गौतमबुद्धनगर एडीशनल सेशन जज एफ.टी.सी.-1 ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गुड्डू और गौतमबुद्धनगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी की जमानत अर्जी की मंजूर

 




विजन लाइव/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर एडीशनल सेशन जज एफ.टी.सी.-1 ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गुड्डू और गौतमबुद्धनगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। हाथरस कांड में पीडिता की परिवार से मिलने के लिए जाते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी गौतमबुद्धनगर में पुलिस ने रोक लिया था। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और गौतमबुद्धनगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर ही धरने पर बैठ गए। पुलिस ने पहले तो लाठी चार्ज करते हुए कार्यकर्ताओं को तितर बितर करना चाहा मगर बाद में उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस लाइन ले गई। वहीं पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस.वे पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी गिरफ्तार कर लिया था. हाथरस जा रहे राहुल गांधी ने पुलिस से कहा मैं अकेले हाथरस जाना चाहता हूं। कृपया बताएं कि किस धारा के तहत मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं। इसके जवाब में पुलिस ने कहा कि हम आपको एक आदेश के उल्लंघन के लिए आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार कर रहे हैं। पुलिस राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को फॉर्मला-1 के गेस्ट हाउस ले गई। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने देर शाम दोनों नेताओं को पर्सनल बैल बॉन्ड पर छोड़ा था। वहीं पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गुड्डू और गौतमबुद्धनगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में आज बुधवार को गौतमबुद्धनगर एडीशनल सेशन जज एफ.टी.सी.-1 के यहां पर अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने जमानत दिए जाने का विरोध किया और वहीं कोर्ट ने इन तीनों नेताओं की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा है कि पिछले दिनों हाथरस में हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी जा रहे थे परंतु इस तानाशाही सरकार ने अपनी तानाशाही दिखाते हुए इन नेताओ को यमुना एक्सप्रेस वे पर दनकौर से आगे नहीं जाने दिया और वहां पर नेताओं व कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। पुलिस द्वारा बरसाई गई लाठी से दर्जनों कार्यकर्ता घायल हुए और साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए। किंतु माननीय न्यायालय द्वारा इस मामले में इन तीनों नेताओं की जमानत अर्जी मंजूर किए जाने से यह साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार चाहे जिनता तानाशाही बरत लें मगर कानूनन जीत सच्चाई की हुई है। उन्होंन कहा कि कांग्रेस के सिपाही भाजपा की तानाशाही और इस तरह दर्ज किए जाने वाले झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं है। उत्तर प्रदेश में अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी।