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शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और पत्रकारिता में योगदान के लिए डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा ‘भारतीय पद्म भूषण’ सम्मान से अलंकृत


नई दिल्ली के राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में आयोजित समारोह में हुआ सम्मान, चार दशकों से अधिक की बहुआयामी कार्ययात्रा का उल्लेख
   मौहम्मद इल्यास- "दनकौरी" / ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा निवासी एवं मूल रूप से ग्राम खाम्बी, पलवल (हरियाणा) के रहने वाले डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा को शिक्षा, समाज, साहित्य, संस्कृति एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘भारतीय पद्म भूषण’ सम्मान से अलंकृत किया गया।
यह सम्मान 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में विश्व संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण आयोग तथा साहित्य सेवा पुरस्कार परिषद की ओर से प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा के दीर्घकालिक सामाजिक सरोकारों, रचनात्मक अभिव्यक्ति, जनजागरूकता तथा शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया गया।
चार दशकों की कार्ययात्रा में शिक्षा से पत्रकारिता तक योगदान
डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा की कार्ययात्रा चार दशकों से अधिक समय में विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तारित रही है। उन्होंने अपने व्यावसायिक अनुभव और ज्ञान को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, समाज, राष्ट्रहित और जनचेतना से जोड़ने का प्रयास किया।
उनकी कार्यशैली में परिश्रम, अनुशासन, सत्यनिष्ठा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, संगठनात्मक दक्षता और संचार-कौशल को प्रमुख आधार बताया गया है।
तकनीकी एवं औद्योगिक गुणवत्ता प्रबंधन से लेकर आधुनिक मीडिया, जनसंपर्क और संचार के क्षेत्र तक उनका अनुभव-विस्तार उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
साहित्य में राष्ट्रचेतना और सामाजिक सरोकार
डॉ. शर्मा साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रचनाकार के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। शिक्षा, पत्रकारिता और जनसंपर्क के अनुभवों ने उनके लेखन को सामाजिक दृष्टि और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ा है।
उनकी कविताओं में राष्ट्रभक्ति, शहीदों के प्रति श्रद्धा, भारतीय संस्कृति, बेटियों के प्रति स्नेह तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं। उनके अनुसार, कविता केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को स्पर्श करने और जीवन-मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम है।
दक्षिण कोरिया में ‘ऑनेस्टी अवॉर्ड’ का भी उल्लेख
डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा अपनी जीवनयात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में वर्ष 1996 में दक्षिण कोरिया स्थित देवू मोटर कंपनी लिमिटेड से प्राप्त ‘ऑनेस्टी अवॉर्ड’ का उल्लेख करते हैं। उनके अनुसार, यह सम्मान उनकी सत्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया था और इसे उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जुड़े गौरवपूर्ण प्रसंग के रूप में देखा।
शुभचिंतकों ने दी बधाई
‘भारतीय पद्म भूषण’ सम्मान से अलंकृत किए जाने पर साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा शुभचिंतकों ने डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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