BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक पर ट्रैफिक जाम का अध्याय खत्म होने की ओर, अंडरपास के ट्रायल के पहले ही दिन 5 घंटे में गुजरे 14 हजार वाहन


99 करोड़ रुपये की लागत से बना 720 मीटर लंबा अंडरपास; ट्रायल सफल रहा तो जल्द होगा औपचारिक उद्घाटन और वाहनों के लिए स्थायी रूप से खुलेगा
 मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए चार मूर्ति चौक पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद अब हकीकत में बदलती दिखाई दे रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से निर्मित क्षेत्र के पहले अंडरपास का ट्रायल बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे से शुरू हो गया। ट्रायल शुरू होते ही वाहन चालकों ने इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। शुरुआती पांच घंटों में ही लगभग 14 हजार वाहन अंडरपास से होकर गुजरे। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि अंडरपास शुरू होने से क्षेत्र के यातायात पर कितना बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अंडरपास का ट्रायल 8 नवंबर की रात 10 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान वाहनों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। यदि ट्रायल के दौरान कहीं कोई तकनीकी समस्या या यातायात संबंधी अड़चन सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद अंडरपास को वाहनों की नियमित आवाजाही के लिए औपचारिक रूप से जल्द खोलने की तैयारी है।
पांच घंटे में 14 हजार वाहनों की आवाजाही, पहले दिन ही दिखा बदलाव
चार मूर्ति चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सबसे व्यस्त यातायात केंद्र माना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। पीक आवर्स में वाहनों का दबाव इतना अधिक रहता था कि वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता था। नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों के लिए यह परेशानी लंबे समय से बनी हुई थी।
बृहस्पतिवार सुबह अंडरपास ट्रायल के लिए खुलते ही यातायात का नजारा बदला हुआ नजर आया। वाहन चालकों को चौक पर रुकने और लंबा इंतजार करने के बजाय अंडरपास से सीधे निकलने का विकल्प मिला। सुबह 6 बजे से 11 बजे तक लगभग 14 हजार वाहनों का गुजरना इसकी उपयोगिता को दर्शाता है।
डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी होगी कम, ईंधन और समय की भी बचत
इस अंडरपास का सबसे बड़ा लाभ 130 मीटर रोड और 60 मीटर रोड से गौड़ सिटी तथा तिगड़ी गोलचक्कर होते हुए गाजियाबाद की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगा। पहले इन वाहन चालकों को हिंडन पार करने के बाद यू-टर्न लेकर वापस आना पड़ता था। इस प्रक्रिया में न केवल अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, बल्कि ईंधन और समय की भी बर्बादी होती थी।
अंडरपास शुरू होने के बाद इन वाहन चालकों की लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर तक की दूरी कम हो जाएगी। इससे प्रतिदिन आने-जाने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक चार मूर्ति चौक से रोजाना करीब 50 हजार वाहन गुजरते हैं। अंडरपास के कारण वाहनों की दूरी और जाम में लगने वाले समय में कमी आने से ईंधन की बड़ी बचत होगी। अनुमान है कि इससे सालाना लगभग 35 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
जाम कम होगा तो प्रदूषण पर भी पड़ेगा सकारात्मक असर
अंडरपास शुरू होने का लाभ केवल यातायात को सुगम बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। जाम में वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने और बार-बार रुकने-चलने से ईंधन की खपत बढ़ती है तथा प्रदूषण भी फैलता है। अंडरपास से यातायात का दबाव कम होने पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी। इससे ईंधन की खपत और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आने की भी उम्मीद है।
इस तरह यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को समय और पैसे की बचत के साथ बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
एसीईओ सुमित यादव ने किया निरीक्षण, यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश
अंडरपास का ट्रायल शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने उप महाप्रबंधक विजय रावल, वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर और प्राधिकरण की अन्य टीम के साथ चार मूर्ति अंडरपास तथा आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अंडरपास से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही और आसपास की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यातायात को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाए तथा ट्रायल के दौरान सामने आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।
एसीईओ ने ट्रायल सफल रहने के बाद अंडरपास को स्थायी रूप से वाहनों के लिए जल्द खोले जाने की बात कही।
सीईओ एनजी रवि कुमार ने जताया निवासियों का आभार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अंडरपास के निर्माण के दौरान सहयोग देने के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का आभार जताया है। उन्होंने निर्माण कार्य में जुटी प्राधिकरण की टीम की भी सराहना की।
सीईओ ने आश्वस्त किया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के जिन क्षेत्रों में यातायात संबंधी समस्याएं हैं, वहां उन्हें दूर करने के लिए लगातार कार्य कराए जाएंगे। प्राधिकरण का प्रयास है कि बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
निर्धारित समय से पहले पूरा हुआ 99 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
चार मूर्ति अंडरपास का निर्माण 15 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और 30 अक्टूबर 2026 को पूरा कर लिया गया। परियोजना पर लगभग 99 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। लगभग 720 मीटर लंबा यह अंडरपास 60 मीटर रोड के समानांतर बनाया गया है।
खास बात यह है कि परियोजना को दिसंबर 2026 की निर्धारित समयसीमा से पहले ही पूरा कर लिया गया। निर्माण पूरा होने के बाद अब इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
चार मूर्ति चौक का अंडरपास ग्रेटर नोएडा वेस्ट की यातायात व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण परियोजना है। तेजी से विकसित हो रही आवासीय सोसायटियों और लगातार बढ़ती आबादी के कारण इस क्षेत्र में यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अंडरपास का शुरू होना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब सबकी निगाहें 8 नवंबर की रात 10 बजे तक चलने वाले ट्रायल पर हैं। यदि ट्रायल सफल रहता है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को चार मूर्ति चौक के जाम से स्थायी राहत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।



.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }