भारतीय किसान यूनियन चै0 अम्बावता के प्रतिनिधिमंडल ने 64.7 प्रतिशत और 10 प्रतिशत भूखंड के संबंध मे की मांग

विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा
 भारतीय किसान यूनियन चै0 अम्बावता के प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालक अधिकारी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए 64.7 प्रतिशत और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड के संबंध में आदेश को पुनर्विचार करने के लिए ज्ञापन दिया। ज्ञापन में सरकार से निवेदन किया है कि असहाय और मजबूर किसानों का हित समझते हुए फैसले पर हस्तक्षेप करें। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद क्षेत्र का किसान काफी आहत हैं और काफी परेशानी का सामना कर रहा है जिससे किसान को केवल सरकार का ही सहारा है। किसानों का अंतिम विकल्प यही है कि किसानों के साथ अन्याय हो,किसान देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अहम भूमिका निभाते हैं एवं अहिंसा और देश के संविधान के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं। किसानों का पुरजोर प्रयास रहेगा कि वह अपने हक के लिए संविधानिक रुप से हर संभव प्रयास करेंगे। इस मौके पर जग्गी पहलवान पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, नरेश चपरगढ़ मेरठ मंडल अध्यक्ष, उधम नागर जिलाध्यक्ष्, कृष्ण भाटी जिला प्रवक्ता आदि पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।