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जाति जनगणना को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में उठी आवाज, 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान


सामाजिक संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में Census 2027 में BC को शामिल करने की मांग, प्रश्नावली में स्पष्ट प्रावधान की मांग
  Vision Live / नई दिल्ली
जाति आधारित जनगणना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी मांगें सामने रखीं। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘वी द पीपल’, ‘संविधान बचाओ संघर्ष समिति’, ‘ऑल इंडिया फेडरेशन फॉर सोशल जस्टिस’ सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने Census 2027 में पिछड़े वर्गों (BC/OBC) से संबंधित जातिगत जानकारी को स्पष्ट रूप से शामिल किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जाति संबंधी प्रश्नावली में SC और ST के साथ BC को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
वक्ताओं ने विशेष रूप से प्रश्न संख्या 10 में SC, ST के साथ BC को शामिल करने तथा तीनों संवैधानिक श्रेणियों के लिए राज्यवार जातियों की ड्रॉप-डाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग रखी।
Census 2027 में जाति गणना का प्रावधान पहले ही घोषित
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने Census 2027 में जाति-गणना शामिल करने का निर्णय पहले ही घोषित किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार Census 2027 दो चरणों में होगा और जाति की गणना दूसरे चरण यानी Population Enumeration में की जाएगी। दूसरे चरण के प्रश्नों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाना है।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि Census 2027 डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा और जाति की गणना Population Enumeration चरण में की जाएगी।
वक्ताओं ने उठाई पारदर्शी एवं विश्वसनीय जाति जनगणना की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने जाति आधारित जनगणना को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टता और पारदर्शिता की मांग की। उनके अनुसार, जातिगत आंकड़ों की उपलब्धता सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाति जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से स्थिति को लेकर जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि Census 2027 की जाति गणना में पिछड़े वर्गों से संबंधित आंकड़ों को स्पष्ट एवं व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए।
19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ का आह्वान
सामाजिक संगठनों ने जाति जनगणना में ओबीसी हितों की अनदेखी के विरोध में 19 सितंबर को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान किया है। इसके लिए #19SeptemberBlackDay हैशटैग का भी उल्लेख किया गया।
आह्वान के तहत जाति जनगणना में पिछड़े वर्गों की भागीदारी और उनके संबंध में स्पष्ट आंकड़ों को शामिल करने की मांग को सार्वजनिक रूप से उठाने की बात कही गई है।
इन वक्ताओं ने रखी अपनी बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस को डॉ. सूरज यादव मंडल, एडवोकेट बलराज मालिक, डॉ. अरुणेश यादव, पूर्व जज मनोज कुमार, ज्योति माला, शशि बाला यादव, सुनील सरदार, झारखंड राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष राजेश गुप्ता तथा राजनारायण ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने Census 2027 की आगामी जाति गणना में BC/OBC से संबंधित प्रावधानों को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं और सरकार से प्रश्नावली में स्पष्ट व्यवस्था किए जाने की मांग की।
डॉ. शशि यादव ने भी उठाई मांग
कार्यक्रम के संबंध में जारी जानकारी के अनुसार डॉ. शशि यादव ने भी जाति जनगणना में पिछड़े वर्गों की भागीदारी और स्पष्ट आंकड़े दर्ज किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
डॉ. शशि यादव वर्तमान में OBC फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय महासचिव, समाजवादी पार्टी की गौतम बुद्ध नगर महिला सभा की जिला अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा, उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदों का उल्लेख करती हैं।
जाति जनगणना को लेकर अब 19 सितंबर के प्रस्तावित ‘ब्लैक डे’ आह्वान के बाद इस मुद्दे पर सामाजिक संगठनों की गतिविधियों और सरकार की ओर से Census 2027 की जाति संबंधी प्रश्नावली को लेकर सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।


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