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ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 में PG संचालन पर उठे सवाल, 37 कमरों वाले PG को लेकर प्रशासन से जवाब मांगेंगे मनीष डावर



मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
शहर के अल्फा-1 सेक्टर में पेइंग गेस्ट (PG) के बढ़ते संचालन को लेकर स्थानीय निवासी एवं समाजसेवी मनीष डावर ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सेक्टर में चल रहे कुछ PG के कारण साफ-सफाई, कूड़ा प्रबंधन, देर रात तक शोर-शराबे और सार्वजनिक पार्कों के इस्तेमाल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, प्रशासन और RWA से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
200 वर्ग मीटर के प्लॉट में 37 कमरों का PG चलाने का आरोप
मनीष डावर ने अल्फा-1 सेक्टर में स्थित एक मकान का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि 200 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने इस मकान में कथित तौर पर 37 कमरों का PG संचालित किया जा रहा है। उनके अनुसार, मकान में स्टिल्ट पार्किंग, पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल तथा छत पर कमरे बनाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आवासीय भूखंड पर इस तरह व्यावसायिक गतिविधि और इतने बड़े स्तर पर PG संचालन की अनुमति दी गई है?
उन्होंने प्रशासन और प्राधिकरण से संबंधित भूखंड के स्वीकृत नक्शे, निर्माण और PG संचालन की अनुमति की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभागों का पक्ष और अनुमति से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज सामने आना बाकी है।
80 से अधिक घरों में PG संचालित होने का दावा
मनीष डावर का दावा है कि अल्फा-1 के 80 से अधिक घरों में PG चल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इन गतिविधियों के लिए निर्धारित नियम हैं, तो उनका पालन सभी संचालकों से कराया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आवासीय सेक्टरों में PG संचालन को लेकर नियमों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है।
साफ-सफाई और देर रात की गतिविधियों पर आपत्ति
मनीष डावर के अनुसार, कुछ PG में रहने वाले लोगों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात तक तेज आवाज में संगीत, सड़कों पर कूड़ा फैलाने, सार्वजनिक स्थानों पर शराब और हुक्का सेवन तथा पार्कों में अनुचित गतिविधियों जैसी शिकायतें सामने आती हैं।
उन्होंने PG संचालकों से साफ-सफाई की जिम्मेदारी तय करने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डलवाने, रात 11 बजे के बाद शोर-शराबे पर रोक लगाने और PG में रहने वालों के लिए स्पष्ट आचार नियम बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि सेक्टर के निवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और शांत वातावरण मिलना चाहिए।
प्रशासन और RWA से कार्रवाई की मांग
मनीष डावर ने कहा है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह अल्फा-1 में संचालित PG के पते और तस्वीरों के साथ संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपेंगे। उन्होंने प्राधिकरण और RWA से मांग की है कि PG संचालन की वैधता, भवनों के स्वीकृत उपयोग, सुरक्षा मानकों और साफ-सफाई व्यवस्था की जांच कराई जाए।
उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि सेक्टर की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता, तो अल्फा-1 का नाम ही “PG एन्क्लेव” रख दिया जाए।
अब अहम सवाल यह है कि अल्फा-1 में संचालित PG को लेकर स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, प्रशासन और RWA क्या कदम उठाते हैं। मामले में संबंधित PG संचालकों और अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


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