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न्यू नोएडा के भूमि अधिग्रहण पर 13 गांवों के किसानों का बड़ा ऐलान, 20 हजार रुपये गज मुआवजा और 20% प्लॉट की मांग



मिलक खंडेरा की महापंचायत में किसानों ने भरी हुंकार, मांगें पूरी होने तक जमीन नहीं देने का लिया निर्णय
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / गौतमबुद्धनगर 
मिलक खंडेरा। न्यू नोएडा फेस-1 के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की लामबंदी तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में मिलक खंडेरा गांव में 13 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने भाग लेकर भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे, विकसित भूखंड और अन्य सुविधाओं की मांग उठाई। पंचायत में किसानों ने एकजुट होकर स्पष्ट ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी जमीन प्राधिकरण को नहीं देंगे।
महापंचायत में सैंथली, मिलक खंडेरा, खंडेरा गिरिराजपुर, आनंदपुर, झुम्मनपुरा, फुलपुर, नई बस्ती और नंगला नैनसुख सहित कुल 13 गांवों के किसानों की भागीदारी रही। किसानों ने कहा कि न्यू नोएडा के रूप में क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन इस विकास की कीमत किसानों को अपने पुश्तैनी जमीन और आजीविका के नुकसान के रूप में नहीं चुकानी चाहिए। विकास की प्रक्रिया में किसानों के हितों, अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
किसानों ने रखीं प्रमुख मांगें
महापंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखते हुए 20,000 रुपये प्रति वर्ग गज मुआवजा और 20 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने की मांग उठाई। इसके अलावा लाल डोरा से 300 मीटर तक की आबादी को अधिग्रहण से बाहर रखने की मांग की गई। किसानों ने यह भी कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक योग्य सदस्य को उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण के बाद परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार के अवसर बने रहें।
मांगें पूरी होने तक जमीन नहीं देने का ऐलान
पंचायत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों का कहना था कि जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका, सामाजिक पहचान और आने वाली पीढ़ियों की आर्थिक सुरक्षा का आधार है। इसलिए भूमि अधिग्रहण से पहले मुआवजे, विकसित प्लॉट, आबादी और रोजगार जैसे मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय होना चाहिए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं होंगे। महापंचायत में आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
कई किसान एवं सामाजिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
महापंचायत में सोरन प्रधान, डॉ. रूपेश वर्मा, राधा चरण भाटी, प्रिन्स टाईगर एडवोकेट, मानसिंह प्रधान, चाहत प्रधान, रवींद्र प्रधान, एडवोकेट ऋषि टाईगर, विक्रम कवि जी और श्यामवीर प्रधान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महापंचायत के समापन पर किसानों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि न्यू नोएडा का विकास किसानों की सहमति, सम्मानजनक मुआवजे और उनके अधिकारों की सुरक्षा के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए। 13 गांवों के किसानों की इस एकजुटता ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर उनकी मांगों और रुख को स्पष्ट कर दिया है।
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