विजन लाइव/गौतमबुद्धनगर
किसान एकता संघ के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जतन प्रधान के नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा0 अरुण वीर सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। किसान एकता संघ के मिडिया प्रभारी आलोक नागर और जिलाध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा बताया कि पिछले काफी समय से 64 पॉइंट 7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड की मांग को लेकर किसान काफी लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं, लेकिन यमुना प्राधिकरण किसानों को गुमराह करता रहा है। अभी ताजा आए हाईकोर्ट के आदेश से किसानों में रोष है, प्राधिकरण और शासन यह भूल रहा है कि घोड़ी बछेड़ा आंदोलन और भट्टा पारसौल कांड इसी जिले में हुआ है, जिस भट्टा पारसौल आंदोलन ने भूमि अधिग्रहण कानून को बदलने का काम किया है जिसमें कई किसानों ने शहादत दी। इस संबंध में यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा0 अरुण वीर सिंह ने किसान संगठन के इस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसानों के हित के लिए हाई कोर्ट के डिसीजन को प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज कर रहा हैं। इस आदेश की जानकारी सरकार को दी चुकी है, क्योंकि यमुना प्राधिकरण 80 प्रतिशत किसानों को 64.7 प्रतिशत:अतिरिक्त मुआवजा वितरित कर चुका है। किसानों को बिल्कुल परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। वहीं किसान एकता संघ प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण को चेताया कि अगर जल्द किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान एकता संघ बड़ा आंदोलन करेगा। इस मौके पर जतन प्रधान के अलावा बृजेश भाटी, आलोक नागर और कृष्ण नागर आदि लोग मौजूद रहे।