बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों ने आर.डब्ल्यू.ए महासचिव से इस्तीफा की मांग कर डाली



आर.डब्ल्य.ूए. अध्यक्ष अजब सिंह ने आर.डब्ल्यू.ए. पंजीकृत होने की दावेदारी पेश करते हुए फेडरेशन अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर को प्रमाण पत्र सौंपा



बैंक एकाउंट सीज होने व रजिस्ट्रार ऑफिस से नोटिस मिलने के कारण इस तरह की अनर्गल बातें की जा रही हैंः आर.डब्ल्यू.ए महासचिव आलोक नागर



विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-2 आर.डब्ल्यू.ए. में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आर.डब्ल्यू.ए में अध्यक्ष और महासचिव के बीच चल रही अंतर्कलह अब खुल कर सामने आ चुकी है। एक दूसरे पर गंभीर आरोपों का सिलसिला जारी है। हालांकि फेडरेशन पदाधिकारियों ने आर.डब्ल्यू.ए में चल रही अंतर्कलह समाप्त करने के लिए मंगलवार को एक बैठक की, लेकिन बैठक में आर.डब्ल्यू.ए. महासचिव आलोक नागर उपस्थित ही नहीं हुए। आर.डब्ल्य.ूए. अध्यक्ष अजब सिंह ने आर.डब्ल्यू.ए. पंजीकृत होने की दावेदारी पेश करते हुए फेडरेशन अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर को प्रमाण पत्र सौंपा। इसके बाद कार्यकारिणी सदस्यों ने महासचिव से इस्तीफा की मांग कर डाली। यह विवाद उस समय ज्यादा तूल पकड गया जब आर.डब्ल्यू.ए. महासचिव आलोक नागर ने आर.डब्ल्यू.ए. अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत रजिस्ट्रार मेरठ से की थी। रजिस्ट्रार के संज्ञान के बाद बैंक आर.डब्ल्यू.ए. के खाते से रकम निकासी पर पाबंदी लगा चुका है। आर.डब्ल्यू.ए. में पड़ी दरार के बाद सेक्टर के लोग भी गुटों  के बीच फंस कर रह गए हैं। सेक्टर के वाट्सएप ग्रुप पर पिछले कई दिनों से घमासान मचा हुआ था दोनों गुट एक दूसरे के खिलाफ साक्ष्य पेश करने व गलत साबित होने पर पद से इस्तीफा देने का दावा कर रहे थे। मामला सुलझाने के लिए रविवार को आर.डब्ल्यू.ए. कार्यकारिणी व संचालन समिति के सदस्यों की बैठक हुई। इस बैठक में एडवोकेट नवीन चौधरी, सुरेंद्र नेगी, सुधीर कसाना, रविंद्र बोड़ाकी, सीपी शर्मा, उमेश एडवोकेट, नवीन शर्मा, वीके गुप्ता, ओपी यादव, डा0 अनिल, विनीत, एसके वर्मा, आजाद विकल, मनीष भाटी बी.डी.सी.,नीरा डागर आदि पदाधिकारी और सदस्यगण मौजूद रहे। आर.डब्ल्यू.ए में अध्यक्ष अजब सिंह भाटी गुट के पक्ष जानने के बाद ’’विजन लाइव न्यूज’’ ने असंतुष्ट गुट आर.डब्ल्यू.ए महासचिव आलोक नागर को अपना पक्ष रखने का मौका दिया। इस पर आर.डब्ल्यू.ए महासचिव आलोक नागर ने बताया कि उनका इस्तीफा देने का सवाल ही पैदा नही होता है। उन्होंने कहा कि आर.डब्लू. ए. अध्यक्ष स्वयं को सही सिद्ध करे अन्यथा इस्तीफ़ा देकर पुनः चुनाव कराएं। सवाल जवाब में आर.डब्ल्यू.ए महासचिव आलोक नागर ने बताया कि आर.डब्ल्यू.ए. डेल्टा 2 के अध्यक्ष अजब सिंह ने बैठक कर मेरे इस्तीफे की मांग की है और बताया है कि आलोक नागर बैठक में उपस्थित नही हुए। मुझे न तो अध्यक्ष ने और न ही फेडरेशन के अध्यक्ष व न ही सेक्टर के किसी व्यक्ति द्वारा कोई बैठक की सूचना दी थी। बैंक एकाउंट सीज होने व रजिस्ट्रार ऑफिस से नोटिस मिलने के कारण इस तरह की अनर्गल बातें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आर.डब्लू. ए ने 3 लाख रुपये बिना मेरे व कमेटी की सहमति के नकद रूप में निकाल लिए थे, क्योकि बायलॉज के अनुसार अध्यक्ष को मात्र 5 हजार रुपये तक खर्च करने का अधिकार प्राप्त है। इससे ज्यादा खर्च के लिए प्रबंधन कमेटी की सहमति आवश्यक है। उन्होंने सवाल खडा करते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से मेरे इस्तीफे की मांग की गई है। इस्तीफा उस व्यक्ति से मांगा जाता है जिन पर आरोप होते है यहां तो आरोप वाले उल्टे इस्तीफा मांग रहै है।