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श्री द्रोणाचार्य मंदिर दनकौर में जन्माष्टमी पर भक्ति का सैलाब



आधी रात को गूंजे ‘नंद घर आनंद भयो’ के जयकारे, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने लगाए जयघोष
मौहम्मद इल्यास — “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा
 Vision Live News / Special Story 
दनकौर के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्री द्रोणाचार्य मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देर रात तक भक्तिमय कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।
जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर में फूलों की सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। पूरे परिसर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया।
मुख्य अतिथियों ने फीता काटकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
जन्माष्टमी समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसीपी डाॅ रवि शंकर एवं दनकौर कोतवाल मनोज कुमार चौहान ने फीता काटकर किया। मंदिर समिति की ओर से दोनों अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति पदाधिकारियों ने उन्हें मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं तथा आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की।
सुबह से ही मंदिर में उमड़ने लगे श्रद्धालु
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रातःकाल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई।
श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र में शांति की कामना की। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन्माष्टमी समारोह में शामिल हुए।
विशेष श्रृंगार और वैदिक मंत्रोच्चारण से भक्तिमय हुआ वातावरण
दोपहर में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चारण और भक्ति संगीत ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।
भजन-कीर्तन पर झूमे श्रद्धालु
संध्या होते ही मंदिर परिसर का माहौल और भी भक्तिमय हो गया। भजन-कीर्तन मंडलियों ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से जुड़े मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूमते और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते नजर आए। मंदिर परिसर में देर शाम तक भक्ति संगीत और धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।
रात 12 बजे जन्मे कन्हैया, गूंज उठा द्रोणाचार्य मंदिर
जन्माष्टमी समारोह का सबसे भावुक और प्रतीक्षित क्षण रात 12 बजे आया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, मंदिर परिसर “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में जयघोष किया। मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने जन्मोत्सव के इस पावन क्षण को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
इसके पश्चात भगवान श्रीकृष्ण की महा-आरती की गई। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी और जयकारों से भक्तिमय नजर आया।
पंजीरी और चरणामृत का हुआ वितरण
महा-आरती के बाद मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच पंजीरी एवं चरणामृत का प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति एवं सेवादारों द्वारा व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया।
सुरक्षा और व्यवस्था के रहे विशेष इंतजाम
जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा एवं व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवादारों और समिति के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
समिति और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
मंदिर समिति ने जन्माष्टमी समारोह को सफल बनाने में समिति के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, सेवादारों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ऐसे अवसर समाज को एकजुट करने और हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनते हैं।
दनकौर में जन्माष्टमी बनी आस्था और संस्कृति का संगम
श्री द्रोणाचार्य मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा की भी झलक देखने को मिली। भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों, भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चारण और मध्यरात्रि जन्मोत्सव ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
मंदिर समिति ने इस अवसर पर दनकौर सहित आसपास के समस्त क्षेत्रवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्भाव की कामना की।



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