BRAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज में एआई की तकनीकी उपयोगिता पर दो दिवसीय कार्यशाला


शिक्षकों और विद्यार्थियों को पढ़ाई, अध्यापन एवं शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग का मिला प्रशिक्षण
  मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी"/ ग्रेटर नोएडा
आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखते हुए “पढ़ाई और शोध के दौरान एआई की तकनीकी उपयोगिता” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन 15 एवं 16 सितंबर 2026 को किया गया, जिसमें संस्थान के सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को एआई की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें अकादमिक अध्ययन, अध्यापन एवं शोध कार्यों में एआई टूल्स के प्रभावी और व्यावहारिक उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
एआई चैटबॉट्स के व्यावहारिक उपयोग पर विशेष चर्चा
कार्यशाला के मुख्य वक्ता आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत राज सिंह खुराना रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को अकादमिक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका, संभावनाओं और उपयोगिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
उन्होंने विशेष रूप से एआई चैटबॉट्स—ChatGPT, Gemini एवं Claude जैसे आधुनिक टूल्स के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को बताया गया कि इन तकनीकों का उपयोग अध्ययन सामग्री को समझने, विषय से संबंधित जानकारी व्यवस्थित करने, विचारों को विकसित करने तथा शोध एवं शिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में किस प्रकार किया जा सकता है।
कार्यशाला की खास बात यह रही कि प्रतिभागियों को केवल एआई की सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक प्रयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को तकनीक के वास्तविक उपयोग को समझने और उसे अपने अकादमिक कार्यों से जोड़ने का अवसर मिला।
दंत चिकित्सा शिक्षा में जिम्मेदार एआई उपयोग पर जोर
इस अवसर पर संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, शोध एवं स्वास्थ्य सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा शिक्षा में एआई का समुचित एवं जिम्मेदार उपयोग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सीखने, अध्यापन और शोध की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं नवाचारपूर्ण बनाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने आधुनिक तकनीक को अपनाने के साथ उसके विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
तकनीक का उद्देश्य मानव क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए
कार्यशाला के सफल आयोजन पर संस्थान के उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने आयोजक टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने और उन्हें अपने शैक्षणिक एवं शोध कार्यों में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानव क्षमता को बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होना चाहिए। एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का सही दिशा में उपयोग शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म दे सकता है।
आधुनिक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आई.टी.एस. डेंटल कॉलेज में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक की संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के रूप में सामने आई। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों ने एआई के सैद्धांतिक पहलुओं के साथ उसके व्यावहारिक उपयोग को समझा और अकादमिक क्षेत्र में तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल की संभावनाओं पर जानकारी प्राप्त की।


.header-ads img { height:300px !important; max-height:300px !important; width:150% !important; object-fit:cover; }