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गुर्जर एकता का महाशंखनाद: दिल्ली के तालकटोरा में 29 अक्टूबर को जुटेगा गुर्जर समाज का महाकुंभ


राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी के संयुक्त नेतृत्व में प्रस्तावित महासम्मेलन को लेकर देशभर में तैयारियां तेज

मौहम्मद इल्यास- ‘दनकौरी’ / ग्रेटर नोएडा
VISION LIVE NEWS / SPECIAL STORY
गुर्जर समाज की सामाजिक एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और नई पीढ़ी को शिक्षा एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक तालकटोरा स्टेडियम में गुर्जर समाज एकजुटता महासम्मेलन आयोजित किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित महासम्मेलन को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को समर्पित किया गया है।
आयोजन को लेकर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की राष्ट्रीय टीम सक्रिय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी के मार्गदर्शन तथा युवा एवं सक्रिय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी के संयुक्त नेतृत्व में देश के विभिन्न राज्यों में संपर्क अभियान चलाए जाने का दावा किया गया है।
पटेल जयंती बनेगी सामाजिक एकता का संदेश
सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत की एकता और अखंडता के लिए उनके योगदान के कारण लौह पुरुष के रूप में याद किया जाता है। ऐसे में उनकी जयंती के अवसर पर गुर्जर समाज को एक मंच पर लाने की पहल को आयोजकों द्वारा सामाजिक एकता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित यह महासम्मेलन केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि गुर्जर समाज की एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और भविष्य की दिशा तय करने वाले बड़े मंच के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
31 नहीं, अब 29 अक्टूबर को होगा महाजुटान
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी के अनुसार सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को होती है, लेकिन तालकटोरा स्टेडियम की उपलब्धता और पूर्व निर्धारित बुकिंग के कारण वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद महासम्मेलन की तारीख 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
उनका कहना है कि “तारीख बदली है, इरादा नहीं—उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना है।”
सविंदर भाटी की सक्रिय भूमिका पर नजर
महासम्मेलन की तैयारियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से चर्चा में है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से जुड़े सविंदर भाटी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ-साथ व्यवसायिक क्षेत्र से भी जुड़े हैं।
आयोजकों के मुताबिक, महासम्मेलन को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। गांव-गांव और क्षेत्रवार लोगों को आयोजन से जोड़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सविंदर भाटी का फोकस विशेष रूप से युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर बताया जा रहा है।
के.पी. कसाना भी निभा रहे अहम जिम्मेदारी
महासभा के महासचिव के.पी. कसाना भी आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े कसाना परिवार की क्षेत्र में पुरानी पहचान रही है। महासम्मेलन के माध्यम से समाज में शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिए जाने की बात कही जा रही है।
महासम्मेलन के मंच से होंगी 5 बड़ी घोषणाएं
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी के अनुसार 29 अक्टूबर का महासम्मेलन केवल भाषणों और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा। मंच से समाज के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और घोषणाएं रखे जाने की तैयारी है।
प्रस्तावित प्रमुख बिंदु—
1. शिक्षा और रोजगार हेल्पलाइन
गुर्जर युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हेल्पलाइन की पहल।
2. छात्रावास और लाइब्रेरी
देश के प्रत्येक जिले में गुर्जर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास एवं लाइब्रेरी स्थापित करने का संकल्प।
3. सामूहिक विवाह एवं चिकित्सा सहायता
जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामूहिक विवाह तथा चिकित्सा सहायता की योजनाओं को बढ़ावा देने की पहल।
4. इतिहास और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना
गुर्जर समाज के इतिहास तथा सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान।
5. संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना
संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करते हुए जमीनी स्तर तक नई कार्यकारिणी एवं संगठनात्मक विस्तार की घोषणा।
लाखों लोगों की भागीदारी का लक्ष्य
आयोजकों की ओर से देशभर के गुर्जर समाज से 29 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की गई है। महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में संपर्क एवं जनजागरण अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि 29 अक्टूबर को तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित यह महासम्मेलन गुर्जर समाज की एकजुटता का कितना बड़ा संदेश देने में सफल होता है और मंच से की जाने वाली घोषणाओं को आगे किस रूप में जमीन पर उतारा जाता है।


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