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गौतमबुद्धनगर से पूरे उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता की नई क्रांति का आगाज, ‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का भव्य शुभारंभ

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष विमला बाथम की गरिमामयी मौजूदगी में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, उद्योग विस्तार और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प को मिली नई दिशा
मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"
विशेष रिपोर्ट / विजन लाइव न्यूज /ग्रेटर नोएडा
गौतमबुद्धनगर में महिला उद्यमिता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का भव्य शुभारंभ किया गया। संगठन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस ऐतिहासिक शुभारंभ समारोह में महिला उद्यमियों, उद्योगपतियों, पेशेवर महिलाओं और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। कार्यक्रम ने न केवल महिला उद्यमिता को संगठित करने का संदेश दिया, बल्कि गौतम बुद्ध नगर से शुरू होकर पूरे उत्तर प्रदेश में महिला नेतृत्व और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की महत्वाकांक्षी योजना भी सामने रखी।
समारोह की खास बात यह रही कि इसमें पुलिस प्रशासन, श्रम विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), सेवा योजन विभाग, एमएसएमई मंत्रालय, औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जिला उद्योग केंद्र सहित विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों की उपस्थिति रही। इससे महिला उद्यमियों और सरकारी तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की संगठन की मंशा को विशेष महत्व मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, आईपीएस, उपस्थित रहीं। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री विमला बाथम ने संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। दोनों अतिथियों ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को संगठित मंच प्रदान करने की इस पहल की सराहना की।
डॉ. खुशबू सिंह का विजन: शहर से गांव तक हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
संगठन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का उद्देश्य केवल महिला उद्योगपतियों को एक मंच पर एकत्र करना नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास के लिए एक प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि संगठन की शुरुआत गौतम बुद्ध नगर से की गई है, लेकिन इसका व्यापक लक्ष्य पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय नेटवर्क स्थापित करना है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक जिले की महिला उद्यमी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि किसी भी महिला के आत्मनिर्भर बनने का सपना तभी साकार हो सकता है, जब उसे सही मार्गदर्शन, सरकारी योजनाओं की जानकारी, बाजार तक पहुंच, वित्तीय सहयोग और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण मिले। संगठन इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और संबंधित संस्थानों के बीच एक प्रभावी सेतु की भूमिका निभाएगा।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण को केवल बड़े शहरों और स्थापित उद्योगों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। गांवों में रहने वाली उन महिलाओं को भी आगे लाना होगा, जिनके पास हुनर, प्रतिभा और कुछ नया करने का जज्बा तो है, लेकिन संसाधनों, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच की कमी के कारण वे अपने सपनों को साकार नहीं कर पातीं।
सरकारी विभागों और महिला उद्यमियों के बीच बनेगा मजबूत सेतु
डॉ. खुशबू सिंह ने संगठन की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए संगठन महिला उद्यमियों की समस्याओं और सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास करेगा।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, जीएसटी, ईपीएफओ, प्रदूषण नियंत्रण, श्रम विभाग और फैक्ट्री एक्ट से संबंधित प्रक्रियाओं में महिला उद्यमियों को आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों को नियमों, प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनके लिए व्यवसाय संचालन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है। संगठन के माध्यम से महिला उद्यमियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जाने की योजना है।
गौतम बुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र में यह पहल विशेष महत्व रखती है, जहां छोटे-बड़े उद्योगों, स्टार्टअप, सेवा क्षेत्र और नए व्यवसायों के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।
‘लोकल टू ग्लोबल’: स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
संगठन की एक महत्वपूर्ण योजना समर्पित ‘एक्सपोर्टर विंग’ यानी निर्यातक प्रकोष्ठ के गठन की है। इसके माध्यम से स्थानीय महिला उद्यमियों और उत्पादकों को निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं, बाजार की संभावनाओं तथा वैश्विक व्यापार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि स्थानीय उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात संबंधी जानकारी के माध्यम से उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जाए।
संगठन का लक्ष्य महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को स्थानीय बाजार से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहयोग करना है। इस दिशा में ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा महिला उद्यमिता को नई संभावनाओं से जोड़ने का माध्यम बन सकती है।
कॉलेज, विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच बनेगा सीधा संपर्क
युवाओं, विशेषकर छात्राओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संगठन ने अकादमिक संस्थानों तथा उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की योजना भी सामने रखी।
डॉ. खुशबू सिंह के अनुसार, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल से छात्राओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, नए कौशल विकसित करने और भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में मार्गदर्शन मिलने की संभावनाएं हैं।
ग्रामीण महिलाओं को हुनर, बाजार और वित्तीय सहयोग से जोड़ने का लक्ष्य
डॉ. खुशबू सिंह ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को संगठन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल करते हुए कहा कि गांवों की महिलाओं में प्रतिभा और मेहनत की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने कहा कि संगठन ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास करेगा, जो अपने हुनर के दम पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनना चाहती हैं, लेकिन उचित संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में अपने प्रयासों को व्यवसाय का रूप नहीं दे पातीं।
ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, वित्तीय सहायता के संभावित स्रोतों, सरकारी योजनाओं और उत्पादों के विपणन से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। संगठन की परिकल्पना है कि शहरों में स्थापित उद्यमिता के अनुभव और संसाधनों का लाभ गांवों की महिलाओं तक भी पहुंचे।
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला को भी अपनी पहचान बनाने, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में महिला उद्यमिता की भूमिका
संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महिला उद्यमिता के माध्यम से योगदान देने का संकल्प भी व्यक्त किया।
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से नए व्यवसायों, रोजगार के अवसरों, स्थानीय उत्पादन और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है। यदि महिला उद्यमियों को आवश्यक सहयोग और बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो वे प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन महिला उद्यमियों को एकजुट कर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहता है, जहां महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दें।
केवल उद्योगपतियों तक सीमित नहीं होगा संगठन का दायरा
डॉ. खुशबू सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का मंच केवल महिला उद्योगपतियों के लिए नहीं है। इसमें विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं का भी स्वागत किया जाएगा।
अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की पेशेवर महिलाएं, शिक्षाविद, सर्विस इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाएं और अन्य व्यवसायों में सक्रिय महिलाएं संगठन के व्यापक नेटवर्क का हिस्सा बन सकती हैं।
इस बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण के माध्यम से महिलाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, व्यावसायिक संपर्क बढ़ाने, नए अवसर तलाशने और सामूहिक रूप से अपनी समस्याओं का समाधान खोजने का मंच उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने की पहल की सराहना
समारोह की मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, आईपीएस, ने डॉ. खुशबू सिंह को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में संगठित मंच उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण आवश्यक है। महिला संगठनों की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस कमिश्नर ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों के प्रति पुलिस प्रशासन के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास महिलाओं को आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की और महिला उद्यमिता के साथ सुरक्षा, विश्वास तथा संस्थागत सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया।
विमला बाथम ने डॉ. खुशबू सिंह के प्रयासों को बताया प्रेरणादायक
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं संगठन की संरक्षक विमला बाथम ने अपने संबोधन में डॉ. खुशबू सिंह के नेतृत्व और महिलाओं को एक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डॉ. खुशबू सिंह जिस लगन, कर्मठता और जुनून के साथ महिलाओं को संगठित करने का प्रयास कर रही हैं, वह प्रशंसनीय है। महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ऐसा मंच तैयार करना एक महत्वपूर्ण पहल है।
विमला बाथम ने संगठन के उद्देश्यों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सामूहिक प्रयासों से सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने संरक्षक और मार्गदर्शक के रूप में संगठन के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उल्लेखनीय मौजूदगी
इस अवसर पर विभिन्न विभागों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया। इनमें ईपीएफओ से रीजनल कमिश्नर-वन वैभव सिंह, श्रम विभाग से डिप्टी लेबर कमिश्नर राकेश द्विवेदी, सेवा योजन विभाग से मनीषा अत्री, एमएसएमई मंत्रालय से डायरेक्टर आर.के. भारती, नोएडा प्राधिकरण से नवीन कुमार सिंह, एडीसीपी मनीषा सिंह, डीसीपी श्रवण कुमार, एसीपी राजीव गुप्ता, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) से त्रिभुवन पटेल तथा पूर्व डीआईसी अधिकारी गोस्वामी, साहित्यकार डॉक्टर भगवत शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
उपस्थित अधिकारियों ने संगठन की नई पहल की सराहना करते हुए महिला उद्यमियों के विकास, सरकारी विभागों के साथ समन्वय और व्यवसाय से संबंधित जानकारियों की उपलब्धता जैसे विषयों के महत्व को रेखांकित किया।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि महिला उद्यमिता के विकास में प्रशासनिक सहयोग, सही जानकारी और संस्थागत समन्वय की अहम भूमिका हो सकती है।
संगठन की कोर टीम को मिला नेतृत्व की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के समापन पर संस्थापक अध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाली अपनी कोर टीम के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास, स्पष्ट उद्देश्य और निरंतर कार्य करना आवश्यक है।
संगठन की प्रमुख जिम्मेदारियां निम्नलिखित पदाधिकारियों को सौंपी गई हैं—
संस्थापक अध्यक्ष: डॉ. खुशबू सिंह
महासचिव: रश्मि निगम
कोषाध्यक्ष: आस्था शर्मा
उपाध्यक्ष: अर्चना आनंद, पूनम माहेश्वरी एवं रचना जैन
संयुक्त सचिव: दिशा कपूर
कार्यकारिणी सदस्य: सोनाली चौधरी
कोर टीम के सदस्यों ने संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और महिला उद्यमियों को एकजुट करने के संकल्प के साथ अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
महिला उद्यमिता के नए अध्याय की शुरुआत
‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का शुभारंभ गौतम बुद्ध नगर में महिला उद्यमिता को संगठित स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। संगठन के सामने अब अपनी घोषित योजनाओं को प्रभावी कार्ययोजना में बदलने, महिला उद्यमियों की समस्याओं को समझने, सरकारी विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच स्थापित करने की चुनौती होगी।
यदि संगठन अपने उद्देश्यों के अनुरूप निरंतर कार्य करता है, तो यह महिला उद्यमियों को नए अवसरों से जोड़ने, व्यावसायिक नेटवर्क मजबूत करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में उपयोगी भूमिका निभा सकता है।
गौतम बुद्ध नगर से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंच बनाने की महत्वाकांक्षा रखती है। इसकी सफलता इस बात से तय होगी कि संगठन महिलाओं के सपनों को प्रशिक्षण, अवसर, बाजार और व्यावहारिक सहयोग में किस हद तक बदल पाता है।
‘सशक्त महिला उद्यमी संगठन’ का मूल संदेश स्पष्ट है—महिलाओं को केवल अवसरों की प्रतीक्षा करने वाला नहीं, बल्कि अवसरों का निर्माण करने वाला नेतृत्व बनाना।
महिला उद्यमिता, ग्रामीण आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और ‘  लोकल टू ग्लोबल’ की सोच के साथ शुरू हुआ यह संगठन प्रदेश में महिला नेतृत्व को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



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