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“पहले जलभराव और जलनिकासी का समाधान, फिर बड़े विकास की बात”




जलभराव, सीवर, सड़क, पथप्रकाश, स्वच्छता, सुरक्षा, जलापूर्ति और जल बिलों की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा; विधायक ने अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक का दिया आश्वासन 
मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी” | Vision Live News  / गौतमबुद्धनगर
औद्योगिक विकास की रफ्तार केवल बड़े प्रोजेक्ट, चौड़ी सड़कों और नई योजनाओं से नहीं, बल्कि उन मूलभूत सुविधाओं से तय होती है जिनके सहारे रोजाना हजारों उद्योग संचालित होते हैं। यदि औद्योगिक क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव हो, जलनिकासी व्यवस्था चरमराई हो, सीवर व्यवस्था दुरुस्त न हो, सड़कें जर्जर हों और नियमित जलापूर्ति तक उपलब्ध न हो, तो बड़े विकास कार्य भी उद्यमियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते।
इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए), गौतम बुद्ध नगर के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार सायंकाल दादरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक तेजपाल नागर से उनके ईटा-1, ग्रेटर नोएडा स्थित आवास-कार्यालय पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और उनके स्थायी समाधान को लेकर विधायक के साथ विस्तार से चर्चा की।
आईबीए का स्पष्ट संदेश—मूलभूत सुविधाएं पहली प्राथमिकता
बैठक में आईबीए प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में औद्योगिक क्षेत्रों की सबसे बड़ी जरूरत केवल थीम पार्क, सड़क चौड़ीकरण या छह लेन सड़कें नहीं हैं। उद्यमियों की पहली प्राथमिकता उन सुविधाओं को मजबूत करना है, जो रोजमर्रा के औद्योगिक संचालन की बुनियाद हैं।
आईबीए ने औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव, खराब जलनिकासी, सीवर व्यवस्था, जर्जर सड़कों, अपर्याप्त पथप्रकाश, उद्यानों की अव्यवस्था, स्वच्छता की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का मुद्दा उठाया।
संगठन का कहना है कि जब तक इन मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक औद्योगिक विकास की योजनाओं का वास्तविक लाभ उद्यमियों तक पूरी तरह नहीं पहुंच सकता।
जलभराव और जलनिकासी बना सबसे गंभीर मुद्दा
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव को गंभीरता से उठाया गया। जलभराव के कारण उद्योगों के संचालन, कर्मचारियों की आवाजाही, माल की ढुलाई और सड़क यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की समस्या सामने रखी गई।
आईबीए ने आधुनिक और प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग करते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को हर वर्ष जलभराव की समस्या से जूझने के बजाय स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
जलापूर्ति नहीं, फिर भी लाखों के जल बिल—आईबीए ने उठाया सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति के अभाव के बावजूद लाखों रुपये के जल बिल जारी किए जाने का मुद्दा भी विधायक के सामने रखा।
आईबीए ने मांग की कि वास्तविक जलापूर्ति, बिल निर्धारण और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए तथा इस प्रकार की समस्याओं का न्यायसंगत एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उद्यमियों ने यह भी मांग रखी कि औद्योगिक इकाइयों से संबंधित पूर्णता प्रमाण-पत्र, कार्यशीलता प्रमाण-पत्र तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
एकल-खिड़की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग
आईबीए ने औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए प्रभावी एकल-खिड़की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
संगठन का कहना है कि औद्योगिक विकास के लिए केवल निवेश आकर्षित करना पर्याप्त नहीं है। निवेश करने वाले उद्यमियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुविधा, स्पष्टता और समयबद्धता भी मिलनी चाहिए।
विधायक तेजपाल नागर ने दिया समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में गौतम बुद्ध नगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। विधायक ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उद्यमियों की संयुक्त बैठक आयोजित कराई जाएगी, ताकि समस्याओं को सामने रखकर उनके समयबद्ध समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अमित कुमार उपाध्याय बोले—आईबीए समाधान आधारित औद्योगिक मंच
आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि समाधान आधारित सोच के साथ औद्योगिक विकास में सहयोग करना है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों को जलभराव से मुक्ति, आधुनिक जलनिकासी, बेहतर सीवर व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण सड़कें, पर्याप्त पथप्रकाश, स्वच्छता, सुरक्षा, नियमित जलापूर्ति और जल बिलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, यही सुविधाएं वास्तविक और टिकाऊ औद्योगिक विकास की आधारशिला हैं।
सुनील दत्त शर्मा बोले—उद्यमी विकास के विरोधी नहीं
आईबीए महासचिव सुनील दत्त शर्मा ने कहा कि उद्यमी विकास के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे योजनाबद्ध, प्राथमिकता आधारित और व्यावहारिक विकास के पक्षधर हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, तो बड़े विकास कार्य भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएंगे। इसलिए विकास की प्राथमिकता तय करते समय औद्योगिक इकाइयों की जमीनी समस्याओं को केंद्र में रखना जरूरी है।
उद्यमियों में जगी समाधान की उम्मीद
बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। विधायक की ओर से अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद आईबीए प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित औद्योगिक समस्याओं पर अब प्रभावी कार्रवाई होगी।
यह मुलाकात ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब गौतम बुद्ध नगर को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है और यहां हजारों औद्योगिक इकाइयां प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही हैं।
Special Story का बड़ा सवाल
क्या गौतम बुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े विकास कार्यों से पहले जलभराव, जलनिकासी, सीवर, सड़क, जलापूर्ति और स्वच्छता जैसी मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान होगा?
आईबीए की विधायक से हुई यह मुलाकात अब इसी दिशा में अगले कदम की उम्मीद पैदा करती है। आने वाले समय में प्राधिकरण और संबंधित विभागों के साथ प्रस्तावित संयुक्त बैठक इस बात के लिए महत्वपूर्ण होगी कि उद्यमियों की जमीनी समस्याओं पर सिर्फ चर्चा होती है या समयबद्ध समाधान भी दिखाई देता है।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर आईबीए अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, वरिष्ठ उद्यमी संजीव चौहान तथा साइट-5 के सेक्टर सचिव वीरेंद्र रावल उपस्थित रहे।

 

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