भारतीय किसान यूनियन- चौं0 अंबावता के जिला प्रवक्ता कृष्ण भाटी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से की मांग
विजन लाइव/ गौतमबुद्धनगर

ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव में रह रही शैली बैंसला जो दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थीं, कोरोना महामारी मेंं शहीद हो गई है। भारतीय किसान यूनियन- चौं0 अंबावता के जिला प्रवक्ता कृष्ण भाटी ने मांग की है कि इस जांबाज सिपाही को शहीद का दर्जा दिलाया जाए और परिजनों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएं। भारतीय किसान यूनियन- चौं0 अंबावता के जिला प्रवक्ता कृष्ण भाटी ने कहा कि शैली बैंसला ने वर्ष 2018 में जॉइनिंग की थी। गुर्जर समाज की यह बेटी 2 साल की अपनी ड्यूटी बड़ी बखूबी से निभा रही थी। यही नहीं कोरोना काल को देखते हुए शैली ने अपने फर्ज को निभाते हुए कोरोना योद्धा के रूप में लगातार काम किया और ड्यूटी पर तैनात रही। ऐसी बेटी पर पूरे समाज और क्षेत्र को गर्व है, जिन्होंने अपने मां.बाप और परिवारजनों को ना देखकर सरकार के नियमों का पालन करते हुए लोगों की सुरक्षा की, लेकिन कोरोना संक्रमण होने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। अब जिसे दिमागी बुखार कहकर टाल दिया गया, जबकि उसके अन्य पुलिस फोर्स के कुछ साथी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि गरीब मां.बाप ने होनाहार बेटी बडी मशक्कत से पढाया लिखाया। यहां तक परिवार ने दूध और जमीन बेचकर इस बेटी को यहां तक पहुंचाया। लेकिन आज सरकार हाथ पर हाथ रख कर बैठी है कोई सुनवाई नहीं कर रही है। बड़े दुख की बात है मां किरण देवी का रो रो कर बुरा हाल है, बाप लीला सिंह का भी रो.रो कर वही बुरा हाल है। परिवार की स्थिति बहुत ही खराब है इसलिए दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भारतीय किसान यूनियन अम्बावता पूरजोर मांग करती है कि किसान की बेटी के होने नाते इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित जांच के आदेश देकर बहन शैली बैंसला को शहीद का दर्जा दिया जाए और 1 करोड़ रुपए उसके परिवार की स्थिति को देखते हुए दिए जाए। साथ ही परिवार के पालन पोषण के लिए एक परिवार के सदस्य को योग्यता अनुसार उचित रोजगार दिया जाए।