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कैंपस से कॉरपोरेट तक की तैयारी पर विशेष सत्र, विद्यार्थियों को बताए सफलता के जरूरी मंत्र


तकनीकी ज्ञान के साथ कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स और प्रोफेशनल एटीट्यूड पर जोर
रिपोर्ट:- मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’
Vision Live News / ग्रेटर नोएडा
कॉरपोरेट जगत की बदलती जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने की दिशा में आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बी.टेक तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए “कैम्पस टू कॉरपोरेट” विषय पर विशेष इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन से पेशेवर दुनिया में प्रवेश के लिए आवश्यक कौशल, कार्यशैली और कॉरपोरेट अपेक्षाओं से परिचित कराना रहा।
सत्र का संचालन श ग्रीश मट्टा, मास्टर ट्रेनर–कैम्पस टू कॉरपोरेट, करियर लॉन्चर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए बताया कि कॉरपोरेट क्षेत्र में केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी संचार, सॉफ्ट स्किल्स, प्रोफेशनल एटीट्यूड, टीमवर्क, कार्यस्थल व्यवहार और समस्या समाधान जैसी क्षमताएं भी करियर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कॉरपोरेट दुनिया की अपेक्षाओं को समझने पर जोर
 ग्रीश मट्टा ने विद्यार्थियों को करियर की तैयारी और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षताओं को विकसित करने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावी बिजनेस कम्युनिकेशन, कार्यस्थल पर पेशेवर व्यवहार, टीम के साथ काम करने की क्षमता तथा कॉरपोरेट वातावरण में स्वयं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया कि कॉलेज से निकलकर कॉरपोरेट क्षेत्र में कदम रखना केवल नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मानसिकता, व्यवहार और कार्यकुशलता में भी बदलाव आवश्यक है।
इंटरैक्टिव सत्र में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कॉरपोरेट क्षेत्र की व्यावहारिक अपेक्षाओं को समझने और अपनी तैयारियों का आकलन करने का अवसर मिला। इंटरैक्टिव गतिविधियों एवं संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह जाना कि पेशेवर जीवन में बेहतर प्रदर्शन के लिए किन कौशलों पर अभी से काम करना आवश्यक है।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मयंक गर्ग, निदेशक, आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज तथा डॉ. विष्णु शर्मा, डीन एकेडमिक्स के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर डॉ. जया सिन्हा, विभागाध्यक्ष, सीएसई तथा डॉ. संध्या उमराव, विभागाध्यक्ष, सीएसई-एआईएमएल ने विद्यार्थियों को इस प्रकार की उद्योगोन्मुखी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में डॉ. निशांत गुप्ता एवं डॉ. अनुज, प्रोफेसर्स, सीएसई विभाग सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
उद्योगोन्मुखी शिक्षा की दिशा में पहल
आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज की यह पहल विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्योग जागरूकता, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स और करियर रेडीनेस विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।



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