गाजियाबाद  में रह रही है, इस्तीफे के बाद से हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर

विजन लाइव/उत्तर प्रदेश
हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर और उनकी बहन रीमा नागर पर जान लेवा किया गया है। इस बात की जानकारी स्वंय रानी नागर ने ट्वीट करके दी है। उन्होंने बताया कि मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी गाजियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी जिला गौतमबुद्धनगर आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि आज दिनांक 30 मई 2020 को रात लगभग 09.10 बजे के बीच में मैं रानी नागर मेरी बहिन रीमा नागर अपने गाजियाबाद स्थित आवास के गेट पर खड़े थे। उसी समय एक व्यक्ति मकान नम्बर बी.96 न्यू पंचवटी कालौनी गाजियाबाद से निकलकर हमारे घर के गेट पर आया और उसने मेरे सिर पर लोहे की रॉड से वार किया। लोहे की रॉड का वार अपने सिर पर आते देखकर मैं भागकर आगे होकर बच गई। इसके तुरन्त बाद उस व्यक्ति ने मेरी बहिन रीमा नागर के पैर में लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे मेरी बहिन रीमानागर के पैर में बहुत चोट आई। मेरी बहिन रीमानागर पैर से चलने में अभी असमर्थ हो गई हैं और उनके पैर में नील भी पड़ गए हैं। हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर उस समय सुर्खियों में आई थी, जब नौकरी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी रानी ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट डालकर इसकी जानकारी दी थी। 17 अप्रैल 2020 को जारी वीडियो में कहा कि अगर उन्हें कुछ हो जाए या वे लापता हो जाएं तो उनके इस वीडियो को बतौर बयान सीजेएम चंडीगढ़ की अदालत में विचाराधीन केस संख्या 3573/2019 में दर्ज कराएं। आईएएस रानी नागर ने कहा है कि वरिष्ठ आईएएस सुनील गुलाटी चंडीगढ़ पुलिस के कुछ अफसरों के खिलाफ उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हुआ है। वे दिसंबर 2019 से यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ के कमरा नंबर 311 में किराए पर रह रही हैं। आईएएस गुर्जर रानी नागर द्वारा फेसबुक पर डाली पोस्ट से केवल पूरे देश में बल्कि गुर्जर समाज में सनसनी फैल गई।  इसके बाद जैसे ही चंडीगढ में लाॅकडाउन में कुछ पाबंदी हटी रानी नागर ने नौकरी से इस्तीफा दिया और अपनी बहन के साथ गाजियाबाद गईं।