क्षेत्रीय महामंत्री बनाए जाने के पीछे जेवर विधानसभा के राजनीतिक समीकरण तलाशने की कवायद तो नही?



 मौहम्मद इल्यास/ग्रेटर नोएडा

 भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश ठाकुर को क्षेत्रीय टीम में महामंत्री बनाए जाने के बाद माना जा रहा है कि संगठन की ओर से यह तुरूप पत्ता है जिससे क्षेत्रीय विधायक के पर कतरे गए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश ठाकुर बीते विधानसभा चुनावों से पहले जेवर से मजबूत टिकट के दावदेर रहे थे। किंतु ऐन वक्त पर कांग्रेस से पाला बदल कर आए ठाकुर धीरेंद्र सिंह को टिकट पकडा दिया गया। खैर ठाकुर धीरेंद्र सिंह जेवर की इस विधानसभा सीट को बसपा से छीन कर भाजपा की झोली में डाल दिया। हरीश ठाकर और ठाकुर धीरेंद्र सिंह के बीच यह खटास अभी तक चली आ रही है। वैसे यह दोनो नेता एक ही परिवार से संबंध रखते हैं। किंतु इन्हें किसी भी मौके पर मंच साझा करते हुए नही देखा गया। सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह की पहुंच हाईलेवल पर ज्यादा है। सीएम से लेकर मंत्रियों और आला अफसरों तक पहुंच के कारण माना जा रहा है कि इस बार भी क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह का टिकट पक्का है। किंतु वहीं क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के धुर विरोधी मान रहे हैं कि इस बार उनका पत्ता कट जाएगा। जिले में भाजपा की दो पावर मानी जाती है, इनमें एक पूर्व केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सासंद डा0 महेश शर्मा और दूसरी है सपा से हाल में आए राज्य सभा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर जिन्हें भाजपा न केवल पुनः राज्य सभा सदस्य की ताजपोशी भी कराई बल्कि राज्य सभा के पैनल में शामिल कराया। उपसभापति की गैर मौजूदगी की सुरेंद्र सिंह नागर सदन की अध्यक्षता करते हुए कार्यवाही का संचालन भी कर चुके हैं। ये दोनों सुपर पावर शायद ही इस बार क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह टिकट पर अपनी संस्तुति देंगी, पूरा संशय है? दूसरी ओर क्षेत्रीय विधायक पर दनकौर क्षेत्र के विकास की अनदेखी के आरोप भी लगने लगे हैं। दनकौर ब्लाक खत्म किए जाने के मामले में भी क्षेत्रीय विधायक की जवाबदेही क्षेत्रीय जनता मांग रही है। किसान एकता संघ ने हाल में ही दनकौर ब्लाक को समाप्त किए जाने के विरोध में एक दिवसीय भूख हडताल की और क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह पर आरोप लगाए कि जिले में दूसरे विधायक दादरी और बिसरख ब्लाकों के आसित्व को बचाने में कामयाब रहे मगर जेवर विधायक ऐसा नही कर पाए। यही नहीं किसान एकता संघ की ओर से यह ऐलान भी किया गया कि यदि जल्द की ब्लाक के दर्जे को बाहल नही किया गया तो क्षेत्रीय विधायक के आवास का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह उस समय भी गच्चा खा गए जब गत 8 अक्टूबर-2020 को अमरपुर गांव में कूडाघर बनाए जाने के विरोध में ग्रामीणों को आंदोलन शुरू हुआ। आखिर बाद यह कूडा घर के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन इतना बडा रूप ले गया कि क्षेत्रीय समाज के संगठनांं, किसान संगठनों के साथ सपा और कांग्रेस तक भी सरकार की खूब फजीहत कर डाली। क्षेत्रीय विधायक वहां धरना स्थल पर नही पहुंचे और आखिर एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों की मांग को मानते हुए अनशन खत्म कराया।