किसानों ने वायदा खिलाफी को लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और साथ ही राज्य सरकार को भी जमकर कोसा



 किसानों ने फैसला किया कि 7 सितंबर-2020 को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण मुख्य कार्यापालक अधिकारी को मांगों के संबंध में ज्ञापन देंगे



विजन लाइव/दनकौर

दनकौर में क्षेत्रीय किसानों ने 64.07 अतिरिक्त मुआवजे समेत संबंधित मांगों का लेकर पहले एक सभा की और फिर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में ज्ञापन देने के लिए कूच करना शुरू किया। मगर वहां पर पुलिस ने पहले ही धरना स्थल को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया था। प्रदर्शनकारी किसान ज्ञापन देने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय के लिए कूच कर रहे थे और वहीं पुलिस प्रशासन चट्टान की तरह दीवार बन कर खडा था। मौके पर मौजूद पुलिस के आला अधिकारियों ने किसानों से कहा कि इतनी भीड के रूप में ज्ञापन देने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे  औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यालय नही जा सकते हैं, क्योंकि कोविड-19 महामारी की वजह से जनपद में धारा-144 लागू है। यदि किसान ज्ञापन ही देना चाहते हैं, तो कुछ चुंनिदां लोग यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय में जाकर ज्ञापन दे सकते हैं मगर इतनी बडी भीड एक साथ कूच नही कर सकती। वहीं आंदोलनकारी किसान पुलिस प्रशासन की इस शर्त पर राजी नही हुए और किसानों तथा पुलिस के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। वहीं आंदोलनकारी किसानों ने वायदा खिलाफी को लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और साथ में ही राज्य सरकार को भी जमकर कोसा। किसानों ने भरी सभा में कहा कि राज्य सरकार और साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के इन मुद्दों को सुलझाने नही चाहते हैं बल्कि उलझा कर किसानों के वायदा खिलाफी कर रहे हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी किसानों को लॉलीपॉप दे देते हैं कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे मगर ऐसा अभी हुआ नही है। किसानों ने कहा कि राज्य सरकार और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारी यह कतई नही चाहते कि किसानों को 64.07 अतिरिक्त मुआवजा मिले और अन्य सारी सुविधाएं मिले। वहीं जब पुलिस ने किसानों को आगे बढने से रोकना चाहा, तो किसान 50 मीटर आगे निकल कर दनकौर ग्रेटर नोएडा रोड पर ही धरने पर बैठ गए। इस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों की मान मनोव्वल की तो किसानों ने फैसला किया कि अब आगामी 7 सितंबर-2020 को किसान यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय में मुख्य कार्यापालक अधिकारी को मांगों के संबंध में ज्ञापन देंगे।

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