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नोएडा टैलेंट हंट में 12 वर्षीय आर्या चौहान का शानदार प्रदर्शन, जिमनास्टिक्स और स्विमिंग में जीते तीन मेडल



Special Story :---गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर बढ़ाया स्कूल व परिवार का गौरव, मां डॉ. खुशबू सिंह को मानती हैं अपना रोल मॉडल
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ नोएडा  (गौतमबुद्धनगर)
प्रतिभा, मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली सिलिकॉन सिटी निवासी 12 वर्षीय आर्या चौहान ने खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। नोएडा टैलेंट हंट खेल प्रतियोगिता में आर्या ने जिमनास्टिक्स और स्विमिंग में कुल तीन मेडल जीतकर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
प्रोमिथियस स्कूल के चेयरमैन मुकेश शर्मा द्वारा आयोजित इस खेल प्रतियोगिता में नोएडा के विभिन्न प्रमुख स्कूलों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में आर्या ने अपनी खेल प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया।
जिमनास्टिक्स और स्विमिंग में हासिल की उपलब्धियां
आर्या चौहान ने अंडर-12 कैटेगरी की जिमनास्टिक्स प्रतियोगिता में बैलेंसिंग बीम स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं, स्विमिंग की 100 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। इसके अलावा जिमनास्टिक्स की टीम स्पर्धा में प्रोमिथियस स्कूल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। आर्या भी इस विजेता टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं।
इस प्रकार आर्या ने प्रतियोगिता में एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल सहित कुल तीन पदक हासिल किए।
दो वर्षों की मेहनत और नियमित अभ्यास का परिणाम
आर्या चौहान प्रोमिथियस स्कूल, नोएडा में कक्षा सातवीं की छात्रा हैं। वह पिछले दो वर्षों से जिमनास्टिक्स और स्विमिंग का नियमित अभ्यास कर रही हैं। जिमनास्टिक्स का प्रशिक्षण वह विजय श्री स्पोर्ट्स अकादमी में कोच इशु चौधरी के निर्देशन में लेती हैं, जबकि स्विमिंग का अभ्यास प्रोमिथियस स्कूल स्पोर्ट्स अकादमी में कोच करमवीर के मार्गदर्शन में करती हैं। पढ़ाई के साथ खेलों के प्रति उनका समर्पण और नियमित अभ्यास उनकी सफलता का प्रमुख आधार है।
मां को मानती हैं अपना सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत
आर्या के पिता अभिषेक चौहान और माता डॉ. खुशबू सिंह हैं, जो सशक्त महिला उद्यमी संगठन की अध्यक्ष हैं। आर्या के खेल सफर में परिवार का विशेष सहयोग रहा है। खासतौर पर उनके नाना जी प्रतिदिन उन्हें अकादमी ले जाकर अभ्यास में सहयोग करते हैं।
आर्या अपनी मां डॉ. खुशबू सिंह को अपना रोल मॉडल मानती हैं। उनकी मां स्वयं स्पोर्ट्स पर्सन हैं और Hyrox Podium Winner रह चुकी हैं। वह फिटनेस और खेल गतिविधियों के प्रति लगातार सक्रिय रहती हैं। मां की खेल भावना, अनुशासन और फिटनेस के प्रति समर्पण से प्रेरित होकर आर्या भी खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना रही हैं।
'किसी भी खेल में कभी हार नहीं माननी चाहिए'
अपनी सफलता और खेल के प्रति सोच साझा करते हुए आर्या कहती हैं कि वह हमेशा अपनी मम्मी को अपना रोल मॉडल मानती हैं। उनसे उन्होंने सीखा है कि किसी भी खेल में कभी हार नहीं माननी चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए। उनके अनुसार खेलों में भागीदारी करना सबसे महत्वपूर्ण है। जीत और हार से ज्यादा जरूरी निरंतर प्रयास और सीखने की भावना है।
खेल को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है सपना
आर्या का सपना है कि वह जिमनास्टिक्स और स्विमिंग सहित अपनी सभी रुचियों में निरंतर अभ्यास करती रहें और खेलों को अपनी जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाएं। भविष्य में बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी अलग पहचान बनाना उनका लक्ष्य है।
कम उम्र में तीन पदक हासिल करने वाली आर्या चौहान की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि परिवार का प्रोत्साहन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत बच्चों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। आर्या की यह सफलता अन्य बच्चों के लिए भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा है।
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