बाबा दनकौरी करीब 70 साल की उम्र में कैंसर की बीमारी से लड रहे थे। अचानक तबियत खराब हुई और इंतिकाल फरमा गए। वह साबिरी समदी सिलसिले के हाफिज रमजानी से मुरीद रहे थे। शनिवार की सुबह को कुरआनी और मरहूम की मगेफिरत के लिए दुआएं की गईं।