यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 27.46 करोड का औद्योगिक निवेश


यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया


विजन लाइव/ग्रेटर नोएडा
उत्तर प्रदेश में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। मंगलवार को यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा0 अरुण वीर सिंह सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चार औद्योगिक भूखंडों के आवेदकों का साक्षात्कार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लिया गया। साक्षात्कार के दौरान समिति के अन्य सदस्य जिनमें अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, महाप्रबंधक परियोजना के0 के0 सिंह, महाप्रबंधक वित्त विशंभर बाबू, महाप्रबंधक नियोजन श्रीमती मीना भार्गव, सलाहकार आर0के0 सिंह, आलोक नाथ आदि अधिकारी भी उपस्थित रहे। आवेदकों द्वारा पूर्व में उत्तर प्रदेश शासन की वेबसाइट निवेश मित्र के माध्यम से यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भूखंड हेतु ऑनलाइन आवेदन किया गया था। प्राधिकरण द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दो सफल आवेदकों मैसर्स एस0के0 आॅकेन कारपेट एंड फर्निशिग इंडिया प्रा0 लि0 और एफ0के0के0 इंटरींगेटिटेड बैटरीज इंडिया प्रा0 लि0 को प्राधिकरण के सेक्टर 33 में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया। आवंटियों द्वारा आवंटन पत्र यूपी निवेश बेवसाइट से डाउनलोड किया जाएगा। मैसर्स एस0के0 आॅकेन कारपेट एंड फर्निशिग इंडिया प्रा0 लि0 द्वारा 11.36 करोड रुपए का निवेश किया जाएगा तथा इससे क्षेत्र में 271 लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। एफ0के0के0 इंटरींगेटिटेड बैटरीज इंडिया प्रा0 लि0 की परियोजना की कुल लागत 16.10 करोड़ रुपए की है तथा इससे क्षेत्र में 198 लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। उल्लेखनीय है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पहली बार औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है।

>